नॉटिंघम NHS मैटरनिटी स्कैंडल: 2,500 परिवारों की दर्दनाक कहानी उजागर करेगी रिपोर्ट, नस्लभेद और लापरवाही के गंभीर आरोप

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CENTRAL NEWS DESK: ब्रिटेन की राष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवा (NHS) के इतिहास के सबसे बड़े मैटरनिटी स्कैंडल पर तैयार की गई बहुप्रतीक्षित रिपोर्ट बुधवार को जारी होने जा रही है। इस रिपोर्ट में नॉटिंघम के दो प्रमुख अस्पतालों में वर्षों तक चली गंभीर लापरवाहियों, खराब देखभाल और नस्लभेदी व्यवहार का खुलासा होने की उम्मीद है। जांच की अगुवाई वरिष्ठ मिडवाइफ डोना ऑकेंडेन ने की है। रिपोर्ट में करीब 2,500 मामलों की समीक्षा की गई है, जिनमें नवजात शिशुओं और माताओं की मौत, मृत जन्म (स्टिलबर्थ) और जन्म के दौरान गंभीर चोटों जैसे मामलों को शामिल किया गया है।

माताओं और बच्चों की मौतों ने खड़े किए बड़े सवाल

जांच में शामिल परिवारों का आरोप है कि नॉटिंघम यूनिवर्सिटी हॉस्पिटल्स एनएचएस ट्रस्ट के अंतर्गत आने वाले क्वीन्स मेडिकल सेंटर और नॉटिंघम सिटी हॉस्पिटल में गर्भवती महिलाओं को सुरक्षित और समय पर इलाज नहीं मिला। रिपोर्ट से जुड़े सूत्रों के मुताबिक निष्कर्ष बेहद चौंकाने वाले हैं। जांच में कई ऐसे मामले सामने आए हैं, जहां चिकित्सा कर्मचारियों की लापरवाही, खराब निर्णय और असंवेदनशील व्यवहार ने परिवारों की जिंदगी बदल दी।

नॉटिंघम के दोनों अस्पतालों की मैटरनिटी सेवाओं में सुधार के बावजूद सीक्यूसी ने उन्हें अब भी ‘सुधार की जरूरत’ वाली रेटिंग दी है।

नस्लभेद और खराब कार्यसंस्कृति पर भी सवाल

रिपोर्ट में यह भी बताया जाएगा कि कई माताओं को नस्लभेद का सामना करना पड़ा। जांच के दौरान बड़ी संख्या में परिवारों और पूर्व कर्मचारियों ने अस्पतालों के भीतर खराब कार्यसंस्कृति, जवाबदेही की कमी और नेतृत्व की विफलता के बारे में गवाही दी। करीब 850 वर्तमान और पूर्व कर्मचारियों ने जांच टीम को जानकारी दी है। वहीं 2,505 परिवारों ने अपने अनुभव साझा किए हैं।

पुलिस जांच और कॉरपोरेट मैनस्लॉटर के आरोप

नॉटिंघमशायर पुलिस भी इस मामले की अलग से जांच कर रही है। पुलिस यह तय कर रही है कि अस्पताल ट्रस्ट के खिलाफ कॉरपोरेट मैनस्लॉटर यानी संस्थागत लापरवाही से मौत के आरोप लगाए जाएं या नहीं। ‘ऑपरेशन पर्थ’ नाम से चल रही जांच में 200 से अधिक परिवारों के मामलों की समीक्षा की जा रही है।

96 नर्सों और मिडवाइफ के खिलाफ जांच

ब्रिटेन की नर्सिंग एंड मिडवाइफरी काउंसिल (NMC) ने अस्पताल ट्रस्ट से जुड़े 96 नर्सों और मिडवाइफ के खिलाफ कथित पेशेवर कदाचार की जांच शुरू की है। इनमें से कई मामलों में विस्तृत जांच चल रही है, जबकि एक मिडवाइफ को फिलहाल निलंबित भी किया गया है।

देशव्यापी सार्वजनिक जांच की मांग तेज

पीड़ित परिवारों के संगठन ने ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर से पूरे इंग्लैंड की मैटरनिटी और नवजात सेवाओं की सार्वजनिक जांच कराने की मांग की है। परिवारों का कहना है कि नॉटिंघम का मामला अकेला नहीं है और देशभर में मातृत्व सेवाओं में गंभीर खामियां मौजूद हैं। उनका मानना है कि यदि सिफारिशों को पूरी तरह लागू नहीं किया गया तो यह पीड़ित परिवारों के साथ बड़ा अन्याय होगा।

स्वास्थ्य मंत्री ने बदलाव का दिया भरोसा

ब्रिटेन के स्वास्थ्य मंत्री जेम्स मरे ने कहा है कि रिपोर्ट की सिफारिशों को केवल फाइलों में बंद नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने वादा किया कि सरकार मैटरनिटी सेवाओं में व्यापक सुधार लागू करेगी और दोषियों की जवाबदेही सुनिश्चित की जाएगी।

NHS पर फिर खड़े हुए सवाल

नॉटिंघम मैटरनिटी स्कैंडल ने एक बार फिर ब्रिटेन की स्वास्थ्य व्यवस्था की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। रिपोर्ट के सार्वजनिक होने के बाद पूरे देश में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता, जवाबदेही और मरीजों की सुरक्षा को लेकर नई बहस छिड़ने की संभावना है। यह मामला केवल एक अस्पताल या एक शहर तक सीमित नहीं माना जा रहा, बल्कि इसे ब्रिटेन की स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए एक बड़े चेतावनी संकेत के रूप में देखा जा रहा है।

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