भारत-चीन सीमा विवाद पर बनी 8 सूत्रीय सहमति, शी चिनफिंग के दौरे से पहले बढ़ी बातचीत

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CENTRAL NEWS DESK: भारत और चीन के बीच सीमा विवाद को लेकर बातचीत आगे बढ़ाने की दिशा में अहम सहमति बनी है। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और चीन के विदेश मंत्री वांग यी के बीच बीजिंग में हुई बैठक के बाद दोनों देशों ने बुधवार को संयुक्त बयान जारी किया। इसमें सीमा प्रबंधन, LAC पर स्थिति और दोनों देशों के बीच सहयोग समेत कई मुद्दों पर सहमति जताई गई।

यह बैठक ऐसे समय हुई है जब चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग के अगले महीने भारत दौरे की संभावना है। ऐसे में डोभाल और वांग यी की बातचीत को दोनों देशों के संबंधों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

सीमा विवाद पर जल्द और ठोस नतीजे लाने पर जोर

भारत और चीन ने सीमा निर्धारण से जुड़े मुद्दों पर बातचीत को आगे बढ़ाने और जल्द ठोस नतीजे हासिल करने पर सहमति जताई है। दोनों पक्षों ने सीमा प्रबंधन को बेहतर बनाने के लिए अतिरिक्त बैठक स्थलों और हॉटलाइन की व्यवस्था बढ़ाने पर भी चर्चा की। संयुक्त बयान में LAC को लेकर दोनों देशों की समझ बेहतर करने और सीमा पर किसी भी स्थिति का समाधान राजनयिक और सैन्य माध्यमों से करने पर जोर दिया गया है।

LAC पर गलतफहमी रोकने की कोशिश

दोनों देशों ने माना कि जमीनी स्तर पर पैदा होने वाली किसी भी स्थिति का समाधान मौजूदा संवाद तंत्र के जरिए किया जाना चाहिए। इसमें WMCC, स्थानीय कमांडर स्तर की बैठकें और अन्य सहमत तंत्र शामिल हैं। इसका उद्देश्य लंबित मुद्दों को सुलझाने के साथ-साथ LAC पर गलतफहमी और गलत आकलन की स्थिति को रोकना है।

सीमा पार व्यापार और नदियों पर भी सहयोग

बैठक में सीमा-पार व्यापार को बढ़ावा देने और नदियों से जुड़े सहयोग को आगे बढ़ाने पर भी सहमति बनी। दोनों पक्षों ने सीमा क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के तरीकों पर चर्चा की। इसके अलावा सीमा से जुड़े मुद्दों पर संपर्क बेहतर करने के लिए दो अतिरिक्त सैन्य हॉटलाइन चैनल स्थापित करने पर भी सहमति बनी है।

कैलाश-मानसरोवर यात्रा पर चीन के प्रयासों की सराहना

संयुक्त बयान में कैलाश-मानसरोवर यात्रा का भी जिक्र किया गया। भारतीय पक्ष ने चीन के तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र में यात्रा के लिए भारतीय आधिकारिक तीर्थयात्री जत्थों की संख्या बढ़ाने की दिशा में चीनी पक्ष की ओर से किए गए प्रयासों की सराहना की। कुल मिलाकर, डोभाल-वांग यी बैठक के बाद सामने आया संयुक्त बयान भारत और चीन के बीच सीमा विवाद को बातचीत के जरिए आगे बढ़ाने और LAC पर तनाव कम करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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