सत्येंद्र जैन समेत 6 गिरफ्तार, दिल्ली जल बोर्ड STP टेंडर में कथित गड़बड़ी का आरोप

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CENTRAL NEWS DESK: दिल्ली सरकार की एंटी करप्शन ब्रांच (ACB) ने दिल्ली जल बोर्ड के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) से जुड़े टेंडर में कथित अनियमितताओं के मामले में पूर्व मंत्री और आम आदमी पार्टी नेता सत्येंद्र कुमार जैन समेत 6 लोगों को गिरफ्तार किया है। सभी गिरफ्तारियां 18 अगस्त को हुईं।

गिरफ्तार आरोपियों में दिल्ली जल बोर्ड के पूर्व CEO और IAS अधिकारी उदित प्रकाश राय, पूर्व कॉन्ट्रैक्चुअल कंसल्टेंट अंकित श्रीवास्तव और निजी क्षेत्र से जुड़े नागेंद्र यादव, राजा कुमार कुर्रा और पंकज वर्मा शामिल हैं।

STP टेंडर की शर्तों में बदलाव का आरोप

ACB की जांच दिल्ली जल बोर्ड के STP के अपग्रेड और ऑगमेंटेशन से जुड़े टेंडर पर केंद्रित है। एजेंसी का आरोप है कि टेंडर की तकनीकी शर्तों में इस तरह बदलाव किए गए, जिससे एक खास तकनीक उपलब्ध कराने वाली कंपनी को फायदा मिल सके और दूसरी कंपनियों के लिए प्रतिस्पर्धा सीमित हो जाए।

ED ने भी अपनी 2025 की जांच में आरोप लगाया था कि टेंडर की शर्तों को ‘IFAS technology with fixed media’ तक सीमित किया गया, जिससे एक कंपनी को तकनीक की आपूर्ति में बढ़त मिली।

पायलट स्टडी नहीं कराने पर भी सवाल

ACB के मुताबिक, STP प्रोजेक्ट में जिस तकनीक को प्राथमिकता दी गई, उससे पहले प्रस्तावित पायलट स्टडी नहीं कराई गई। जांच एजेंसी का आरोप है कि इसके बावजूद टेंडर में तकनीक और मीडिया से जुड़ी ऐसी शर्तें शामिल की गईं, जिनसे प्रतिस्पर्धा सीमित हुई।

एजेंसी टेंडर की तकनीकी शर्तों में किए गए बदलाव और बाद में जारी किए गए संशोधनों की भी जांच कर रही है।

WhatsApp चैट और इलेक्ट्रॉनिक सबूत भी जांच में

ACB ने निजी कंपनियों से जुड़े लोगों, बिचौलियों और सरकारी अधिकारियों के बीच हुई बातचीत को भी जांच का हिस्सा बनाया है। एजेंसी के मुताबिक, इन बातचीत में टेंडर की शर्तों, संशोधनों और STP प्रोजेक्ट से जुड़े दस्तावेजों पर चर्चा हुई थी।

जांच में राजा कुमार कुर्रा, नागेंद्र यादव और अंकित श्रीवास्तव के बीच हुई बातचीत का भी उल्लेख किया गया है। ACB का दावा है कि कुछ शर्तें और दस्तावेज बाद में टेंडर प्रक्रिया में शामिल किए गए।

1.52 करोड़ रुपये के कथित लेन-देन की जांच

ACB के मुताबिक, जांच में करीब 1.52 करोड़ रुपये के कथित वित्तीय लेन-देन का भी पता चला है। एजेंसी का आरोप है कि यह रकम निजी संस्थाओं के जरिए तत्कालीन DJB CEO उदित प्रकाश राय और उनके रिश्तेदारों के बैंक खातों तक पहुंची।

जांच एजेंसी का कहना है कि इस रकम के स्रोत और इसके आगे इस्तेमाल की भी जांच की जा रही है। ACB पूरे मनी ट्रेल और कथित रिश्वत के लेन-देन की पड़ताल कर रही है।

2024 में दर्ज हुई थी FIR

यह मामला 11 मई 2024 को ACB में दर्ज FIR से जुड़ा है। जांच में भ्रष्टाचार निवारण कानून के साथ धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात और आपराधिक साजिश से जुड़ी धाराओं के तहत आरोपों की जांच की जा रही है। ACB का कहना है कि अब तक सामने आए सबूतों के आधार पर छह लोगों को गिरफ्तार किया गया है और जांच अभी जारी है।

ED पहले ही दाखिल कर चुकी है प्रॉसिक्यूशन शिकायत

दिल्ली जल बोर्ड के इसी STP टेंडर मामले में ED ने दिसंबर 2025 में 14 आरोपियों के खिलाफ PMLA के तहत प्रॉसिक्यूशन शिकायत दाखिल की थी। ED ने उस जांच में करीब 17.70 करोड़ रुपये के कथित अपराध से जुड़े धन और 15.36 करोड़ रुपये की संपत्तियों के प्रोविजनल अटैचमेंट का भी उल्लेख किया था।

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