एवरेस्ट की हींग पर FSSAI का एक्शन, बिक्री पर रोक; लैब टेस्ट में मानकों पर खरी नहीं उतरी
CENTRAL NEWS DESK: देश में खाद्य पदार्थों की क्वालिटी को लेकर भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने बड़ा कदम उठाया है। FSSAI ने एवरेस्ट फूड प्रोडक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड और लालजी गोधू एंड कंपनी के कंपाउंडेड हींग यानी हींग पाउडर की बिक्री पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। नियामक के मुताबिक लैब जांच में दोनों कंपनियों के कई सैंपल निर्धारित खाद्य सुरक्षा और गुणवत्ता मानकों पर खरे नहीं उतरे।
FSSAI ने बताया कि कार्रवाई बाजार में की गई निगरानी, कानूनी सैंपलिंग और प्रयोगशाला जांच के बाद की गई। एवरेस्ट के मामले में हींग पाउडर के सैंपल को ‘मिसब्रांडेड और सब-स्टैंडर्ड’ पाया गया, जबकि लालजी गोधू के उत्पादों में भी निर्धारित मानकों का उल्लंघन सामने आया।
एवरेस्ट की हींग में क्या कमी मिली?
FSSAI के मुताबिक एवरेस्ट के कंपाउंडेड हींग पाउडर के सैंपल में अल्कोहल-सॉल्यूबल एक्सट्रैक्ट की मात्रा निर्धारित मानक से काफी कम मिली। नियमों के अनुसार यह मात्रा कम से कम 5 प्रतिशत होनी चाहिए, लेकिन एक सैंपल में यह 0 प्रतिशत पाई गई।
इसके अलावा एवरेस्ट के येलो हींग पाउडर और ब्लैक हींग पाउडर के सैंपल भी मानकों के अनुरूप नहीं पाए गए। इनमें अल्कोहल-सॉल्यूबल एक्सट्रैक्ट क्रमशः 3.29 प्रतिशत और 4.4 प्रतिशत दर्ज किया गया, जो निर्धारित 5 प्रतिशत से कम है। FSSAI ने कहा है कि एवरेस्ट की कंपाउंडेड हींग और उसके सभी संबंधित वैरिएंट की बिक्री पर तत्काल प्रभाव से रोक रहेगी, जब तक आगे कोई आदेश नहीं दिया जाता।
ग्राहक की शिकायत के बाद शुरू हुई जांच
रिपोर्टों के मुताबिक हींग की गुणवत्ता को लेकर एक उपभोक्ता शिकायत के बाद FSSAI ने बाजार में निगरानी बढ़ाई। इसके बाद अलग-अलग जगहों से प्रमुख ब्रांडों के हींग के सैंपल लिए गए। जांच आगे बढ़ने पर एवरेस्ट और लालजी गोधू के उत्पादों के सैंपल लिए गए। दोनों कंपनियों की केंद्रीय लाइसेंस वाली इकाइयों से कानूनी सैंपल भी लिए गए। इसके अलावा गुजरात के उमरगांव स्थित एवरेस्ट की एक यूनिट पर गुजरात खाद्य एवं औषधि प्रशासन के साथ संयुक्त निरीक्षण भी किया गया।
FSSAI के अनुसार अलग-अलग बैच और स्थानों से लिए गए सैंपलों में लगातार गुणवत्ता संबंधी कमियां सामने आने के बाद नियामक ने बिक्री पर रोक लगाने का फैसला किया।
लालजी गोधू की हींग में स्टार्च की मात्रा ज्यादा
लालजी गोधू एंड कंपनी के खिलाफ भी FSSAI ने अलग आदेश जारी किया है। जांच में कंपनी की कंपाउंडेड हींग और कंपाउंडेड हींग पाउडर के सैंपल निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं मिले। सबसे गंभीर बात कच्ची हींग को लेकर सामने आई। FSSAI के मुताबिक कंपनी द्वारा कंपाउंडेड हींग तैयार करने में इस्तेमाल की गई कच्ची हींग की छह किस्मों के सैंपल में स्टार्च की मात्रा निर्धारित सीमा से काफी ज्यादा पाई गई।
नियमों के तहत कच्ची हींग में स्टार्च की मात्रा वजन के हिसाब से अधिकतम 1 प्रतिशत होनी चाहिए। FSSAI की जांच में कुछ सैंपलों में स्टार्च की मात्रा इससे कई गुना अधिक मिली। एक रिपोर्ट के अनुसार छह किस्मों में यह मात्रा करीब 15 से 32 प्रतिशत के बीच पाई गई।
दोनों कंपनियों को सुधारात्मक योजना देने के निर्देश
FSSAI ने दोनों कंपनियों को कमियों को दूर करने के लिए करैक्टिव एक्शन प्लान यानी सुधारात्मक कार्ययोजना प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। नियामक ने कंपनियों से यह सुनिश्चित करने को कहा है कि उनके लाइसेंस के तहत केवल निर्धारित खाद्य सुरक्षा और गुणवत्ता मानकों को पूरा करने वाले उत्पादों का ही निर्माण और बिक्री हो।
FSSAI ने यह भी संकेत दिया है कि यदि कंपनियां निर्धारित कमियों को दूर करने में विफल रहती हैं तो उनके खिलाफ आगे भी कार्रवाई की जा सकती है।
बाजार में मौजूद उत्पादों को लेकर क्या?
FSSAI की कार्रवाई के बाद सवाल यह है कि बाजार में पहले से मौजूद संबंधित हींग उत्पादों का क्या होगा। रिपोर्टों के अनुसार दोनों कंपनियों को मानकों से बाहर पाए गए उत्पादों को लेकर सुधारात्मक कदम उठाने और बाजार में उपलब्ध उत्पादों के संबंध में आवश्यक कार्रवाई करने को कहा गया है। फिलहाल FSSAI की कार्रवाई जांच में सामने आए संबंधित कंपाउंडेड हींग उत्पादों पर केंद्रित है। इसलिए इसे कंपनी के हर मसाले या हर उत्पाद पर लगी रोक के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
क्या मायने उपभोक्ताओं के लिए
हींग भारतीय रसोई में रोजमर्रा के इस्तेमाल वाला मसाला है। ऐसे में FSSAI की यह कार्रवाई खाद्य उत्पादों की गुणवत्ता जांच को लेकर महत्वपूर्ण मानी जा रही है। नियामक की जांच में जिन उत्पादों के सैंपल निर्धारित मानकों पर खरे नहीं उतरे, उनकी बिक्री रोककर कंपनियों को सुधार के निर्देश दिए गए हैं।
FSSAI की कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य बाजार में ऐसे खाद्य उत्पादों की बिक्री पर रोक लगाना और कंपनियों को निर्धारित गुणवत्ता मानकों का पालन करने के लिए बाध्य करना है।
Avneesh Mishra is a young and energetic journalist. He keeps a keen eye on sports, politics and foreign affairs. Avneesh has done Post Graduate Diploma in TV Journalism.
