UP की जेलों में घट रही भीड़, ओवरक्राउडिंग दर 1.77 से घटकर 1.03 हुई
CENTRAL NEWS DESK: उत्तर प्रदेश की जेलों में बढ़ती बंदियों की संख्या के बीच जेलों की क्षमता बढ़ाने का असर अब आंकड़ों में दिखने लगा है। प्रदेश में जेलों की ओवरक्राउडिंग दर वर्ष 2017 में 1.77 थी, जो 2026 में घटकर 1.03 रह गई है। इसी अवधि में जेलों की क्षमता भी 58,400 से बढ़कर 77,673 बंदियों तक पहुंच गई।
9 साल में बढ़ी जेलों की क्षमता
प्रदेश में वर्ष 2017 में 70 जेल संचालित थीं। इनकी कुल क्षमता 58,400 बंदियों की थी। अब प्रदेश में 77 कारागार संचालित हैं और इनकी क्षमता 77,673 बंदियों तक पहुंच चुकी है। जेलों की संख्या और क्षमता बढ़ाने के पीछे बंदियों की बढ़ती संख्या के कारण पैदा होने वाली भीड़ को कम करना प्रमुख उद्देश्य है।
सात नई जेलों से 10 हजार से ज्यादा की क्षमता बढ़ी
वर्ष 2017 के बाद प्रदेश में सात नई जेलों का संचालन शुरू हुआ। इनमें चित्रकूट, अंबेडकरनगर, संतकबीरनगर, इटावा केंद्रीय कारागार, प्रयागराज, श्रावस्ती और पुरानी जिला जेल बरेली शामिल हैं। इन नई जेलों के जरिए करीब 10,495 बंदियों के लिए अतिरिक्त क्षमता तैयार हुई है।
छह और नई जेलें बनाने की तैयारी
प्रदेश में जेलों की क्षमता और बढ़ाने के लिए छह नई जिला जेलों की योजना पर काम चल रहा है। इनमें कानपुर नगर, औरैया, शाहजहांपुर, ज्ञानपुर-भदोही, मुरादाबाद और ललितपुर शामिल हैं। इन जेलों के निर्माण के बाद करीब 7,732 अतिरिक्त बंदियों के लिए जगह उपलब्ध होने की बात कही गई है।
प्रस्तावित जेलों की क्षमता
- कानपुर नगर: 2,030 बंदी
- मुरादाबाद: 2,000 बंदी
- शाहजहांपुर: 1,520 बंदी
- औरैया: 1,056 बंदी
- ज्ञानपुर-भदोही: 574 बंदी
- ललितपुर: 552 बंदी
अमेठी और महोबा जेल का काम अंतिम चरण में
अमेठी और महोबा में बन रही नई जिला जेलों का निर्माण भी तेजी से आगे बढ़ रहा है। अमेठी जेल का निर्माण 98 प्रतिशत से ज्यादा और महोबा जेल का काम 93 प्रतिशत से ज्यादा पूरा होने की जानकारी दी गई है। इसके अलावा हाथरस, कुशीनगर, जौनपुर और हापुड़ में भी नई जेलों का निर्माण जारी है। इन छह निर्माणाधीन जेलों की कुल क्षमता करीब 6,156 बंदियों की होगी।
छह जिलों में जमीन की प्रक्रिया जारी
नई जेलों के लिए संभल, शामली, बलिया, सहारनपुर, अमरोहा और चंदौली में जमीन खरीद और पंजीकरण की प्रक्रिया भी चल रही है। जेलों में क्षमता बढ़ने से बंदियों के रहने की व्यवस्था के साथ सुरक्षा, स्वास्थ्य, साफ-सफाई और सुधारात्मक कार्यक्रमों को बेहतर तरीके से संचालित करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
ओवरक्राउडिंग में आई कमी
आंकड़ों के मुताबिक, वर्ष 2017 से 2026 के बीच जेलों की क्षमता में करीब 19 हजार से ज्यादा बंदियों की बढ़ोतरी हुई है। इसी दौरान ओवरक्राउडिंग दर 1.77 से घटकर 1.03 हो गई। राज्य में नई जेलों के निर्माण के साथ पुराने कारागारों के उन्नयन और अतिरिक्त बैरक बनाने पर भी काम किया जा रहा है।
Avneesh Mishra is a young and energetic journalist. He keeps a keen eye on sports, politics and foreign affairs. Avneesh has done Post Graduate Diploma in TV Journalism.
