राम मंदिर चढ़ावा चोरी केस में बड़ा खुलासा: आरोपी अविनाश शुक्ला के ठिकाने से मिला ‘रामराज्य कोष’ का बक्सा, आलीशान घर और गिनती सिस्टम पर उठे सवाल

0
fbgkdfgmd

CENTRAL NEWS DESK: राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जांच अब हर दिन नए खुलासे कर रही है। करोड़ों रुपये के चढ़ावे में कथित गड़बड़ी की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) को अब मुख्य आरोपी अविनाश शुक्ला से जुड़े कई अहम सुराग मिले हैं। हाल ही में अविनाश के ठिकाने पर हुई छापेमारी के दौरान पुलिस ने एक ऐसा बक्सा बरामद किया, जिस पर लाल रंग से ‘रामराज्य कोष’ लिखा हुआ था और उस पर पेटीएम का क्यूआर कोड भी लगा था। इस बरामदगी के बाद जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस बक्से का इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया जा रहा था और इसका चोरी के मामले से कोई संबंध है या नहीं।

योग सेंटर से मिला संदिग्ध बक्सा

पुलिस के मुताबिक आरोपी अविनाश शुक्ला अयोध्या के कौशलपुरी क्षेत्र स्थित एक योग सेंटर में अपने बड़े भाई अभिषेक के साथ रहता था। छापेमारी के दौरान पुलिस ने उसके कमरे से एक बड़ा संदूक बरामद किया। इसी संदूक के अंदर एक काले रंग का बैग और ‘रामराज्य कोष’ लिखा छोटा बक्सा मिला, जिसने जांच को नई दिशा दे दी। इस कार्रवाई का वीडियो भी अब सामने आया है, जिसमें पुलिस टीम संदूक की तलाशी लेते हुए दिखाई दे रही है। फिलहाल इस बरामद सामान की फोरेंसिक और तकनीकी जांच कराई जा रही है।

योग प्रशिक्षिका ने क्या बताया

योग सेंटर में रहने वाली प्रशिक्षिका सीमा तिवारी ने बताया कि अविनाश को उसका भाई अभिषेक यहां लेकर आया था। अभिषेक पिछले करीब दस वर्षों से वहीं रह रहा था, जबकि अविनाश लगभग डेढ़ वर्ष पहले वहां आया था। कुछ समय बाद उसकी नौकरी राम मंदिर में चढ़ावे की गिनती से जुड़े कार्य में लग गई। उन्होंने बताया कि 5 जून को पुलिस जांच के लिए सेंटर पहुंची थी। इसके बाद सेंटर की बदनामी से बचने के लिए अविनाश को वहां से जाने के लिए कह दिया गया।

जेल में दर्ज किया गया आरोपी का बयान

मामले की जांच को आगे बढ़ाते हुए अदालत की अनुमति मिलने के बाद जिला कारागार में बंद आरोपी अविनाश शुक्ला का बयान भी दर्ज किया गया। विवेचक ने अदालत को बताया था कि आरोपी के घर से बैंक पासबुक सहित कई महत्वपूर्ण दस्तावेज मिले हैं, जिनकी सत्यता की पुष्टि के लिए आरोपी से पूछताछ आवश्यक है। विशेष न्यायाधीश भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की अदालत ने जांच अधिकारी को जेल में बयान दर्ज करने की अनुमति दी, जिसके बाद कई घंटे तक पूछताछ की गई।

पहले भी पूछताछ में सामने आए थे चौंकाने वाले खुलासे

जांच से जुड़े सूत्रों के अनुसार, इससे पहले हुई पूछताछ में आरोपी ने कथित तौर पर बताया था कि चढ़ावे की गिनती के दौरान नकदी निकालकर पहले वॉशरूम में छिपाई जाती थी और बाद में मौका देखकर मंदिर परिसर से बाहर पहुंचा दी जाती थी। आरोपियों को मंदिर परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की लोकेशन की भी पूरी जानकारी थी, जिससे वे कैमरों की नजर से बचने की कोशिश करते थे। हालांकि इन दावों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।

प्रतापगढ़ गांव पहुंची टीम, बदला मिला परिवार का रहन-सहन

जांच का दायरा अब प्रतापगढ़ जिले के महेशगंज थाना क्षेत्र स्थित बाबूपुर गांव तक पहुंच गया है, जहां आरोपी अविनाश शुक्ला का पैतृक घर है। स्थानीय लोगों के अनुसार, कुछ समय पहले तक परिवार कच्चे मकान में रहता था, लेकिन हाल के महीनों में गांव में नया पक्का और आलीशान मकान तैयार किया गया। जांच एजेंसियां अब इस बात की भी पड़ताल कर रही हैं कि इस निर्माण के लिए धन कहां से आया। जब मीडिया टीम गांव पहुंची तो परिवार के लोग घर के अंदर ही रहे और किसी ने बाहर आकर बातचीत नहीं की। पूरा परिवार अंदर से दरवाजा बंद किए रहा।

किसान का बेटा, मंदिर में मिली थी जिम्मेदारी

जानकारी के अनुसार अविनाश शुक्ला किसान राम सजीवन शुक्ला का बेटा है और पांच भाइयों में दूसरे नंबर पर है। उसका बड़ा भाई अभिषेक अयोध्या में शिक्षक बताया जाता है। करीब दो वर्ष पहले अविनाश भी रोजगार की तलाश में अयोध्या पहुंचा था, जहां उसे राम मंदिर में चढ़ावे की गिनती से जुड़ा कार्य मिला। इसी दौरान कथित चोरी का मामला सामने आया और जांच एजेंसियों ने कार्रवाई तेज कर दी।

दस्तावेजों और बैंक खातों की भी जांच

एसआईटी अब आरोपी के बैंक खातों, वित्तीय लेन-देन, संपत्ति, मोबाइल रिकॉर्ड, डिजिटल भुगतान और बरामद दस्तावेजों की गहन जांच कर रही है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि कहीं चोरी की रकम को अलग-अलग माध्यमों से ठिकाने लगाने की कोशिश तो नहीं की गई। जांच अधिकारी इस पूरे नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रहे हैं।

मंदिर की चढ़ावा गिनती व्यवस्था भी जांच के दायरे में

राम मंदिर में नकद चढ़ावे की गिनती एक निर्धारित प्रक्रिया के तहत की जाती है। इसमें बैंक कर्मचारियों और ट्रस्ट के प्रतिनिधियों की संयुक्त टीम शामिल रहती है। अब जांच एजेंसियां यह भी पता लगा रही हैं कि क्या पूरी प्रक्रिया के दौरान किसी स्तर पर लापरवाही या मिलीभगत हुई थी, जिसकी वजह से कथित तौर पर करोड़ों रुपये के चढ़ावे में गड़बड़ी संभव हो सकी।

फिलहाल एसआईटी की जांच लगातार जारी है। पुलिस का कहना है कि बरामद दस्तावेजों, डिजिटल साक्ष्यों, बैंक रिकॉर्ड और आरोपियों के बयानों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। मामले में अभी कई महत्वपूर्ण पहलुओं की जांच बाकी है और आने वाले दिनों में और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed