राम मंदिर चढ़ावा मामला: ‘साधु-संतों की कोई संलिप्तता नहीं’, योगी आदित्यनाथ का बड़ा बयान

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CENTRAL NEWS DESK: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राम मंदिर चढ़ावा मामले पर बड़ा बयान देते हुए कहा कि एसआईटी जांच में किसी भी साधु-संत की संलिप्तता नहीं पाई गई है। उन्होंने कहा कि श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अनुरोध पर राज्य सरकार ने विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया था और जांच में स्पष्ट हो गया कि इस मामले में संत समाज का कोई संबंध नहीं है।

ट्रस्ट के अनुरोध पर बनी थी एसआईटी

विधानमंडल सत्र के दूसरे दिन मीडिया से बातचीत में मुख्यमंत्री ने बताया कि 13 जून को ट्रस्ट के अनुरोध पर एसआईटी गठित की गई थी। जांच दल ने 23 जून को अपनी पहली अंतरिम रिपोर्ट सरकार को सौंपी, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई की गई।

8 आरोपी गिरफ्तार, 6 पर धनराशि में गड़बड़ी का आरोप

मुख्यमंत्री ने बताया कि अयोध्या में दर्ज एफआईआर के आधार पर अब तक 8 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें से 6 लोगों की भूमिका चढ़ावे की धनराशि में कथित गड़बड़ी करने में सामने आई है। उन्होंने कहा कि राम मंदिर परिसर में 1100 से अधिक कर्मचारी कार्यरत हैं और केवल कुछ कर्मचारियों की भूमिका सामने आने पर पूरे संत समाज को कटघरे में खड़ा करना अनुचित है।

सपा पर साधा निशाना

योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि यह मामला सर्वोच्च न्यायालय की निगरानी में है, इसके बावजूद विपक्ष ने सदन में इसे उठाकर न्यायिक प्रक्रिया और सदन की गरिमा का उल्लंघन किया। उन्होंने कहा कि विपक्ष ने इसे ‘चंदा चोरी’ का मामला बताया, जबकि यह चढ़ावे से जुड़ा प्रकरण है। मुख्यमंत्री के अनुसार, सपा और कांग्रेस लगातार भगवान श्रीराम, रामजन्मभूमि और सनातन परंपरा का अपमान करती रही हैं और अब आस्था के नाम पर राजनीति कर रही हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार निष्पक्ष जांच के लिए प्रतिबद्ध है और दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई जारी रहेगी।

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