उन्नाव की श्री सेवार्थ फाउंडेशन की अनूठी पहल, जरूरतमंद मरीजों को उपलब्ध कराया जाएगा हर ब्लड ग्रुप का रक्त

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CENTRAL NEWS DESK: समाज में कई संस्थाएं काम करती हैं, लेकिन कुछ संगठन ऐसे होते हैं जो बिना किसी प्रचार-प्रसार के लगातार लोगों की जिंदगी बदलने का काम करते हैं। श्री सेवार्थ फाउंडेशन (रजि.), उन्नाव भी ऐसी ही एक संस्था है, जिसने एक वर्ष में मानव सेवा को अपना सबसे बड़ा उद्देश्य बनाया है। जरूरतमंद मरीजों को समय पर रक्त उपलब्ध कराने से लेकर गरीब और असहाय परिवारों की मदद, अनाथ बच्चों की शिक्षा, निर्धन कन्याओं के विवाह और प्राकृतिक आपदा के समय राहत कार्यों तक संस्था लगातार समाज के बीच सक्रिय भूमिका निभा रही है।

संस्था का उद्देश्य केवल सहायता पहुंचाना नहीं बल्कि हर जरूरतमंद तक समय पर मदद पहुंचाकर समाज में सेवा और मानवता की भावना को मजबूत करना है। इसी सोच के साथ फाउंडेशन की पूरी टीम दिन-रात सेवा कार्यों में जुटी रहती है।

जरूरतमंद मरीजों के लिए 24 घंटे उपलब्ध रहता है रक्त

श्री सेवार्थ फाउंडेशन की सबसे बड़ी पहचान उसका रक्त सेवा अभियान है। संस्था ने विभिन्न ब्लड ग्रुप के रक्तदाताओं का एक मजबूत नेटवर्क तैयार किया है, ताकि किसी भी मरीज को आपातकालीन स्थिति में रक्त की कमी का सामना न करना पड़े। यदि किसी अस्पताल या मरीज को किसी भी ब्लड ग्रुप की आवश्यकता होती है तो संस्था की टीम तत्काल सक्रिय होकर रक्तदाताओं से संपर्क करती है और जरूरतमंद तक रक्त पहुंचाने का प्रयास करती है। कई गंभीर मरीजों को समय पर रक्त उपलब्ध कराकर संस्था नई जिंदगी देने का काम कर चुकी है। फाउंडेशन का मानना है कि रक्तदान केवल एक सामाजिक कार्य नहीं बल्कि किसी की जिंदगी बचाने का सबसे बड़ा माध्यम है। इसी उद्देश्य से संस्था लगातार युवाओं को रक्तदान के लिए प्रेरित कर रही है।

सेवार्थ फाउंडेशन की टीम द्वारा किया गया कन्या दान

दो बच्चों की शिक्षा की जिम्मेदारी उठाई, चार अनाथ बेटियों का कराया कन्यादान

रक्त सेवा के साथ-साथ संस्था सामाजिक उत्तरदायित्व निभाने में भी अग्रणी भूमिका निभा रही है। श्री सेवार्थ फाउंडेशन ने दो जरूरतमंद बच्चों का जीवन गोद लिया है, जिनकी पढ़ाई और शिक्षा का पूरा खर्च संस्था वहन कर रही है। संस्था का मानना है कि शिक्षा ही किसी बच्चे का भविष्य बदल सकती है और आर्थिक तंगी किसी भी प्रतिभा के रास्ते की बाधा नहीं बननी चाहिए। इसके अलावा फाउंडेशन ने अब तक चार अनाथ एवं निर्धन कन्याओं का कन्यादान कर समाज के सामने एक प्रेरणादायी उदाहरण प्रस्तुत किया है। संस्था ने विवाह से जुड़ी आवश्यक व्यवस्थाओं में सहयोग कर इन बेटियों को सम्मानपूर्वक नया जीवन शुरू करने में मदद की।

संस्था के सदस्यों का कहना है कि बेटी का विवाह केवल एक परिवार की जिम्मेदारी नहीं बल्कि पूरे समाज का दायित्व होना चाहिए और भविष्य में भी ऐसे सेवा कार्य लगातार जारी रहेंगे।

भीषण गर्मी में ईंट-भट्ठों पर रहने वाले 250 मजदूर बच्चों को सेवार्थ फाउंडेशन द्वारा पहनाई गई चप्पल

भीषण गर्मी में ईंट-भट्ठों पर रहने वाले 250 मजदूर बच्चों को पहनाई चप्पल

मानव सेवा के क्षेत्र में श्री सेवार्थ फाउंडेशन ने इस वर्ष भी एक सराहनीय अभियान चलाया। जून महीने की भीषण गर्मी में जब तापमान लगातार बढ़ रहा था और सड़कें तप रही थीं, तब संस्था की टीम ने लगभग 250 मजदूर परिवारों के बच्चों को चप्पल वितरित की। यह अभियान उन्नाव के विभिन्न ईंट-भट्ठों पर चलाया गया, जहां बड़ी संख्या में मजदूर परिवार अपने छोटे-छोटे बच्चों के साथ रहते हैं। आर्थिक तंगी के कारण कई बच्चे नंगे पैर तपती जमीन पर चलने को मजबूर थे।

