नेपाल में कुदरत का कहर: 133 भारतीय समेत 400+ लापता, 98 लोगों की मौत, बिहार के कई जिलों में हाई अलर्ट
CENTRAL NEWS DESK: नेपाल में बुधवार को आई भीषण बाढ़ और मलबे के सैलाब ने भारी तबाही मचा दी। चीन-तिब्बत सीमा से लगे नेपाल के रसुवा जिले में अचानक आई बाढ़ ने घरों, गाड़ियों, पुलों और हाइड्रोपावर परियोजनाओं को बहा दिया। इस हादसे में अब तक 98 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि 400 से ज्यादा लोग लापता बताए जा रहे हैं। लापता लोगों में 133 भारतीय नागरिक भी शामिल हैं।
133 भारतीय समेत 400 से ज्यादा लोग लापता
रसुवा जिले के तिमुरे और स्याफ्रुबेसी इलाके में सुबह करीब 9 बजे अचानक भोटे कोशी नदी का जलस्तर बढ़ गया। देखते ही देखते पानी के साथ चट्टानें, मिट्टी और मलबा तेज रफ्तार से नीचे की ओर बहने लगा। इस तबाही में कई लोग बह गए। स्थानीय अधिकारियों के मुताबिक, 133 भारतीयों समेत 400 से अधिक लोगों के लापता होने की जानकारी सामने आई है। राहत और बचाव दल लापता लोगों की तलाश में जुटे हैं।
भूकंप के कुछ मिनट बाद मचा हाहाकार
सीमा क्षेत्र से सामने आए सुरक्षा कैमरे के फुटेज में तबाही से कुछ क्षण पहले लोग जान बचाकर भागते दिखाई दे रहे हैं। इसके तुरंत बाद चट्टानों, मिट्टी और पानी का विशाल सैलाब इलाके में घुस गया। जर्मन रिसर्च सेंटर फॉर जियोसाइंसेज (GFZ) के मुताबिक, घटना के करीब सात मिनट पहले 4.4 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया था। हालांकि, बाढ़ और मलबे के इस सैलाब की असली वजह अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं हुई है। विशेषज्ञों के मुताबिक, किसी बर्फीले-चट्टानी हिमस्खलन या भूस्खलन ने नदी का रास्ता रोककर अचानक भारी मात्रा में पानी और मलबे को नीचे की ओर धकेला हो सकता है।
तिमुरे बाजार और बॉर्डर ब्रिज तबाह
तिब्बत सीमा के पास स्थित तिमुरे बाजार को भारी नुकसान पहुंचा है। कई वाहन और सामान बाढ़ में बह गए। रसुवागढ़ी में बना नया फ्रेंडशिप ब्रिज भी बाढ़ की चपेट में आकर बह गया। नेपाल पुलिस के तीन ठिकानों को भी नुकसान पहुंचा है। वहीं, तिमुरे में तैनात सशस्त्र पुलिस बल के 9 जवानों के लापता होने की सूचना है। बाढ़ ने सड़क, पुल और बिजली परियोजनाओं को भी भारी नुकसान पहुंचाया है। नेपाल के ऊर्जा मंत्रालय के अनुसार, करीब 430 मेगावाट बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई है।
हेलिकॉप्टर भी नहीं उतर पाए, रेस्क्यू में बड़ी चुनौती
नेपाल सरकार ने बड़े स्तर पर राहत और बचाव अभियान शुरू किया है। नेपाल पुलिस, सेना और सशस्त्र पुलिस बल की टीमें प्रभावित क्षेत्रों में भेजी गई हैं। नेपाल सेना के दो हेलिकॉप्टर भी प्रभावित इलाकों की ओर भेजे गए, लेकिन पानी का स्तर बेहद ज्यादा होने के कारण वे स्याफ्रुबेसी और तिमुरे में लैंड नहीं कर सके। प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह ने निचले इलाकों और नदी किनारे रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी है।
नेपाल की बाढ़ का असर भारत तक, बिहार के 6 जिले अलर्ट
नेपाल से आने वाली नदियों में बढ़ते जलस्तर को देखते हुए बिहार में भी हाई अलर्ट जारी किया गया है। कोसी, गंडक और गंगा नदी तंत्र से जुड़े 6 जिलों में विशेष निगरानी रखी जा रही है। बिहार के मुख्य सचिव ने जिलाधिकारियों के साथ बैठक कर हालात पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिए हैं। केंद्र सरकार भी स्थिति की निगरानी कर रही है और NDRF की टीमों को तैयार रखा गया है। नेपाल से आने वाला पानी आगे भारत की ओर बढ़ रहा है, इसलिए नदी किनारे बसे इलाकों में प्रशासन को अतिरिक्त सतर्क रहने को कहा गया है।
मोदी ने नेपाल के पीएम से की बात
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह से फोन पर बात कर हादसे में हुई मौतों पर संवेदना जताई। उन्होंने नेपाल को हर संभव मानवीय और राहत सहायता देने का भरोसा दिया। भारत नेपाल के लिए राहत सामग्री भी भेज रहा है। सूत्रों के मुताबिक, दो उड़ानों के जरिए राहत सामग्री नेपाल भेजी जाएगी। एक उड़ान बुधवार रात और दूसरी गुरुवार सुबह रवाना होने की संभावना है। फिलहाल नेपाल में बचाव अभियान जारी है और नदी का पानी लगातार नीचे की ओर बढ़ रहा है। प्रशासन ने लोगों को नदी किनारे और निचले इलाकों से दूर रहने की सलाह दी है।
Avneesh Mishra is a young and energetic journalist. He keeps a keen eye on sports, politics and foreign affairs. Avneesh has done Post Graduate Diploma in TV Journalism.
