कानपुर कारोबारी हत्याकांड में नया खुलासा, बेटे को हत्यारे ने किए थे 6 कॉल; नई सिम से संपर्क ने बढ़ाया शक
CENTRTAL NEWS DESK: दवा कारोबारी विनीत मिनोचा की हत्या की जांच में पुलिस को एक ऐसा सुराग मिला है, जिसने मामले को और पेचीदा कर दिया है। पुलिस के मुताबिक, हत्या से ठीक पहले एक नई सिम का इस्तेमाल कर कथित शूटर ने कारोबारी के बेटे सुब्रत से छह बार फोन पर बात की थी। अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि आखिर हत्या की साजिश से जुड़े नंबर से सुब्रत को कॉल क्यों किए गए।
63 वर्षीय विनीत मिनोचा की 5 सितंबर को उनके फ्लैट में हत्या कर दी गई थी। रिपोर्ट के मुताबिक, उनके शरीर पर चाकू से 26 वार किए गए थे। घटना के वक्त उनका बेटा सुब्रत अपनी पत्नी शालू और बच्चे के साथ बाहर गया हुआ था। परिवार करीब रात तीन बजे घर लौटा, जहां कारोबारी को बेडरूम में खून से लथपथ पाया गया। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई।
नई सिम और छह कॉल से उलझी जांच
पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल के मुताबिक, कथित शूटर विशाल गौतम ने 3 सितंबर को नई सिम खरीदी थी, यानी हत्या से दो दिन पहले। जांच में सामने आया कि इसी नंबर से शालू से संपर्क किया गया था। लेकिन इसी नंबर से सुब्रत को भी छह कॉल किए जाने की जानकारी सामने आई है।
पुलिस अब यह समझने की कोशिश कर रही है कि अगर हत्या की साजिश शालू ने रची थी और विशाल ने वारदात को अंजाम देने के लिए नया नंबर लिया था, तो उसी नंबर से सुब्रत से संपर्क क्यों किया गया।
309 बार हुई सुब्रत और विशाल की बातचीत
जांच के दौरान पुलिस ने सुब्रत, शालू और विशाल से जुड़े सात मोबाइल नंबरों की कॉल डिटेल खंगाली। 1 मई से 6 सितंबर तक के रिकॉर्ड की जांच की गई, जो करीब एक हजार पन्नों में हैं।
पुलिस के अनुसार, इस दौरान सुब्रत और विशाल के बीच 309 बार बातचीत हुई। इन कॉल रिकॉर्ड के आधार पर पुलिस सुब्रत की संभावित भूमिका और हत्या से पहले दोनों के बीच संपर्क की वजह की जांच कर रही है।
बहू पर हत्या की साजिश का आरोप
पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और जांच के आधार पर परिवार के पूर्व कर्मचारी विशाल गौतम और उसके साथी राज किशोर को गिरफ्तार किया था। पुलिस के मुताबिक, विशाल ने पूछताछ में दावा किया कि उसे विनीत मिनोचा की हत्या के लिए उनकी बहू शालू ने कथित तौर पर छह लाख रुपये देने का वादा किया था।
जांच एजेंसियों के अनुसार, शालू ने कथित तौर पर हत्या की योजना बनाई और विशाल को घर की डुप्लीकेट चाबी भी उपलब्ध कराई।
पार्टी के लिए निकलते ही घर पहुंच गए थे आरोपी
जांच के मुताबिक, 4 सितंबर को जन्माष्टमी के दौरान शालू ने विशाल को कुछ सामान देने के बहाने बुलाया और कथित तौर पर हत्या की योजना को अंतिम रूप दिया। इसके अगले दिन शालू और सुब्रत बच्चे के साथ पार्टी के लिए घर से निकले। पुलिस का आरोप है कि उनके जाने के कुछ ही देर बाद विशाल और राज किशोर फ्लैट पहुंचे।
सुरक्षा गार्ड मदन ने दोनों को रोकने की कोशिश की। इसके बाद विशाल ने कथित तौर पर फोन पर शालू की गार्ड से बात कराई। पुलिस के अनुसार, शालू ने दोनों को दवा पहुंचाने आए लोगों के रूप में अंदर जाने देने को कहा।
CCTV को लेकर था विवाद
पुलिस के अनुसार, शालू ने शुरुआत में जांच को भटकाने की कोशिश की, लेकिन बाद में उसने हत्या में अपनी कथित भूमिका स्वीकार की। पुलिस का कहना है कि घर में लगातार सीसीटीवी निगरानी, देर रात बाहर जाने को लेकर ससुर की आपत्ति और घरेलू खर्च को लेकर मतभेद से वह नाराज थी।
मामले में शालू समेत तीन लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। वहीं, सुब्रत से जुड़े छह कॉल और विशाल के साथ उसकी 309 बार हुई बातचीत ने जांच का दायरा और बढ़ा दिया है। पुलिस अब इन संपर्कों की कड़ियों को जोड़कर यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि हत्या की पूरी साजिश में किसकी क्या भूमिका थी।
Avneesh Mishra is a young and energetic journalist. He keeps a keen eye on sports, politics and foreign affairs. Avneesh has done Post Graduate Diploma in TV Journalism.
