कॉमनवेल्थ गेम 2026: निरूपमा देवी का सपना टूटा, डीएनएफ रहीं; भारोत्तोलन में भारत का लगातार छह पदक जीतने का सिलसिला थमा
CENTRAL NEWS DESK: कॉमनवेल्थ गेम2026 में भारतीय भारोत्तोलन दल की शानदार शुरुआत के बाद मंगलवार को महिलाओं के 63 किलोग्राम वर्ग में बड़ा झटका लगा। पहली बार राष्ट्रमंडल खेलों में हिस्सा ले रहीं 25 वर्षीय निरूपमा देवी सेराम प्रतियोगिता पूरी नहीं कर सकीं और डीएनएफ (डिड नॉट फिनिश) घोषित हो गईं। इसके साथ ही भारोत्तोलन में भारत का लगातार छह पदक जीतने का शानदार सिलसिला भी टूट गया।
मुकाबले से पहले भारतीय दल का आत्मविश्वास सातवें आसमान पर था। मुख्य कोच विजय शर्मा लगातार खिलाड़ियों को तकनीकी सुझाव दे रहे थे, जबकि तीन बार की राष्ट्रमंडल खेल स्वर्ण पदक विजेता मीराबाई चानू वार्म-अप क्षेत्र में निरूपमा का हौसला बढ़ा रही थीं। लेकिन प्रतियोगिता के दौरान निरूपमा अपने प्रदर्शन की लय नहीं पकड़ सकीं।
इससे पहले भारत ने छह स्पर्धाओं में छह पदक जीतकर शानदार प्रदर्शन किया था। मीराबाई चानू ने महिलाओं के 48 किलोग्राम वर्ग में स्वर्ण पदक जीता था। रिशिकांता सिंह, राजा मुथुपांडी, ज्ञानेश्वरी यादव और वल्लुरी अजय बाबू ने रजत पदक हासिल किए, जबकि बिंद्यारानी देवी ने कांस्य पदक अपने नाम किया।
स्नैच में बिगड़ा तालमेल
महिलाओं के 63 किलोग्राम वर्ग के स्नैच मुकाबले में निरूपमा ने पहला प्रयास गंवा दिया। दूसरे प्रयास में उन्होंने 93 किलोग्राम वजन सफलतापूर्वक उठाया, लेकिन तीसरे प्रयास में फिर असफल रहीं। बाद में 95 किलोग्राम का प्रयास भी सफल नहीं हुआ। स्नैच के बाद वह पांचवें स्थान पर थीं।
क्लीन एंड जर्क में बड़ा दांव पड़ा भारी
भारतीय कोचिंग स्टाफ ने क्लीन एंड जर्क में बड़ा दांव खेलते हुए निरूपमा का पहला प्रयास 123 किलोग्राम से शुरू कराया। यह वजन उनके पर्सनल बेस्ट से केवल तीन किलोग्राम कम था। निरूपमा तीनों बार वजन को कंधों तक उठाने में सफल रहीं, लेकिन सिर के ऊपर पूरी तरह नियंत्रित नहीं कर सकीं। दूसरे प्रयास में वजन पीछे गिर गया, जबकि तीसरे और अंतिम प्रयास में भी वह लिफ्ट पूरी नहीं कर सकीं।
लगातार तीन असफल प्रयासों के कारण उनका कुल स्कोर दर्ज नहीं हो सका और उन्हें डीएनएफ घोषित कर दिया गया।

कनाडा की मॉड शैरॉन ने बनाया गेम्स रिकॉर्ड
इस स्पर्धा में कनाडा की ओलंपिक चैंपियन मॉड शैरॉन ने 232 किलोग्राम वजन उठाकर नया गेम्स रिकॉर्ड बनाया और स्वर्ण पदक अपने नाम किया। इंग्लैंड की सारा डेविस स्मेल ने रजत पदक जीता, जबकि नाउरू की फेमिली-क्रिस्टी नोट्टे ने कांस्य पदक हासिल किया।
हालांकि निरूपमा का अभियान निराशाजनक रहा, लेकिन भारोत्तोलन में भारत अब भी छह पदकों के साथ मजबूत स्थिति में है। भारतीय दल को उम्मीद है कि आगामी मुकाबलों में खिलाड़ी फिर से पदकों का सिलसिला शुरू करेंगे और राष्ट्रमंडल खेल 2026 में देश के पदकों की संख्या बढ़ाएंगे।
Avneesh Mishra is a young and energetic journalist. He keeps a keen eye on sports, politics and foreign affairs. Avneesh has done Post Graduate Diploma in TV Journalism.
