सीजेपी प्रदर्शन पर फर्जी पोस्ट हटाने के निर्देश: दिल्ली पुलिस ने फ़ेसबुक, इंस्टाग्राम, एक्स और यूट्यूब को भेजा नोटिस

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CENTRAL NEWS DESK: राजधानी दिल्ली में सीजेपी (कॉकरोच जनता पार्टी) के नेतृत्व में हुए छात्र प्रदर्शनों के दौरान सोशल मीडिया पर फैलाई गई कथित फ़र्ज़ी और भ्रामक सामग्री को लेकर दिल्ली पुलिस ने बड़ा कदम उठाया है। पुलिस ने फ़ेसबुक, इंस्टाग्राम, एक्स और यूट्यूब समेत चार प्रमुख सोशल मीडिया मंचों को नोटिस जारी कर फ़र्ज़ी पोस्ट, डीपफेक वीडियो और भ्रामक सामग्री हटाने के निर्देश दिए हैं।

दिल्ली पुलिस के अनुसार, प्रदर्शन के दौरान हजारों फ़र्ज़ी पोस्ट, एडिट किए गए वीडियो और भ्रामक सामग्री सोशल मीडिया पर साझा की गई, जिससे गलत जानकारी फैली और माहौल प्रभावित हुआ। पुलिस का कहना है कि कुछ सोशल मीडिया आधारित समाचार मंचों ने भी इस सामग्री को बढ़ावा दिया।

आईएफएसओ ने जारी किए नोटिस

दिल्ली पुलिस की इंटेलिजेंस फ़्यूज़न एंड स्ट्रैटेजिक ऑपरेशंस (आईएफएसओ) इकाई ने सोशल मीडिया मंचों को नोटिस भेजकर चिन्हित पोस्ट और वीडियो हटाने को कहा है। पुलिस ने बताया कि उसे विभिन्न पक्षों से शिकायतें मिली थीं, जिनके आधार पर कई मामलों की जांच जारी है।

सीजेपी ने खत्म किया था 36 दिन का आंदोलन

यह कार्रवाई ऐसे समय हुई है, जब सीजेपी ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद जंतर-मंतर पर चल रहा अपना 36 दिन का आंदोलन समाप्त कर दिया था। केंद्र सरकार ने सीजेपी की प्रमुख मांगों पर सहमति जताई थी। इनमें धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, प्रदर्शनकारियों पर दर्ज एफआईआर वापस लेने, प्रतिशोधात्मक कार्रवाई नहीं करने और परीक्षा प्रणाली में सुधार पर विचार करने का आश्वासन शामिल था। सरकार ने कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद लिखित मसौदा देने की भी बात कही थी।

फिर आंदोलन शुरू करने की चेतावनी

हालांकि, सीजेपी ने सरकार को चेतावनी दी है कि यदि एफआईआर वापस लेने और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं करने का वादा पूरा नहीं हुआ, तो वह दोबारा देशव्यापी आंदोलन शुरू करेगी। संगठन का दावा है कि उसे आशंका है कि उच्चतम न्यायालय के अंतरिम आदेश का इस्तेमाल कुछ छात्रों के खिलाफ मामलों को जारी रखने के लिए किया जा सकता है।

उच्चतम न्यायालय ने दी अंतरिम राहत

इस बीच, उच्चतम न्यायालय ने छात्र प्रदर्शनकारियों को अंतरिम राहत देते हुए राज्यों को निर्देश दिया है कि 18 वर्ष से कम आयु के और जिनका कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है, ऐसे हिरासत में लिए गए छात्रों को रिहा किया जाए। साथ ही न्यायालय ने दिल्ली के जंतर-मंतर और अन्य राज्यों में सीजेपी से जुड़े प्रदर्शनों के मामलों में दर्ज एफआईआर पर फिलहाल कोई कठोर कार्रवाई नहीं करने का आदेश भी दिया है।

सीजेपी ने सरकार से सभी गिरफ्तार प्रदर्शनकारियों की रिहाई, सभी आपराधिक मामले वापस लेने और भविष्य में नई एफआईआर दर्ज नहीं करने का लिखित आश्वासन भी मांगा है।

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