लोकसभा की कार्यवाही पहली बार ‘वंदे मातरम’ से शुरू, 6 अंतरे के बाद सदन अनिश्चितकाल के लिए स्थगित

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CENTRAL NEWS DESK: संसद के मानसून सत्र की आखिरी बैठक गुरुवार को लोकसभा में ‘वंदे मातरम’ के गायन के साथ शुरू हुई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, विपक्ष के नेता राहुल गांधी समेत सत्तापक्ष और विपक्ष के कई सांसद सदन में मौजूद रहे। राष्ट्रगीत के छह अंतरे बजाए जाने के बाद लोकसभा की कार्यवाही को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया। इस तरह मानसून सत्र का समापन हो गया। राज्यसभा की कार्यवाही भी राष्ट्रगीत के साथ अनिश्चितकाल के लिए स्थगित की गई।

करीब एक मिनट चली लोकसभा की कार्यवाही

लोकसभा की आखिरी बैठक बेहद संक्षिप्त रही। राष्ट्रगीत के गायन के बाद स्पीकर ओम बिरला ने सदन को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित करने की घोषणा कर दी। इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, राहुल गांधी और केंद्रीय मंत्रिमंडल के कई सदस्य सदन में मौजूद थे।

प्रियंका गांधी ने सरकार पर साधा निशाना

कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि गृह मंत्री संसद में केवल ‘वंदे मातरम’ गाने के लिए आए। उन्होंने आरोप लगाया कि पूरे मानसून सत्र के दौरान प्रधानमंत्री और गृह मंत्री की सदन में मौजूदगी को लेकर विपक्ष सवाल उठाता रहा। प्रियंका गांधी ने कहा कि अगर सरकार और विपक्ष के बीच पर्याप्त संवाद नहीं होगा तो संसद की कार्यवाही प्रभावी तरीके से कैसे चलेगी।

राम गोपाल यादव ने उठाया पूरा राष्ट्रगीत गाने का सवाल

समाजवादी पार्टी के सांसद राम गोपाल यादव ने ‘वंदे मातरम’ के पूरे गीत के गायन को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पहले जितना हिस्सा आम तौर पर गाया जाता था, वह लोगों को याद रहता था, लेकिन अब पूरे गीत को लेकर लोगों के बीच परिचय कम है। उनकी टिप्पणी ऐसे समय आई है जब ‘वंदे मातरम’ को लेकर संसद में पिछले दिनों राजनीतिक बहस तेज रही है।

स्पीकर की चाय पार्टी से विपक्ष दूर

सत्र समाप्त होने के बाद लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने सांसदों के लिए पारंपरिक चाय पार्टी का आयोजन किया। हालांकि, कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के सांसदों ने इसका बहिष्कार किया। द्रमुक की लोकसभा सांसद कनिमोझी चाय पार्टी में शामिल हुईं।

वहीं, राज्यसभा में सभापति सीपी राधाकृष्णन की ओर से आयोजित चाय पार्टी में विपक्ष के कई प्रमुख नेता शामिल हुए। इनमें कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी भी शामिल थीं।

‘वंदे मातरम’ से जुड़ा कानून भी बना

‘वंदे मातरम’ को लेकर संसद में हाल के दिनों में महत्वपूर्ण विधायी बदलाव भी हुआ है। राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण (संशोधन) विधेयक, 2026 को राज्यसभा ने 29 जुलाई और लोकसभा ने 30 जुलाई को पारित किया था।इसके बाद 11 अगस्त 2026 को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने विधेयक को मंजूरी दे दी और यह कानून बन गया।

मानसून सत्र का हुआ समापन

मानसून सत्र के आखिरी दिन लोकसभा की कार्यवाही जहां लगभग एक मिनट में समाप्त हो गई, वहीं राज्यसभा की बैठक करीब एक घंटे चली। इस दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच कई मुद्दों पर तीखी राजनीतिक बहस देखने को मिली। अब संसद का अगला सत्र निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार बुलाया जाएगा।इस तरह ‘वंदे मातरम’ के गायन के साथ संसद के मानसून सत्र का औपचारिक समापन हुआ, लेकिन राष्ट्रगीत और विपक्ष के बहिष्कार को लेकर राजनीतिक बहस आगे भी जारी रहने के आसार हैं।

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