मानसून का संकेत देने वाला रहस्यमयी जगन्नाथ मंदिर, बारिश से पहले खुद टपकने लगती हैं बूंदें
KANPUR (अभिनव अवस्थी): कानपुर जिले के भीतरगांव विकासखंड स्थित बेहटा बुजुर्ग गांव का प्राचीन जगन्नाथ मंदिर आस्था के साथ-साथ अपने रहस्यमयी चमत्कार के लिए भी देशभर में चर्चा का विषय बना हुआ है। स्थानीय लोग इसे “मानसून मंदिर” के नाम से जानते हैं, क्योंकि यहां हर साल मानसून आने से करीब एक से दो सप्ताह पहले मंदिर के गर्भगृह की छत से अपने आप पानी की बूंदें टपकने लगती हैं। ग्रामीणों का दावा है कि यह सिलसिला सदियों से चला आ रहा है। सबसे हैरानी की बात यह है कि भीषण गर्मी के मौसम में, जब आसपास कहीं पानी नहीं होता, तब भी मंदिर के गुंबद से बूंदें गिरने लगती हैं। जैसे ही मानसून पूरी तरह सक्रिय हो जाता है, बूंदों का टपकना स्वतः बंद हो जाता है।
बूंदों से लगाया जाता है बारिश का अनुमान
गांव के बुजुर्ग बताते हैं कि पहले किसान इन बूंदों के आकार और मात्रा को देखकर आने वाली बारिश का अनुमान लगाते थे। यदि बूंदें बड़ी और लगातार गिरती थीं तो अच्छी वर्षा की संभावना मानी जाती थी, जबकि कम बूंदों को कमजोर मानसून का संकेत माना जाता था। इसी आधार पर किसान खेती-बाड़ी की तैयारी भी करते थे।

हजारों साल पुराना माना जाता है मंदिर
इतिहासकारों के अनुसार यह मंदिर बेहद प्राचीन है। इसके निर्माण काल को लेकर अलग-अलग मत हैं, लेकिन माना जाता है कि इसका अंतिम जीर्णोद्धार लगभग 11वीं शताब्दी में हुआ था। मंदिर की दीवारें करीब 14 फीट मोटी हैं और इसकी वास्तुकला सामान्य जगन्नाथ मंदिरों से काफी अलग दिखाई देती है। मंदिर को पुरातात्विक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जाता है और यह क्षेत्र की ऐतिहासिक धरोहरों में शामिल है।
वैज्ञानिकों के लिए भी बनी हुई है पहेली
मंदिर के इस रहस्य को समझने के लिए कई बार वैज्ञानिकों और शोधकर्ताओं ने अध्ययन किया। कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि यह प्राचीन स्थापत्य कला, तापमान और वातावरण में नमी के बदलाव का परिणाम हो सकता है। हालांकि अब तक कोई भी शोध इस घटना की पूरी तरह पुष्टि नहीं कर पाया है। यही वजह है कि जगन्नाथ मंदिर आज भी विज्ञान और आस्था के बीच एक अनसुलझी पहेली बना हुआ है। जहां श्रद्धालु इसे भगवान जगन्नाथ का चमत्कार मानते हैं, वहीं वैज्ञानिक इसके पीछे छिपे प्राकृतिक कारणों की तलाश में जुटे रहते हैं।

रथ यात्रा में उमड़ता है जनसैलाब
मंदिर में हर वर्ष जगन्नाथ रथ यात्रा के अवसर पर भव्य मेले का आयोजन होता है। इस दौरान भगवान जगन्नाथ की आकर्षक झांकी निकाली जाती है, जिसे देखने के लिए दूर-दूर से लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं। धार्मिक उत्साह और सांस्कृतिक रंगों से सराबोर यह आयोजन क्षेत्र की पहचान बन चुका है। आस्था, इतिहास और रहस्य का अनूठा संगम बना यह प्राचीन जगन्नाथ मंदिर आज भी लोगों को अपनी ओर आकर्षित कर रहा है। मानसून से पहले टपकने वाली बूंदें इसे देश के सबसे रहस्यमयी मंदिरों में शामिल करती हैं।
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