योगी सरकार की नीतियों से यूपी का लेदर उद्योग मजबूत, एक्सपोर्ट 7 हजार करोड़ रुपये के पार
CENTRAL NEWS DESK: उत्तर प्रदेश में लेदर और फुटवियर इंडस्ट्री एक बार फिर तेज़ी से विकास की राह पर है। सरकार की नीतिगत मदद, बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर और निवेश को बढ़ावा देने वाली योजनाओं के चलते इस सेक्टर में नई जान आती दिखाई दे रही है। कानपुर अब भी राज्य के लेदर मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपोर्ट का सबसे बड़ा हब बना हुआ है।
इंडस्ट्री से जुड़े लोगों के अनुसार, यूपी सरकार की लेदर एंड फुटवियर पॉलिसी ने निवेश को बढ़ावा देने में अहम भूमिका निभाई है। इस पॉलिसी के तहत जमीन पर सब्सिडी, मशीनरी खरीद में आर्थिक मदद और इंडस्ट्रियल इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए सहायता दी जा रही है।
85 फीसदी तक लैंड सब्सिडी से निवेश को बढ़ावा
सरकार की नीति के तहत पात्र प्रोजेक्ट्स को जमीन की लागत पर 85 फीसदी तक सब्सिडी दी जा सकती है। इसके अलावा फैक्ट्री कंस्ट्रक्शन, आधुनिक मशीनरी की खरीद, विदेशी प्रदर्शनियों में भागीदारी और बायर-सेलर मीट के लिए भी आर्थिक सहायता का प्रावधान है।
इंडस्ट्री प्रतिनिधियों का कहना है कि इन इंसेंटिव्स से नई यूनिट लगाने और मौजूदा फैक्ट्रियों का विस्तार करने की लागत कम हुई है। इससे घरेलू और विदेशी निवेशकों का उत्तर प्रदेश के लेदर सेक्टर में भरोसा बढ़ा है।
आधुनिक मशीनरी लगाने के लिए भी सरकार की ओर से 30 फीसदी तक सब्सिडी दी जा रही है। इससे मैन्युफैक्चरिंग की स्पीड, प्रोडक्ट क्वालिटी और प्रोडक्शन कैपेसिटी में सुधार की उम्मीद है।
कानपुर से लेदर एक्सपोर्ट 7 हजार करोड़ रुपये के करीब
ग्लोबल आर्थिक चुनौतियों, जियोपॉलिटिकल टेंशन और इंटरनेशनल ट्रेड में अनिश्चितताओं के बावजूद उत्तर प्रदेश के लेदर सेक्टर ने मजबूत प्रदर्शन किया है। इंडस्ट्री से जुड़े आंकड़ों के अनुसार, कानपुर क्षेत्र से लेदर एक्सपोर्ट 2020-21 में करीब 5 हजार करोड़ रुपये था, जो अब बढ़कर लगभग 7 हजार करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। यानी पिछले करीब पांच वर्षों में इसमें लगभग 35 से 40 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
पिछले वित्त वर्ष में कानपुर क्षेत्र का कुल एक्सपोर्ट लगभग 10,200 करोड़ रुपये रहा। इसमें लेदर प्रोडक्ट्स की हिस्सेदारी करीब 7 हजार करोड़ रुपये रही, जो क्षेत्र के कुल एक्सपोर्ट का लगभग 70 फीसदी है। कानपुर के अलावा आगरा और नोएडा जैसे प्रमुख मैन्युफैक्चरिंग हब को शामिल करने पर उत्तर प्रदेश का कुल लेदर एक्सपोर्ट करीब 15 से 16 हजार करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है।
ग्लोबल संकट के बावजूद इंडस्ट्री ने दिखाई मजबूती
इंडस्ट्री एक्सपोर्टर्स का कहना है कि रूस-यूक्रेन युद्ध, ग्लोबल इकोनॉमिक अनिश्चितता और टैरिफ से जुड़े बदलावों ने अंतरराष्ट्रीय बाजार को प्रभावित किया है। इसके बावजूद यूपी के लेदर सेक्टर ने अपनी पकड़ बनाए रखी है। इंडस्ट्री प्रतिनिधियों का मानना है कि अगर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इतनी चुनौतियां नहीं होतीं, तो एक्सपोर्ट ग्रोथ और भी तेज हो सकती थी।