संस्था की टीम ने इन बच्चों तक पहुंचकर उन्हें चप्पल उपलब्ध कराई और उनके चेहरे पर मुस्कान लौटाने का प्रयास किया। स्थानीय लोगों ने भी इस पहल की सराहना करते हुए इसे मानवता की सच्ची सेवा बताया।

बाढ़ पीड़ितों तक राहत सामग्री पहुंचाने में भी निभाई अहम भूमिका

प्राकृतिक आपदाओं के दौरान भी श्री सेवार्थ फाउंडेशन लगातार राहत कार्यों में सक्रिय रहता है। उन्नाव के शुक्लागंज क्षेत्र के चंपापुर सहित बाढ़ प्रभावित इलाकों में संस्था की टीम ने जरूरतमंद परिवारों तक राहत सामग्री पहुंचाई। बाढ़ से प्रभावित लोगों को भोजन, आवश्यक वस्तुएं और अन्य राहत सामग्री उपलब्ध कराकर संस्था ने संकट की घड़ी में उनका सहारा बनने का प्रयास किया।

संस्था का कहना है कि आपदा के समय केवल संवेदना व्यक्त करना पर्याप्त नहीं होता, बल्कि जरूरतमंदों तक पहुंचकर उनकी मदद करना ही सच्ची मानव सेवा है।

सैकड़ों लोगों तक पहुंच रही है सेवा की यह मुहिम

श्री सेवार्थ फाउंडेशन की टीम केवल किसी एक अभियान तक सीमित नहीं है। संस्था समय-समय पर गरीब, असहाय, बीमार और जरूरतमंद परिवारों की हर संभव मदद करती है। इलाज, रक्त, शिक्षा, सामाजिक सहयोग और राहत कार्यों के माध्यम से संस्था लगातार समाज के कमजोर वर्ग के साथ खड़ी नजर आती है। फाउंडेशन के सदस्य बिना किसी व्यक्तिगत लाभ की भावना के सेवा कार्यों में अपना समय और सहयोग दे रहे हैं। संस्था का उद्देश्य समाज में सेवा की ऐसी संस्कृति विकसित करना है जिसमें हर सक्षम व्यक्ति जरूरतमंद की मदद के लिए आगे आए।


संस्थापक प्रथम श्रीवास्तव का संदेश

श्री सेवार्थ फाउंडेशन के संस्थापक प्रथम श्रीवास्तव ने कहा कि संस्था पूरी निष्ठा और ईमानदारी के साथ जनसेवा के कार्यों में लगी हुई है।

उन्होंने कहा,

“हमारी संस्था का एक ही उद्देश्य है मानव सेवा। किसी जरूरतमंद मरीज को समय पर रक्त मिले, कोई गरीब बच्चा पढ़ाई से वंचित न रहे, किसी अनाथ बेटी का विवाह सम्मानपूर्वक हो और आपदा की घड़ी में कोई परिवार खुद को अकेला महसूस न करे। यही हमारी सबसे बड़ी जिम्मेदारी है।”

उन्होंने आगे कहा,

“हमारी पूरी टीम 24 घंटे सेवा के लिए तैयार रहती है। यह किसी एक व्यक्ति का नहीं बल्कि पूरी टीम के समर्पण का परिणाम है कि आज हजारों लोगों का विश्वास हमारी संस्था से जुड़ चुका है। हम समाज के हर सक्षम नागरिक से अपील करते हैं कि वे भी रक्तदान, शिक्षा, गरीबों की मदद और सामाजिक सेवा के इस अभियान से जुड़ें। जब समाज साथ आएगा तभी जरूरतमंदों के जीवन में वास्तविक बदलाव आएगा।”

जरूरत पड़ने पर करें संपर्क

यदि किसी मरीज को किसी भी ब्लड ग्रुप के रक्त की आवश्यकता हो या किसी सामाजिक सहायता की जरूरत हो तो श्री सेवार्थ फाउंडेशन से संपर्क किया जा सकता है। यदि किसी मरीज को किसी भी ब्लड ग्रुप के रक्त की आवश्यकता हो, तो नीचे दिए गए नंबरों पर तुरंत संपर्क करें।

संपर्क नंबर

  • 8957053750
  • 8853747411
  • 9838886644

संस्था की मजबूत टीम निभा रही सेवा की जिम्मेदारी

श्री सेवार्थ फाउंडेशन की जनसेवा मुहिम को सफल बनाने में पूरी टीम का अहम योगदान है। संस्था के संरक्षक रामप्रकाश चौरसिया, विनय प्रकाश श्रीवास्तव, रेड क्रॉस सोसाइटी के सभापति अमित, उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार संगठन के अध्यक्ष अमित मिश्रा, के.के. श्रीवास्तव और निम्मी अरोरा मार्गदर्शन दे रहे हैं। कोषाध्यक्ष निर्भय कुमार निगम वित्तीय जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। वहीं वीरेश बहादुर श्रीवास्तव, हिमांशु कश्यप, पवन मौर्य, दीपक सोनी और हर्ष दीक्षित सेवा कार्यों में सक्रिय हैं। संस्था के संस्थापक प्रथम श्रीवास्तव ने कहा कि पूरी टीम के सहयोग से पिछले तीन वर्षों से 24 घंटे मानव सेवा का अभियान लगातार जारी है।

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