146 करोड़ की सिंचाई परियोजना में आग से तबाही: 55 गांवों के 12 हजार किसानों का सपना जला, करोड़ों का नुकसान

0
JHKHK

CENTRAL NEWS DESK: मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले में किसानों के लिए तैयार की जा रही बहुप्रतीक्षित प्रेशराइज्ड पाइप माइक्रो लिफ्ट इरिगेशन परियोजना में आग लगने से करोड़ों रुपये की मशीनरी और उपकरण जलकर खाक हो गए। इस घटना के बाद 55 गांवों के करीब 12 हजार किसानों को मिलने वाली सिंचाई सुविधा पर बड़ा संकट खड़ा हो गया है। पुलिस ने मामले में भारतीय जनता पार्टी से जुड़े जनपद पंचायत सदस्य भुवनेश्वर रजक और उसके दो साथियों को गिरफ्तार कर लिया है। मामले की जांच जारी है।

146 करोड़ की परियोजना से बदलने वाली थी हजारों किसानों की किस्मत

बालाघाट धान उत्पादन के लिए प्रसिद्ध जिला है, जहां वर्ष में दो बार धान की खेती की जाती है। लेकिन पिछले कुछ वर्षों से पानी की कमी के कारण किसानों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जिले के कई इलाके पूरी तरह बारिश पर निर्भर हैं।

इसी समस्या के समाधान के लिए 22 फरवरी 2023 को तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने लामता क्षेत्र में 146 करोड़ रुपये की प्रेशराइज्ड पाइप माइक्रो लिफ्ट इरिगेशन परियोजना का शुभारंभ किया था। इस परियोजना से 55 गांवों के लगभग 12 हजार किसानों और 9,630 हेक्टेयर कृषि भूमि को सिंचाई सुविधा मिलने वाली थी।

इस योजना के शुरू होने से किसानों को केवल खरीफ ही नहीं बल्कि रबी और जायद सीजन में भी खेती के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध होना था।

नवंबर से मिलने वाला था लाभ, उससे पहले ही लगी आग

परियोजना अब अपने अंतिम चरण में पहुंच चुकी थी। अधिकारियों के अनुसार नवंबर 2026 से किसानों को इसका लाभ मिलने की तैयारी थी। लेकिन उससे पहले ही प्लांट में भीषण आग लग गई। कार्यपालन यंत्री यू.एस. परते ने बताया कि शाम के समय उन्हें आग लगने की सूचना मिली। मौके पर पहुंचने पर देखा गया कि प्लांट में रखी करोड़ों रुपये की मशीनें, पाइप, इलेक्ट्रिकल उपकरण और अन्य निर्माण सामग्री पूरी तरह जल चुकी थी।

सूचना मिलते ही पुलिस और दमकल की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया, लेकिन तब तक भारी नुकसान हो चुका था।

भाजपा नेता समेत तीन आरोपी गिरफ्तार

पुलिस जांच में सामने आया कि आग लगाने की घटना में भाजपा नेता एवं जनपद पंचायत सदस्य भुवनेश्वर रजक और उसके दो साथियों की कथित भूमिका है। तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है और उनसे पूछताछ की जा रही है।

पुलिस यह भी जांच कर रही है कि घटना के पीछे क्या उद्देश्य था और क्या इसमें किसी बड़ी साजिश या आर्थिक हित का मामला जुड़ा हुआ है।

विधायक ने कहा- नक्सली शैली जैसी वारदात

स्थानीय विधायक मधु भगत ने इस घटना को बेहद गंभीर बताते हुए कहा कि जिस तरह माइक्रो इरिगेशन प्लांट को निशाना बनाया गया, वह तरीका नक्सलियों द्वारा वसूली के लिए की जाने वाली घटनाओं जैसा प्रतीत होता है। उन्होंने कहा कि विकास परियोजनाओं को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए, क्योंकि इसका सीधा असर किसानों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर पड़ता है।

किसानों में निराशा, बढ़ सकती है परियोजना में देरी

घटना के बाद क्षेत्र के किसानों में भारी निराशा है। जिन किसानों को इस साल के अंत तक सिंचाई सुविधा मिलने की उम्मीद थी, अब उन्हें परियोजना के दोबारा तैयार होने का इंतजार करना पड़ सकता है। अधिकारियों के अनुसार नुकसान का आकलन किया जा रहा है और परियोजना को जल्द बहाल करने की योजना बनाई जा रही है। हालांकि आग से हुए भारी नुकसान के कारण इसके पूरा होने में अतिरिक्त समय लग सकता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed