‘चलो संसद’ मार्च को दिल्ली पुलिस की मंजूरी नहीं, उल्लंघन पर कार्रवाई की चेतावनी; अस्पताल से सोनम वांगचुक ने दिया बड़ा संदेश
CENTRAL NEWS DESK: संसद के मानसून सत्र की शुरुआत से पहले राष्ट्रीय राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। दिल्ली पुलिस ने स्पष्ट किया है कि कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) द्वारा 20 जुलाई को प्रस्तावित ‘चलो संसद’ मार्च के लिए न तो कोई अनुमति मांगी गई है और न ही किसी प्रकार की मंजूरी दी गई है। पुलिस ने चेतावनी दी है कि यदि कोई व्यक्ति प्रतिबंधात्मक आदेशों का उल्लंघन करता है तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को 21 दिन की भूख हड़ताल के बाद स्वास्थ्य बिगड़ने पर शनिवार को जंतर-मंतर से हटाकर सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया। वांगचुक ने इसे “अवैध हिरासत” करार देते हुए समर्थकों से प्रस्तावित मार्च में शामिल होने की अपील की है।
दिल्ली पुलिस ने क्या कहा?
दिल्ली पुलिस ने बयान जारी कर कहा कि उसे ‘चलो संसद’ मार्च की जानकारी मिली है, लेकिन इस संबंध में किसी भी प्रकार की अनुमति नहीं दी गई है। पुलिस के अनुसार, नई दिल्ली जिले में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू है। इसके तहत पांच या उससे अधिक लोगों के एकत्र होने, जुलूस निकालने, प्रदर्शन करने या मार्च करने पर रोक है। केवल जंतर-मंतर स्थित निर्धारित प्रदर्शन स्थल पर पूर्व अनुमति के साथ ही विरोध-प्रदर्शन किया जा सकता है।
पुलिस ने कहा कि आदेश का उल्लंघन करने वालों पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 223 समेत अन्य कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी।
संसद सत्र से पहले सुरक्षा व्यवस्था कड़ी
सोमवार से शुरू हो रहे संसद के मानसून सत्र को देखते हुए दिल्ली में सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए हैं। राजधानी के कई संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। जंतर-मंतर, संसद मार्ग, सेंट्रल विस्टा, शंकर चौक और कनॉट प्लेस जैसे क्षेत्रों में बैरिकेडिंग बढ़ाई गई है। वाहनों की सघन जांच, अतिरिक्त पिकेट और रिजर्व पुलिस बल की तैनाती भी की गई है।
पुलिस का कहना है कि ये सभी कदम संसद सत्र और संभावित विरोध प्रदर्शन को ध्यान में रखते हुए एहतियातन उठाए गए हैं।
अस्पताल से सोनम वांगचुक का पहला संदेश
सफदरजंग अस्पताल पहुंचने के बाद सोनम वांगचुक ने समर्थकों के नाम पहला संदेश जारी किया। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें उनकी इच्छा के विरुद्ध अस्पताल लाकर “अवैध रूप से हिरासत” में रखा गया है। वांगचुक ने इसे लोकतंत्र और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता से जोड़ते हुए कहा कि देश को “डर से आजादी” की जरूरत है।
उन्होंने 20 जुलाई के ‘चलो संसद’ मार्च को “भारत का दूसरा स्वतंत्रता आंदोलन” बताया और छात्रों, शिक्षकों तथा शैक्षणिक संस्थानों से इसे लोकतंत्र की वास्तविक शिक्षा के रूप में देखने की अपील की।
CJP का दावा- मार्च हर हाल में होगा
सोनम वांगचुक को अस्पताल ले जाने के बावजूद CJP ने साफ किया है कि प्रस्तावित ‘चलो संसद’ मार्च तय कार्यक्रम के अनुसार आयोजित किया जाएगा। पार्टी नेता अभिषेक डिपके ने घोषणा की कि वह स्वयं अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू करेंगे। वहीं पार्टी के प्रवक्ता आशीष रांका ने दावा किया कि मिस्ड कॉल अभियान के जरिए अब तक 1.3 लाख से अधिक लोग इस मार्च के लिए अपना समर्थन दर्ज करा चुके हैं।
CJP की क्या हैं मांगें?
मई में शुरू हुए इस व्यंग्यात्मक राजनीतिक आंदोलन की प्रमुख मांगें हैं
- केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा।
- नीट परीक्षा में कथित अनियमितताओं की न्यायिक जांच।
- परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार।
- परीक्षा घोटालों में जवाबदेही तय करना।
पिछले महीने से संगठन जंतर-मंतर पर धरना दे रहा था।
सोनम वांगचुक की स्वास्थ्य स्थिति
सफदरजंग अस्पताल ने रविवार को जारी मेडिकल बुलेटिन में बताया कि सोनम वांगचुक की स्थिति फिलहाल स्थिर है, लेकिन लंबे समय तक भूख हड़ताल के कारण उनके कुछ रक्त संबंधी मानकों में हल्का बदलाव देखा गया है। अस्पताल के अनुसार विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम लगातार उनकी निगरानी कर रही है और उन्हें बहु-विषयक चिकित्सा देखरेख में रखा गया है।
अस्पताल ने यह भी बताया कि वांगचुक ने पहले इंट्रावेनस फ्लूइड, ओरल रिहाइड्रेशन सॉल्यूशन और दवाएं लेने से इनकार कर दिया था। वहीं उनके परिवार ने भी सुझाए गए इलाज के लिए सहमति नहीं दी थी।
दिल्ली पुलिस का पक्ष
दिल्ली पुलिस का कहना है कि वांगचुक को किसी तरह की हिरासत में नहीं रखा गया, बल्कि विशेषज्ञ डॉक्टरों की सलाह और दिल्ली हाईकोर्ट के निर्देशों का पालन करते हुए उन्हें आवश्यक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए अस्पताल पहुंचाया गया।
अब सभी की नजर सोमवार को प्रस्तावित ‘चलो संसद’ मार्च पर है। एक ओर दिल्ली पुलिस ने स्पष्ट चेतावनी जारी कर दी है, वहीं CJP और उसके समर्थक मार्च निकालने के अपने फैसले पर कायम हैं। संसद सत्र के पहले दिन राजधानी में सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बड़ी चुनौती बनी हुई है।
Avneesh Mishra is a young and energetic journalist. He keeps a keen eye on sports, politics and foreign affairs. Avneesh has done Post Graduate Diploma in TV Journalism.
