कानपुर कांड: अखिलेश दुबे और साथियों की 12 से ज़्यादा कंपनियों से काले धन की परतें खुलीं, अब हाईकोर्ट की नई बेंच करेगी सुनवाई!
Central News Desk: कानपुर में कालेधन के खेल का बड़ा खुलासा हुआ है। जेल में बंद अधिवक्ता अखिलेश दुबे और उसके परिवार की 12 से अधिक कंपनियों व संस्थाओं का राज़ सामने आया है। एसआईटी और एलआईयू की जांच में आशंका जताई गई है कि इन कंपनियों का इस्तेमाल काला धन सफेद करने और बोगस लेन-देन के लिए किया गया।
पुलिस कमिश्नर अखिल कुमार के निर्देश पर निकाले गए रिकॉर्ड में कई कंपनियां फर्जी बताई जा रही हैं। सूत्रों के मुताबिक, कुछ कंपनियां दूसरों के नाम से चलाई जा रही थीं और करोड़ों के लेन-देन की बात भी सामने आई है।
इतना ही नहीं, जांच में कई अफसरों के रिश्तों और संपत्तियों पर भी सवाल खड़े हो गए हैं। लखनऊ से आई चिट्ठी में इनकी मौजूदा सर्किल रेट तक मांगी गई है।
इधर, वक्फ संपत्ति कब्जे के केस में हाईकोर्ट में सुनवाई होनी थी लेकिन जज राजीव लोचन शुक्ला ने खुद को अलग कर लिया, क्योंकि वह पहले दुबे के वकील रह चुके हैं। अब नई बेंच गठित होगी और अगली सुनवाई 18 सितंबर को हो सकती है।
दूसरी ओर, अधिवक्ता संजय उपाध्याय और बार एसोसिएशन के पूर्व मंत्री अरिदमन सिंह की जमानत अर्जी भी खारिज कर दी गई। इन पर सरकारी जमीन पर कब्ज़ा, धमकी और रंगदारी के गंभीर आरोप हैं। दोनों फिलहाल जेल में हैं।
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