तुम्हारा अखिलेश भैया आया तो कितने दंगे हुए थे?: ओवैसी, BJP को रोकने के लिए AIMIM ने दिया गठबंधन का ऑफर

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CENTRAL NEWS DESK: उत्तर प्रदेश विधानसभा इलेक्शन 2027 को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने रविवार को कानपुर में अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए कहा, “2027 का विधानसभा इलेक्शन आ रहा है तो कह रहे हैं, भैया आ रहे हैं। अच्छा, तुम्हारा भैया आ गया तो क्या हुआ था? कितने दंगे हुए थे?” ओवैसी ने इसके साथ ही BJP को लगातार तीसरी बार सरकार बनाने से रोकने के लिए विपक्षी पार्टियों से AIMIM के साथ गठबंधन करने की अपील की।

“BJP को रोकना है तो AIMIM से हाथ मिलाइए”

ओवैसी ने कहा कि उनकी पार्टी नहीं चाहती कि उत्तर प्रदेश में BJP की तीसरी बार सरकार बने। उन्होंने विपक्षी दलों से साथ आने की अपील करते हुए कहा कि जो पार्टियां BJP को सरकार बनाने से रोकना चाहती हैं, वे AIMIM से बातचीत कर सकती हैं।

ओवैसी इससे पहले भी UP में गठबंधन का खुला ऑफर दे चुके हैं। 15 सितंबर को उन्होंने कहा था कि AIMIM उन सभी पार्टियों के साथ गठबंधन के लिए तैयार है, जो समान विचारधारा रखती हैं और BJP को सत्ता में लौटने से रोकना चाहती हैं।

अखिलेश के “भैया आ रहे हैं” बयान पर हमला

कानपुर की सभा में ओवैसी ने अखिलेश यादव के चुनावी अभियान और उनके “भैया आ रहे हैं” वाले संदेश को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने अपने भाषण में पिछली सरकार के दौरान हुए दंगों का जिक्र करते हुए अखिलेश पर राजनीतिक हमला बोला।

यह ओवैसी की राजनीतिक टिप्पणी है। दंगों से जुड़े उनके संदर्भ को उन्होंने अखिलेश यादव और उनकी पिछली सरकार की राजनीति पर हमला करने के लिए इस्तेमाल किया।

बिहार का उदाहरण देकर गठबंधन की बात

ओवैसी ने गठबंधन को लेकर बिहार का उदाहरण भी दिया। उन्होंने बताया कि वहां AIMIM ने विपक्षी दलों के सामने गठबंधन का प्रस्ताव रखा था और छह सीटों की मांग की थी, लेकिन प्रस्ताव स्वीकार नहीं किया गया। अब पार्टी UP में भी गठबंधन के लिए बातचीत का रास्ता खुला रखने की बात कह रही है।

2 अक्टूबर तक इंतजार की बात

कानपुर में ओवैसी ने कहा कि वह गठबंधन को लेकर 2 अक्टूबर तक इंतजार करेंगे। इसके बाद AIMIM अपनी चुनावी रणनीति को लेकर आगे फैसला करेगी।

UP में AIMIM का कैंपेन तेज

2027 विधानसभा इलेक्शन से पहले AIMIM ने UP में अपनी एक्टिविटी बढ़ा दी है। ओवैसी ने पहले ही कहा था कि कानपुर के बाद श्रावस्ती और आजमगढ़ समेत प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में जनसभाएं की जाएंगी और हर हफ्ते चुनावी दौरे किए जाएंगे।

UP में विधानसभा की 403 सीटें हैं और अगले विधानसभा इलेक्शन से पहले राजनीतिक पार्टियां संगठन और गठबंधन की तैयारियों में जुटी हैं। समाजवादी पार्टी भी सभी 403 सीटों पर संगठनात्मक तैयारी कर रही है, जबकि AIMIM विपक्षी दलों के साथ गठबंधन की संभावना तलाश रही है।

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