कानपुर में लेदर फुटवियर पार्क से बढ़ेगी रफ्तार
उत्तर प्रदेश सरकार अब इंडस्ट्रियल इंफ्रास्ट्रक्चर को और मजबूत करने पर जोर दे रही है। कानपुर में प्रस्तावित लेदर फुटवियर पार्क के लिए प्लॉट अलॉटमेंट की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इसके अलावा लंबे समय से प्रस्तावित मेगा लेदर क्लस्टर से भी इंडस्ट्री को काफी उम्मीदें हैं। इस क्लस्टर में मैन्युफैक्चरर्स के लिए कॉमन फैसिलिटीज, आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और एनवायरनमेंट फ्रेंडली प्रोडक्शन सिस्टम विकसित किए जाने की योजना है। इंडस्ट्री लीडर्स का मानना है कि इन प्रोजेक्ट्स से उत्तर प्रदेश के लेदर प्रोडक्ट्स की ग्लोबल कॉम्पिटिटिवनेस और मजबूत होगी।
लाखों लोगों को मिल रहा रोजगार
कानपुर क्षेत्र में लेदर इंडस्ट्री प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से करीब 7 से 8 लाख लोगों को रोजगार देती है। नई यूनिट्स और प्रस्तावित इंडस्ट्रियल प्रोजेक्ट्स के शुरू होने के बाद रोजगार के अवसर और बढ़ने की उम्मीद है। इंडस्ट्री की जरूरतों के मुताबिक स्किल डेवलपमेंट पर भी जोर दिया जा रहा है। वर्कर्स को आधुनिक मशीनरी चलाने और नई मैन्युफैक्चरिंग टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल की ट्रेनिंग दी जा रही है।
बीआईएस नॉर्म्स से फुटवियर क्वालिटी में सुधार
बिजनेस लीडर्स के अनुसार, फुटवियर सेक्टर में बीआईएस नॉर्म्स लागू होने से प्रोडक्ट क्वालिटी में सुधार हुआ है। इससे घटिया क्वालिटी वाले प्रोडक्ट्स पर रोक लगाने में मदद मिली है और घरेलू मैन्युफैक्चरर्स को बेहतर प्रतिस्पर्धा का मौका मिला है।
यूपी को ग्लोबल लेदर हब बनाने की दिशा में बड़ा कदम
पॉलिसी सपोर्ट, लैंड सब्सिडी, आधुनिक मशीनरी, बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर, स्किल डेवलपमेंट और क्वालिटी स्टैंडर्ड्स—इन सभी के साथ उत्तर प्रदेश का लेदर और फुटवियर सेक्टर अब विकास के नए चरण में प्रवेश कर रहा है। कानपुर के साथ-साथ आगरा और नोएडा जैसे शहरों में भी इंडस्ट्री का विस्तार हो रहा है। एक्सपोर्ट में बढ़ोतरी और नए निवेश से उत्तर प्रदेश की इंडस्ट्रियल इकोनॉमी को भी मजबूती मिल रही है।
इंडस्ट्री से जुड़े लोगों का मानना है कि अगर सरकार की नीतिगत मदद और इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट इसी तरह जारी रहा, तो उत्तर प्रदेश आने वाले वर्षों में भारत के सबसे बड़े लेदर और फुटवियर मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपोर्ट हब के रूप में अपनी स्थिति और मजबूत कर सकता है।
Avneesh Mishra is a young and energetic journalist. He keeps a keen eye on sports, politics and foreign affairs. Avneesh has done Post Graduate Diploma in TV Journalism.
