चमोली की निर्माणाधीन टनल में घुसा पानी और मलबा, कई मजदूर फंसे; रेस्क्यू ऑपरेशन जारी
CENTRAL NEWS DESK: उत्तराखंड के चमोली जिले के पीपलकोटी में गुरुवार शाम एक निर्माणाधीन हाइड्रोपावर टनल में अचानक पानी और मलबा घुसने से बड़ा हादसा हो गया। यह टनल THDC की 444 मेगावाट विष्णुगाड-पीपलकोटी जलविद्युत परियोजना से जुड़ी है। हादसे के बाद टनल के अंदर काम कर रहे कई मजदूर फंस गए। बचाव एजेंसियां युद्धस्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन चला रही हैं।
अचानक आया पानी और मलबा
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, पीपलकोटी के मायापुर क्षेत्र में शाम करीब 6:30 से 7:05 बजे के बीच टनल के अंदर अचानक पानी और मलबा आने की सूचना मिली। पुलिस और प्रशासन के अनुसार, टनल के करीब 1.8 किलोमीटर हिस्से में अचानक मलबा और पानी आने से वहां मौजूद मजदूरों को बाहर निकलने में मुश्किल हुई।

हादसे के समय टनल के अंदर मौजूद मजदूरों की संख्या को लेकर शुरुआती रिपोर्टों में अलग-अलग आंकड़े सामने आए हैं। कुछ रिपोर्टों में 18 से 19 मजदूरों के अंदर होने की जानकारी दी गई, जबकि बाद की रिपोर्टों में रेस्क्यू किए गए और अंदर फंसे लोगों की संख्या को लेकर भी अपडेट बदलते रहे हैं। इसलिए अंतिम संख्या की पुष्टि प्रशासन के आधिकारिक अपडेट से ही होगी।
अब तक कई मजदूर सुरक्षित निकाले गए
हादसे की सूचना मिलते ही NDRF, SDRF, पुलिस, फायर सर्विस और अन्य बचाव दल मौके पर पहुंच गए। शुरुआती चरण में 13 मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाले जाने की सूचना मिली थी। बाद के अपडेट में यह संख्या बढ़कर 16 तक पहुंचने की जानकारी सामने आई, जबकि कुछ मजदूरों के अभी भी अंदर फंसे होने की आशंका जताई गई। रेस्क्यू टीमों का मुख्य फोकस टनल के अंदर फंसे मजदूरों तक सुरक्षित पहुंच बनाना और मलबा हटाकर उन्हें बाहर निकालना है।

NDRF-SDRF के साथ सेना और ITBP भी तैयार
प्रशासन ने राहत एवं बचाव अभियान में कई एजेंसियों को लगाया है। NDRF और SDRF की टीमें मौके पर काम कर रही हैं। जरूरत को देखते हुए सेना और ITBP की अतिरिक्त टीमों को भी क्षेत्र में भेजे जाने की जानकारी सामने आई है। टनल के अंदर पानी और मलबे की स्थिति को देखते हुए बचाव अभियान चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। भारी मशीनरी की मदद से मलबा हटाने का काम भी जारी है।
CM धामी ने दिए युद्धस्तर पर रेस्क्यू के निर्देश
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने घटना की जानकारी मिलने के बाद अधिकारियों को राहत और बचाव अभियान तेज करने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन को निर्देश दिया गया है कि टनल में फंसे सभी लोगों को सुरक्षित निकालना सर्वोच्च प्राथमिकता हो। जिलाधिकारी गौरव कुमार समेत जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचकर रेस्क्यू ऑपरेशन की निगरानी कर रहे हैं। मेडिकल टीमों को भी अलर्ट रखा गया है।
बारिश और भूस्खलन ने बढ़ाई चुनौती
उत्तराखंड में मानसून के दौरान लगातार बारिश के कारण पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और अचानक मलबा आने का खतरा बना रहता है। चमोली जैसे ऊंचाई वाले इलाकों में निर्माणाधीन सुरंगों में काम करने वाले मजदूरों के लिए ऐसी परिस्थितियां विशेष रूप से चुनौतीपूर्ण होती हैं।
ताजा हादसे में भी पानी और मलबे का अचानक टनल में पहुंचना रेस्क्यू टीमों के लिए सबसे बड़ी चुनौती बना हुआ है।
क्या है विष्णुगाड-पीपलकोटी परियोजना?
विष्णुगाड-पीपलकोटी जलविद्युत परियोजना चमोली जिले में अलकनंदा नदी पर विकसित की जा रही 444 मेगावाट की हाइड्रोपावर परियोजना है। परियोजना के निर्माण में सुरंगों और भूमिगत ढांचे का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
अभी भी जारी है रेस्क्यू
फिलहाल सबसे बड़ी प्राथमिकता टनल के अंदर फंसे मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकालना है। अलग-अलग समय पर सामने आए आंकड़ों में अंतर है, इसलिए मजदूरों की कुल संख्या और कितने लोग अभी अंदर हैं, इसका अंतिम आंकड़ा आधिकारिक पुष्टि के बाद ही स्पष्ट होगा।
Avneesh Mishra is a young and energetic journalist. He keeps a keen eye on sports, politics and foreign affairs. Avneesh has done Post Graduate Diploma in TV Journalism.
