2027 चुनाव से पहले योगी सरकार का बड़ा दांव! 25 हजार करोड़ रुपये का बजट आज हो सकता है पेश

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CENTRAL NEWS DESK: उत्तर प्रदेश सरकार विधानसभा के मौजूदा मानसून सत्र में 25 हजार करोड़ रुपये से अधिक का अनुपूरक बजट पेश करने की तैयारी में है। बजट पेश होने से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक होने की संभावना है, जिसमें कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों और अध्यादेशों को मंजूरी दी जा सकती है। इसके बाद इन्हें विधानसभा में पेश किया जाएगा।

कैबिनेट बैठक में कई अहम फैसलों की उम्मीद

सरकारी सूत्रों के अनुसार, कैबिनेट बैठक में विभिन्न विभागों से जुड़े महत्वपूर्ण प्रस्तावों और अध्यादेशों पर मुहर लग सकती है। इन फैसलों के जरिए सरकार विधानसभा सत्र के दौरान अपनी विधायी और विकास संबंधी प्राथमिकताओं को आगे बढ़ाएगी।

25 हजार करोड़ रुपये से अधिक का अनुपूरक बजट

योगी सरकार 9.12 लाख करोड़ रुपये के वार्षिक बजट के अतिरिक्त 25 हजार करोड़ रुपये से अधिक का अनुपूरक बजट लाने की तैयारी में है। इस अतिरिक्त राशि का उपयोग अधूरी और नई विकास परियोजनाओं को गति देने, प्रशासनिक योजनाओं को मजबूत करने तथा आवश्यक वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने के लिए किया जाएगा।

बुनियादी ढांचे पर रहेगा सबसे अधिक जोर

अनुपूरक बजट में बुनियादी ढांचे के विकास को प्राथमिकता मिलने की संभावना है। इसके तहत नए और निर्माणाधीन एक्सप्रेस-वे, लिंक एक्सप्रेस-वे, औद्योगिक गलियारों, औद्योगिक विकास परियोजनाओं तथा धार्मिक पर्यटन से जुड़े कार्यों के लिए अतिरिक्त धनराशि आवंटित की जा सकती है। सरकार का उद्देश्य उन परियोजनाओं को तेजी से पूरा करना है, जिनके लिए अतिरिक्त वित्तीय सहायता की आवश्यकता है।

2027 विधानसभा चुनाव से जोड़कर देखी जा रही तैयारी

राजनीतिक जानकार इस अनुपूरक बजट को वर्ष 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की तैयारियों से भी जोड़कर देख रहे हैं। माना जा रहा है कि सरकार अगले दो वर्षों में बड़ी विकास परियोजनाओं को तेजी से पूरा कर जनता के बीच विकास का संदेश देना चाहती है।

विकास और विधायी एजेंडा साथ-साथ

कैबिनेट बैठक में स्वीकृत अध्यादेशों को अनुपूरक बजट के साथ विधानसभा में पेश किए जाने की संभावना है। सरकार का प्रयास विकास योजनाओं को गति देने के साथ-साथ अपने विधायी एजेंडे को भी आगे बढ़ाने का है। यदि प्रस्तावित बजट को मंजूरी मिलती है, तो इससे सड़क संपर्क, औद्योगिक निवेश, धार्मिक पर्यटन और सार्वजनिक आधारभूत संरचना से जुड़े कई बड़े प्रकल्पों को नई गति मिलने की उम्मीद है।

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