कौन हैं सारांश जैन? 33 साल की उम्र में मिला टीम इंडिया का टेस्ट कॉल-अप, 10 साल की मेहनत का इनाम

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CENTRAL NEWS DESK: भारतीय क्रिकेट टीम में एक नए चेहरे की एंट्री हुई है। 33 साल के मध्य प्रदेश के ऑलराउंडर सारांश जैन को पहली बार टेस्ट टीम में शामिल किया गया है। श्रीलंका के खिलाफ होने वाली दो टेस्ट मैचों की सीरीज के लिए घोषित भारतीय टीम में सारांश जैन को जगह मिली है। कप्तान Shubman Gill की अगुआई वाली 15 सदस्यीय टीम में सारांश एकमात्र नया चेहरा हैं। लंबे समय से घरेलू क्रिकेट में लगातार शानदार प्रदर्शन कर रहे सारांश को आखिरकार राष्ट्रीय टीम का बुलावा मिला है। घरेलू क्रिकेट पर नजर रखने वाले फैंस के लिए सारांश का चयन चौंकाने वाला नहीं है। मध्य प्रदेश के इस ऑफ स्पिन ऑलराउंडर ने पिछले कई सीजन में बल्ले और गेंद दोनों से लगातार प्रभाव छोड़ा है।

54 फर्स्ट क्लास मैचों में शानदार रिकॉर्ड

इंदौर में जन्मे सारांश जैन ने 2014-15 सीजन में मध्य प्रदेश के लिए फर्स्ट क्लास क्रिकेट में डेब्यू किया था।

अब तक 54 फर्स्ट क्लास मुकाबलों में सारांश ने:

  • 2000 से ज्यादा रन बनाए हैं।
  • करीब 31 की औसत से बल्लेबाजी की है।
  • 188 विकेट अपने नाम किए हैं।
  • गेंदबाजी में लगभग 27 का औसत बनाए रखा है।

उनका यह प्रदर्शन उन्हें भारत के सबसे भरोसेमंद घरेलू ऑलराउंडरों में शामिल करता है।

क्रिकेट परिवार से ताल्लुक रखते हैं सारांश

सारांश जैन का क्रिकेट से रिश्ता पुराना है। उनके पिता सुबोध जैन भी मध्य प्रदेश के लिए रणजी ट्रॉफी खेल चुके हैं। सारांश के करियर में एक भावुक मोड़ भी आया था। जब वह क्रिकेट दौरे पर ऑस्ट्रेलिया गए हुए थे, उसी दौरान उनके पिता की कैंसर सर्जरी हुई थी। ऑपरेशन के बाद बोलने में परेशानी होने के बावजूद उनके पिता ने उन्हें एक लिखित संदेश भेजा था और क्रिकेट पर ध्यान बनाए रखने के लिए कहा था। सारांश ने उस संदेश को आज तक संभालकर रखा है और इसे अपनी प्रेरणा मानते हैं।

रणजी ट्रॉफी में दिखाया दम

सारांश जैन मध्य प्रदेश की 2021-22 रणजी ट्रॉफी विजेता टीम का हिस्सा थे। उस ऐतिहासिक सीजन में मध्य प्रदेश ने पहली बार रणजी ट्रॉफी का खिताब जीता था। मुंबई के खिलाफ खेले गए फाइनल मुकाबले में सारांश ने 57 रनों की अहम पारी खेली थी। इसके बाद 2022-23 रणजी ट्रॉफी सीजन में उन्होंने 360 रन बनाने के साथ 35 विकेट हासिल किए। इस शानदार प्रदर्शन के लिए उन्हें लाला अमरनाथ अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। अगले रणजी सीजन में भी उनका प्रदर्शन जारी रहा। उन्होंने 518 रन बनाए और 30 विकेट झटके।

दलीप ट्रॉफी में बने प्लेयर ऑफ द सीरीज

सारांश जैन ने 2025 दलीप ट्रॉफी में भी अपनी उपयोगिता साबित की। सेंट्रल जोन की ओर से खेलते हुए उन्होंने 16 विकेट हासिल किए और टीम को खिताब जिताने में अहम भूमिका निभाई। इस प्रदर्शन के लिए उन्हें टूर्नामेंट का प्लेयर ऑफ द सीरीज चुना गया।

इंडिया ए के प्रदर्शन ने दिलाई जगह

सारांश के टेस्ट चयन में हालिया इंडिया ए दौरे का प्रदर्शन सबसे अहम माना जा रहा है। श्रीलंका दौरे पर इंडिया ए के लिए खेलते हुए उन्होंने दो मैचों में 6 विकेट लिए और नाबाद 70 रन की महत्वपूर्ण पारी खेली। स्पिन के लिए मददगार श्रीलंकाई परिस्थितियों में उनके प्रदर्शन ने चयनकर्ताओं को प्रभावित किया।

वॉशिंगटन सुंदर की फिटनेस के बीच मिला मौका

भारत को इस समय एक ऐसे ऑलराउंडर की जरूरत है जो ऑफ स्पिन गेंदबाजी के साथ निचले क्रम में बल्लेबाजी भी कर सके। Washington Sundar टीम में शामिल हैं, लेकिन उनकी फिटनेस को लेकर अभी स्थिति पूरी तरह साफ नहीं है। ऐसे में चयनकर्ताओं ने सारांश जैन को मौका दिया है। वह रविंद्र जडेजा, कुलदीप यादव और मानव सुथार के साथ स्पिन विकल्प को मजबूत करेंगे। अगर सारांश जैन को श्रीलंका के खिलाफ गाले टेस्ट में डेब्यू का मौका मिलता है, तो वह 2021 के बाद भारत के पहले विशेषज्ञ ऑफ स्पिनर होंगे जो टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण करेंगे।

33 साल की उम्र में सपना हुआ पूरा

जहां आजकल युवा खिलाड़ियों को कम उम्र में टीम इंडिया में मौका मिल जाता है, वहीं सारांश जैन की कहानी धैर्य और लगातार मेहनत की मिसाल है। करीब एक दशक तक घरेलू क्रिकेट में प्रदर्शन करने के बाद अब उन्हें भारत की टेस्ट टीम में जगह मिली है। उनका चयन यह साबित करता है कि भारतीय क्रिकेट में लगातार अच्छा प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों के लिए उम्र बाधा नहीं है। अब सभी की नजरें इस बात पर होंगी कि अगर सारांश जैन को टेस्ट डेब्यू का मौका मिलता है, तो वह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपने घरेलू क्रिकेट वाले प्रदर्शन को दोहरा पाते हैं या नहीं।

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