आठ राज्यों में डीएम को भारतीय नागरिकता देने का अधिकार, सख्त किए गए नियम
CENTRAL NEWS DESK: केंद्र सरकार ने भारतीय नागरिकता देने की प्रक्रिया में एक अहम बदलाव किया है। अब आठ राज्यों में जिला स्तर पर कलेक्टर यानी डीएम को नागरिकता से जुड़े आवेदनों पर कार्रवाई करने का अधिकार दिया गया है। यह व्यवस्था खास तौर पर नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) के तहत आने वाले पात्र आवेदकों के मामलों में प्रक्रिया को स्थानीय स्तर पर तेज करने के उद्देश्य से लागू की गई है।
किन लोगों को मिल सकता है लाभ?
CAA के तहत पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से भारत आए हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई समुदाय के वे लोग पात्र हो सकते हैं, जो निर्धारित शर्तों को पूरा करते हैं। इनमें प्रमुख शर्त यह है कि संबंधित व्यक्ति 31 दिसंबर 2014 या उससे पहले भारत में प्रवेश कर चुका हो।
डीएम को अधिकार मिलने से क्या बदलेगा?
पहले नागरिकता आवेदनों की जांच और मंजूरी की प्रक्रिया में केंद्रीय तथा राज्य स्तर की समितियों की महत्वपूर्ण भूमिका थी। नई व्यवस्था में निर्धारित जिलों के कलेक्टर आवेदनों की जांच और प्रक्रिया को आगे बढ़ाने में अधिक सीधे तौर पर भूमिका निभा सकेंगे। इससे आवेदकों को स्थानीय प्रशासन के स्तर पर प्रक्रिया पूरी करने में सुविधा मिलने की उम्मीद है।
गृह मंत्रालय के नागरिकता पोर्टल पर भी अलग-अलग जिलों और राज्यों के कलेक्टरों को नागरिकता संबंधी शक्तियां सौंपे जाने के आदेश सूचीबद्ध हैं। इससे स्पष्ट है कि नागरिकता प्रक्रिया में जिला प्रशासन की भूमिका लगातार बढ़ाई जा रही है।
नियम पहले से ज्यादा स्पष्ट और दस्तावेज आधारित
नागरिकता देने की प्रक्रिया में दस्तावेजों की जांच को महत्वपूर्ण रखा गया है। CAA के तहत आवेदन ऑनलाइन प्रक्रिया के माध्यम से किए जाते हैं और निर्धारित समितियां आवेदक की पात्रता तथा दस्तावेजों की जांच करती हैं।
इसका मतलब यह है कि केवल भारत में रहने या किसी समुदाय से संबंधित होने के आधार पर नागरिकता स्वतः नहीं मिलेगी। आवेदक को कानून में निर्धारित पात्रता और आवश्यक दस्तावेजों की शर्तें पूरी करनी होंगी।
ऑनलाइन प्रक्रिया पर जोर
सरकार ने नागरिकता आवेदन की प्रक्रिया को ऑनलाइन बनाया है। सरकारी पोर्टल पर नागरिकता हासिल करने के अलग-अलग कानूनी रास्तों जन्म, वंश, पंजीकरण और प्राकृतिककरण की जानकारी उपलब्ध है। CAA के तहत पात्र लोगों के लिए अलग आवेदन व्यवस्था भी मौजूद है।
बड़ा प्रशासनिक बदलाव
डीएम को अधिकार देने का सबसे बड़ा असर यह होगा कि पात्र आवेदकों के मामलों की प्रक्रिया जिला स्तर पर अधिक प्रभावी ढंग से हो सकेगी। हालांकि, यह अधिकार सभी विदेशी नागरिकों को भारतीय नागरिकता देने का सामान्य अधिकार नहीं है। यह संबंधित कानून और निर्धारित पात्रता के दायरे में ही लागू होगा।
सरकार की इस व्यवस्था का उद्देश्य नागरिकता आवेदन की प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित, स्थानीय और तेज बनाना है, जबकि पात्रता की जांच और दस्तावेजों की सत्यापन प्रक्रिया को अनिवार्य रखा गया है।
Avneesh Mishra is a young and energetic journalist. He keeps a keen eye on sports, politics and foreign affairs. Avneesh has done Post Graduate Diploma in TV Journalism.
