CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंचा मामला, SIR पर SIT जांच की मांग
CENTRAL NEWS DESK: नई दिल्ली: मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की गई है। याचिका में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन यानी SIR के दौरान मतदाता सूची से बड़ी संख्या में नाम हटाए जाने और चुनाव आयोग के अंदर लिए गए कुछ फैसलों को लेकर जांच की मांग की गई है।
13 करोड़ वोटरों के नाम हटाने पर जांच की मांग
वकील शैलेंद्र मणि त्रिपाठी की ओर से संविधान के अनुच्छेद 32 के तहत यह याचिका दाखिल की गई है। इसमें मांग की गई है कि SIR के दौरान करीब 13 करोड़ नाम हटाए जाने की प्रक्रिया की SIT से जांच कराई जाए। याचिका में चुनाव आयोग के कुछ ऐसे फैसलों को भी चुनौती दी गई है, जिन्हें याचिकाकर्ता के मुताबिक सभी चुनाव आयुक्तों की सहमति के बिना लिया गया।
चुनाव आयुक्तों की आपत्तियों का भी जिक्र
याचिका में द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट का हवाला दिया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में कम से कम 14 मौकों पर आयोग के कुछ फैसलों और आदेशों पर लिखित आपत्ति दर्ज की थी। इन आपत्तियों में SIR, वोटर डेटा के प्रबंधन और नए मतदाताओं के पंजीकरण से जुड़े मुद्दे शामिल थे।
फॉर्म-6 में बदलाव बना बड़ा मुद्दा
मामले में फॉर्म-6 में किए गए बदलाव को भी प्रमुखता से उठाया गया है। यह फॉर्म नए मतदाता के पंजीकरण के लिए इस्तेमाल होता है। रिपोर्ट के अनुसार, मई 2026 में विवेक जोशी ने फॉर्म-6 में बदलाव को लेकर सवाल उठाया था। उनका कहना था कि संबंधित नियमों में बदलाव किए बिना वैधानिक फॉर्म में इस तरह संशोधन नहीं किया जा सकता। इसके बाद सुखबीर सिंह संधू ने भी इस आपत्ति का समर्थन किया था।
किन अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग?
याचिका में CEC ज्ञानेश कुमार के साथ सीनियर डिप्टी इलेक्शन कमिश्नर मनीष गर्ग, डायरेक्टर जनरल (आईटी) सीमा खन्ना और मामले में जिम्मेदार पाए जाने वाले अन्य अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है। याचिकाकर्ता ने रिप्रेजेंटेशन ऑफ द पीपल एक्ट, 1950 के तहत शिकायत दर्ज कर जांच और मुकदमा शुरू करने के लिए सक्षम अधिकारी को निर्देश देने की मांग भी की है।
अब सुप्रीम कोर्ट में आगे क्या?
याचिका में SIR से जुड़े फैसलों की वैधता, मतदाता सूची में बदलाव और चुनाव आयोग के अंदर फैसले लेने की प्रक्रिया की जांच की मांग की गई है। फिलहाल ये सभी आरोप और मांगें याचिका में लगाए गए दावों का हिस्सा हैं; इन पर सुप्रीम कोर्ट का अंतिम फैसला आना बाकी है।
Avneesh Mishra is a young and energetic journalist. He keeps a keen eye on sports, politics and foreign affairs. Avneesh has done Post Graduate Diploma in TV Journalism.
