टेलीग्राम पर केंद्र सरकार की बड़ी कार्रवाई, पायरेटेड फिल्में और ओटीटी कंटेंट हटाने का अल्टीमेटम; 15 दिन में मांगी एक्शन रिपोर्ट

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CENTRAL NEWS DESK: देश में बढ़ती डिजिटल पायरेसी पर केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाते हुए मैसेजिंग प्लेटफॉर्म टेलीग्राम को सख्त नोटिस जारी किया है। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने टेलीग्राम को निर्देश दिया है कि वह अपनी ऐप पर उपलब्ध पायरेटेड फिल्मों, वेब सीरीज और ओटीटी कंटेंट के खिलाफ तत्काल प्रभाव से कार्रवाई करे और 15 दिनों के भीतर एक्शन टेकन रिपोर्ट सरकार को सौंपे। यह कदम फिल्म इंडस्ट्री, ओटीटी प्लेटफॉर्म, ब्रॉडकास्टर्स, प्रोड्यूसर्स और कंटेंट क्रिएटर्स के हितों की सुरक्षा के लिए उठाया गया है।

सरकारी सूत्रों के अनुसार, पिछले कुछ समय से कई ओटीटी प्लेटफॉर्म और कंटेंट मालिकों ने शिकायत की थी कि उनकी कॉपीराइट सामग्री टेलीग्राम के हजारों चैनलों पर अवैध रूप से शेयर की जा रही है। इससे फिल्म उद्योग को करोड़ों रुपये का नुकसान हो रहा है और नई रिलीज होने वाली फिल्मों की कमाई पर भी सीधा असर पड़ रहा है।

3,100 से ज्यादा पायरेटेड चैनलों पर कार्रवाई के निर्देश

सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने पहले भी टेलीग्राम को 3,142 पायरेटेड चैनलों के खिलाफ कार्रवाई का निर्देश दिया था। इन चैनलों पर 1,100 से अधिक फिल्मों, वेब सीरीज और अन्य कॉपीराइट कंटेंट को बिना अनुमति साझा किया जा रहा था। सरकार ने अब एक बार फिर स्पष्ट कर दिया है कि यदि प्लेटफॉर्म समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं करता तो उसके खिलाफ सूचना प्रौद्योगिकी कानून के तहत आगे की कार्रवाई की जा सकती है।

पायरेसी पर सख्त कानून लागू

सरकार ने हाल के वर्षों में सिनेमैटोग्राफ संशोधन अधिनियम और सूचना प्रौद्योगिकी नियमों के जरिए पायरेसी रोकने के लिए कानूनी प्रावधान और मजबूत किए हैं। नियमों के अनुसार किसी भी डिजिटल प्लेटफॉर्म को कॉपीराइट का उल्लंघन करने वाली सामग्री हटानी होगी। ऐसा न करने पर कानूनी कार्रवाई, भारी जुर्माना और अन्य दंडात्मक कदम उठाए जा सकते हैं।

क्रिएटर इकॉनमी को बचाने की कोशिश

सरकारी अधिकारियों का कहना है कि भारत की तेजी से बढ़ती क्रिएटर इकॉनमी और डिजिटल मनोरंजन उद्योग को सुरक्षित रखना सरकार की प्राथमिकता है। फिल्मों और वेब सीरीज की पायरेसी से न केवल निर्माता और ओटीटी कंपनियां प्रभावित होती हैं, बल्कि हजारों कलाकारों, तकनीशियनों और अन्य कर्मचारियों की आजीविका पर भी असर पड़ता है। इसी वजह से सरकार ने टेलीग्राम को तुरंत प्रभाव से अवैध कंटेंट हटाने के निर्देश दिए हैं।

टेलीग्राम पहले भी रहा जांच के दायरे में

हाल के महीनों में टेलीग्राम विभिन्न मामलों को लेकर सरकारी एजेंसियों की निगरानी में रहा है। गृह मंत्रालय और अन्य एजेंसियों ने प्लेटफॉर्म पर साइबर धोखाधड़ी, अवैध सामग्री और कॉपीराइट उल्लंघन जैसी गतिविधियों को लेकर चिंता जताई थी। इसके अलावा सरकार ने यूजर पहचान छिपाने वाली सुविधाओं और उनके संभावित दुरुपयोग को लेकर भी टेलीग्राम से जवाब मांगा है।

15 दिन में देना होगा जवाब

सरकार ने स्पष्ट किया है कि टेलीग्राम को निर्धारित समय सीमा के भीतर यह बताना होगा कि उसने पायरेटेड कंटेंट हटाने, संबंधित चैनलों पर कार्रवाई करने और भविष्य में ऐसी गतिविधियों को रोकने के लिए कौन-कौन से कदम उठाए हैं। यदि रिपोर्ट संतोषजनक नहीं पाई गई तो सरकार आगे की कानूनी कार्रवाई पर भी विचार कर सकती है।

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