Anant Ambani ने तिरुपति में कराया मुंडन, TTD को दिया ₹27.5 करोड़ का बड़ा उपहार
Central News Desk : अरबों की संपत्ति और दुनिया भर में नाम, लेकिन जब बात भक्ति की आई तो एक साधारण भक्त की तरह सब कुछ त्याग कर ईश्वर के चरणों में शीश नवा दिया! रिलायंस इंडस्ट्रीज के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर अनंत अंबानी अपनी गहरी धार्मिक आस्था और सामाजिक जिम्मेदारी को लेकर एक बार फिर सुर्खियों में हैं। रविवार, 28 जून 2026 की सुबह अनंत अंबानी आंध्र प्रदेश के विश्व प्रसिद्ध तिरुमला श्री वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर पहुंचे, जहां उन्होंने न सिर्फ भगवान के दर्शन किए, बल्कि अपनी सादगी से हर किसी का दिल जीत लिया।
‘केश दान’ कर निभाई सदियों पुरानी परंपरा
इस धार्मिक यात्रा के दौरान अनंत अंबानी ने सुबह होने वाली पवित्र ‘सुप्रभात सेवा’ में भाग लिया। लेकिन इस बार मंदिर परिसर में सबसे ज्यादा ध्यान उनके बदले हुए लुक ने खींचा। भगवान वेंकटेश्वर के प्रति अपनी अटूट श्रद्धा प्रकट करते हुए उन्होंने मंदिर में पारंपरिक ‘केश दान’ यानी मुंडन संस्कार कराया। सनातन धर्म में केश दान को अहंकार के त्याग, विनम्रता अपनाने और स्वयं को पूरी तरह ईश्वर को समर्पित करने का प्रतीक माना जाता है।
श्रद्धालुओं के लिए ₹27.5 करोड़ की ‘हरित सौगात’
अनंत अंबानी की यह तिरुमला यात्रा सिर्फ व्यक्तिगत पूजा-पाठ तक सीमित नहीं थी। दर्शन के बाद उन्होंने रिलायंस इंडस्ट्रीज की तरफ से तिरुमला तिरुपति देवस्थानम (TTD) के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण और पर्यावरण के अनुकूल घोषणा की।
उन्होंने तिरुमला की पहाड़ियों पर आने-जाने वाले लाखों श्रद्धालुओं के सफर को सुगम बनाने के लिए ₹27.5 करोड़ मूल्य की 25 इलेक्ट्रिक बसें उपहार में देने का ऐलान किया।
इस ग्रीन इनिशिएटिव की मुख्य बातें:
पर्यावरण संरक्षण: इन इलेक्ट्रिक बसों के चलने से तिरुमला की सुरम्य पहाड़ियों में प्रदूषण कम होगा।
ड्राइवर्स की जिम्मेदारी: रिलायंस सिर्फ बसें ही दान नहीं कर रहा, बल्कि इन्हें संचालित करने वाले 50 ड्राइवरों के वेतन और अन्य सुविधाओं का खर्च भी खुद उठाएगा।
इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास: बसों के सुचारू संचालन के लिए मंदिर क्षेत्र में आवश्यक EV चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर भी कंपनी द्वारा तैयार कराया जाएगा।
‘वंतारा’ के विज़न को आगे बढ़ाते हुए पशु सेवा का संकल्प
अपने ड्रीम वाइल्डलाइफ प्रोजेक्ट ‘वंतारा’ (Vantara) के जरिए दुनिया भर में पशु कल्याण की अलख जगाने वाले अनंत अंबानी ने तिरुपति में भी मूक पशुओं के प्रति अपनी संवेदनशीलता दिखाई। उन्होंने मंदिर प्रशासन के तहत आने वाली गौशाला के आधुनिकीकरण में पूरा सहयोग देने का संकल्प लिया। इसके साथ ही, उन्होंने मंदिर के हाथियों को अपने हाथों से भोजन भी कराया, जो वहां मौजूद श्रद्धालुओं के बीच आकर्षण का केंद्र रहा।
वैदिक विद्वानों ने दिया आशीर्वाद, मिला विशेष सम्मान
धार्मिक अनुष्ठानों के संपन्न होने के बाद मंदिर परिसर के रंगनायकुला मंडपम में वैदिक विद्वानों ने पारंपरिक मंत्रोच्चार के बीच अनंत अंबानी को ‘वेद आशीर्वचनम्’ भेंट किया। इसके बाद मंदिर प्रशासन की ओर से उन्हें ‘श्रीवारी तीर्थ प्रसादम्’ दिया गया और सम्मान के तौर पर एक विशेष रेशमी शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया गया।
जून के महीने में ही दूसरी तिरुपति यात्रा
आपको बता दें कि जून 2026 के महीने में अनंत अंबानी की यह दूसरी तिरुमला यात्रा है। इससे पहले बीते 12 जून को वह अपने पिता मुकेश अंबानी और पत्नी राधिका मर्चेंट के साथ भी भगवान वेंकटेश्वर का आशीर्वाद लेने पहुंचे थे। अनंत अंबानी की यह सादगी और भक्ति कोई नई बात नहीं है; पिछले साल अपनी शादी के बंधन में बंधने से पहले भी उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण के प्रति अपनी अटूट श्रद्धा व्यक्त करते हुए द्वारकाधीश मंदिर तक एक बेहद कठिन और लंबी पदयात्रा पूरी की थी।
अनंत अंबानी का यह कदम यह साबित करता है कि उनके लिए आध्यात्मिकता सिर्फ एक औपचारिकता नहीं, बल्कि उनकी जीवनशैली का एक अनिवार्य हिस्सा है, जहां आस्था, सादगी और सामाजिक उत्तरदायित्व दोनों एक साथ कदम मिलाकर चलते हैं।
