यूपी में बाढ़ का खतरा! महराजगंज-कुशीनगर में हाई अलर्ट, 25 शहरों में बारिश; नदियों पर प्रशासन की नजर

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CENTRAL NEWS DESK: नेपाल में आई भीषण फ्लैश फ्लड के बाद उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती जिलों में भी बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। महराजगंज और कुशीनगर में प्रशासन को हाई अलर्ट पर रखा गया है। गंडक और नारायणी नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी की आशंका को देखते हुए अधिकारियों को लगातार निगरानी के निर्देश दिए गए हैं।

महराजगंज-कुशीनगर में हाई अलर्ट, गांवों पर नजर

नेपाल में आई बाढ़ के बाद करीब 2.50 लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने की सूचना है। गंडक बैराज के 36 गेट खोले गए हैं, जिसके चलते नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ने की आशंका है। प्रशासन ने नदी किनारे बसे गांवों को सतर्क किया है और संवेदनशील इलाकों में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की कार्रवाई शुरू की है।

कुशीनगर में एसडीआरएफ को तैनात किया गया है। वहीं महराजगंज में भी प्रशासन और पुलिस की टीमें लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। अधिकारियों ने लोगों से नदी के किनारे न जाने और अफवाहों पर ध्यान नहीं देने की अपील की है।

बारिश से कई जिलों में जलभराव

नेपाल की बाढ़ के अलावा यूपी में लगातार हो रही बारिश ने भी मुश्किलें बढ़ा दी हैं। कई इलाकों में सड़कें जलमग्न हैं और निचले क्षेत्रों में पानी भरने की स्थिति बनी हुई है। लखनऊ और गोरखपुर समेत कई शहरों में बारिश के कारण जनजीवन प्रभावित हुआ है।

27 अगस्त को प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश और आंधी का अलर्ट जारी किया गया है। लखनऊ, कानपुर, वाराणसी समेत कई शहरों में बादल छाए रहने और बारिश की संभावना है।

प्रशासन की नजर फिलहाल गंडक, नारायणी समेत प्रमुख नदियों के जलस्तर पर है। हालांकि सिंचाई विभाग के एक अधिकारी के मुताबिक फिलहाल गंडक के खतरे के निशान से ऊपर जाने की संभावना नहीं जताई गई है, लेकिन हालात पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।

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