दान के पैसे को मंदिर परिसर से बाहर ले जाने से पहले वॉशरूम में छिपाते थे आरोपी

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CENTRAL NEWS DESK: राम मंदिर दान चोरी की जांच तेज हो गई है. गिरफ्तार आरोपियों में से एक ने जांचकर्ताओं को बताया कि पकड़े जाने से बचने के लिए मंदिर परिसर से बाहर ले जाने से पहले चोरी की नकदी को कुछ समय के लिए वॉशरूम में छिपाया जाता था. मीडिया रिपोर्ट्स और पुलिस सूत्रों के मुताबिक, कोर्ट की इजाजत मिलने के बाद स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने गिरफ्तार आरोपियों में से एक, अविनाश शुक्ला से करीब दो घंटे तक पूछताछ की. पूछताछ के दौरान, उसने कथित तौर पर करोड़ों रुपये की चोरी की बात कबूल की और बताया कि आरोपियों ने चोरी को कैसे अंजाम दिया था.

सर्विलांस कैमरे की लोकेशन जानते थे आरोपी
सूत्रों के मुताबिक अविनाश शुक्ला ने जांचकर्ताओं को बताया कि दान की गिनती के दौरान एक व्यक्ति कथित तौर पर कैश निकाल लेता था. जबकि बाकी लोग CCTV कैमरों की नजर से बचने के लिए उसे घेरे रहते थे. आरोप है कि पैसे को पहले वॉशरूम में छिपाया गया और बाद में मौका मिलने पर उसे परिसर से बाहर निकाल लिया गया. जांचकर्ताओं को यह भी बताया गया कि आरोपियों को मंदिर परिसर में लगे सर्विलांस कैमरों की लोकेशन के बारे में पता था, जिससे वे पकड़े जाने से बच जाते थे. म

अनिल मिश्रा थे मुख्य आरोपी
सूत्रों के अनुसार, अविनाश शुक्ला ने दावा किया कि अनिल मिश्रा ने दान की गिनती की प्रक्रिया में अहम भूमिका निभाई थी और ट्रस्ट के अधिकारियों से करीबी संबंध होने के कारण आरोपियों की ज़्यादा जांच-पड़ताल नहीं हुई. मिश्रा और श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने पिछले हफ्ते अपने पदों से इस्तीफा दे दिया. SIT दोनों से पहले ही पूछताछ कर चुकी है. किसी भी गड़बड़ी में दोनों में से किसी के भी शामिल होने के बारे में कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है और जांच जारी है.

टिन्नू के पास से मिली उस कमरे की चाबी, जहां होती थी गिनती
जांच करने वाले अधिकारी मंदिर के दान की गिनती वाले कमरे तक पहुंचने के रास्ते की भी जांच कर रहे हैं. सूत्रों के मुताबिक गिरफ्तार आरोपी रामाशंकर उर्फ ​​टिन्नू यादव के पास कथित तौर पर गिनती वाले कमरे की एक चाबी थी. जबकि दूसरी चाबी गिनती की प्रक्रिया में शामिल बैंक कर्मचारियों के पास थी. नकद दान की गिनती का काम SBI के अधिकार में है, जिसने इस काम के लिए एक प्राइवेट एजेंसी को लगाया है. नकद दान चार दान-पेटियों में जमा किया जाता है और 14 लोगों की एक टीम इसकी गिनती करती है, जिसमें 11 बैंक कर्मचारी और तीन मंदिर ट्रस्ट के सदस्य शामिल होते हैं. SIT इस बात की जांच कर रही है कि क्या कोई मिलीभगत थी, जिसकी वजह से दान की रकम का कथित तौर पर गबन किया जा सका, और वह गिनती की प्रक्रिया से जुड़े बैंक कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच कर रही है.

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