भोजपुर एनकाउंटर में नया मोड़: एसपी पर लगा धमकाने का आरोप, पुलिस ने वीडियो जारी कर दावों को बताया बेबुनियाद
Bharat Tiwari
Central News Desk : बिहार के भोजपुर जिले में हुआ भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामला थमता नजर नहीं आ रहा है। शाहपुर के बिलौटी गांव में हुए इस एनकाउंटर के बाद से ही विवादों में घिरी भोजपुर पुलिस एक नए संकट में फंस गई थी। मृतक भरत भूषण के भाई चंदन तिवारी ने भोजपुर के एसपी राज पर बेहद संगीन आरोप लगाते हुए कहा कि एसपी ने उनके घर आकर परिजनों को डराया-धमकाया और दबाव बनाने की कोशिश की। इस आरोप के बाद पुलिस प्रशासन की चौतरफा किरकिरी शुरू हो गई थी, लेकिन अब इस पूरे विवाद में एक बड़ा वीडियो ट्विस्ट सामने आया है। पुलिस ने खुद आगे आकर इन आरोपों का पुरजोर खंडन किया है और सबूत के तौर पर एक वीडियो जारी कर पासा पलट दिया है।
पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे थे कप्तान, पुलिस ने दी सफाई
भोजपुर पुलिस की ओर से जारी आधिकारिक बयान में कहा गया है कि एसपी राज किसी को धमकाने या दबाव बनाने नहीं, बल्कि पीड़ित परिवार के प्रति अपनी सहानुभूति प्रकट करने गए थे। उनका मुख्य उद्देश्य शोकाकुल परिजनों को सांत्वना देना, मामले के निष्पक्ष अनुसंधान (जांच) के लिए उनका पक्ष जानना और परिवार को न्याय का पूरा भरोसा दिलाना था। बयान में कहा गया है कि मृतक के भाई चंदन तिवारी द्वारा लगाए गए सभी आरोप पूरी तरह से बेबुनियाद हैं और वे किसी के बहकावे में आकर पुलिस की छवि धूमिल करने की कोशिश कर रहे हैं।
वीडियो साक्ष्य से खुला सच: एकांत में बात करना चाहते थे परिजन
पुलिस द्वारा जारी किए गए वीडियो के सामने आने के बाद अब शिकायतकर्ता के दावों पर ही सवाल उठने लगे हैं। वीडियो के साक्ष्यों के अनुसार, जब एसपी राज परिजनों से मिलने पहुंचे, तो उनके साथ शाहपुर थाने की पुलिस और महिला सिपाही भी मौजूद थीं, जो मर्यादावश दरवाजे पर ही खड़ी थीं।
मुलाकात के दौरान खुद भरत भूषण तिवारी के परिजनों ने ही एसपी को भीड़भाड़ से हटकर अलग बात करने का इशारा किया था। परिजनों के अनुरोध पर एसपी महज तीन से चार कदम दूर जाकर उनसे बात करने लगे। इस बातचीत के दौरान परिजनों ने एसपी से अपने लिए सुरक्षा प्रदान करने और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की थी, न कि एसपी की ओर से कोई धमकी दी गई थी।

सामान्य माहौल में हुई बातचीत और नंबरों का आदान-प्रदान
भोजपुर पुलिस द्वारा जारी सीसीटीवी/वीडियो फुटेज में स्पष्ट देखा जा सकता है कि एसपी राज और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भरत भूषण के घर के भीतर बेहद सामान्य और सौहार्दपूर्ण माहौल में बातचीत कर रहे हैं। पीड़ित परिजन एक चौकी पर बैठे हैं और सभी अधिकारी शालीनता से उनके बगल में खड़े होकर उनकी बातें सुन रहे हैं।
वीडियो की मुख्य बातें:
बातचीत के दौरान भरत भूषण तिवारी की भाभी खुद एसपी को पास बुलाकर बात करती नजर आ रही हैं।
कुछ देर बाद भाई चंदन तिवारी भी एसपी को अपनी ओर बुलाकर थोड़ी दूर ले जाता है और सहजता से बातचीत करता है।
वीडियो के अंतिम हिस्से में भरत के भाई-भाभी और एसपी के बीच मोबाइल नंबरों का आदान-प्रदान भी होते देखा जा रहा है, जो किसी भी प्रकार के दबाव या डर की थ्योरी को खारिज करता है।
निष्पक्ष जांच बनाम बेबुनियाद आरोप इस वीडियो के पब्लिक डोमेन में आने के बाद अब यह मामला और पेचीदा हो गया है। एक तरफ जहां परिवार एनकाउंटर को लेकर पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठा रहा है, वहीं दूसरी तरफ पुलिस ने वीडियो जारी कर यह साबित करने की कोशिश की है कि उनके स्तर पर जांच पूरी तरह पारदर्शी है और वे परिवार के साथ खड़े हैं। बहरहाल, इस वीडियो साक्ष्य के बाद आरोपों की सच्चाई क्या है, यह तो आने वाली उच्च स्तरीय जांच में ही पूरी तरह साफ हो पाएगा।
