Ketan Agarwal Murder: लोहागढ़ किले पर पुलिस ने Siya के साथ कराया सीन रीक्रिएशन
Central News Desk : महाराष्ट्र के पुणे से एक ऐसा सनसनीखेज मामला सामने आया है जिसने मानवीय रिश्तों और सामाजिक सोच पर गहरे सवाल खड़े कर दिए हैं। पुणे के मशहूर रियल एस्टेट कारोबारी केतन अग्रवाल हत्याकांड का जो सच पुलिस जांच में सामने आया है, वह किसी के भी रोंगटे खड़े करने के लिए काफी है। इस हाई-प्रोफाइल मर्डर मिस्ट्री की कड़ियों को जोड़ने के लिए रविवार सुबह ठीक साढ़े छह बजे पुणे ग्रामीण पुलिस मुख्य आरोपी 20 साल की सिया गोयल को लेकर लोहागढ़ किले पर पहुंची। यह वही ऐतिहासिक और दुर्गम किला है, जहां बीते 18 जून को केतन अग्रवाल की रहस्यमयी परिस्थितियों में मौत हो गई थी।
बदनामी के डर से रची खौफनाक साजिश
पुलिस जांच और पूछताछ में जो कहानी सामने आई है, वह किसी डार्क थ्रिलर फिल्म की स्क्रिप्ट जैसी है। दरअसल, 20 वर्षीय सिया गोयल की सगाई पुणे के संपन्न बिजनेसमैन केतन अग्रवाल से तय हुई थी। परिवार इस रिश्ते से बेहद खुश था, लेकिन सिया इस अरेंज मैरिज के खिलाफ थी क्योंकि वह अपने 22 साल के प्रेमी चेतन चौधरी से बेपनाह प्यार करती थी।
पूछताछ के दौरान सिया ने पुलिस के सामने एक चौंकाने वाला दावा किया। उसने बताया कि अगर वह इस शादी से सीधे इनकार करती, तो समाज में उसके परिवार की भारी बदनामी होती और उनकी “इज्जत” मिट्टी में मिल जाती। इसी कथित सामाजिक बदनामी और लोकलाज के डर से बचने के लिए सिया और उसके प्रेमी चेतन ने एक ऐसा खौफनाक रास्ता चुना जिसने केतन की जिंदगी हमेशा के लिए खत्म कर दी।
घूमने के बहाने बुलाया और खाई में दे दिया धक्का
पुलिस के मुताबिक, दोनों प्रेमियों ने मिलकर केतन को रास्ते से हटाने का एक सोचा-समझा प्लान तैयार किया। योजना के तहत केतन को मौसम और लॉन्ग ड्राइव का बहाना बनाकर लोहागढ़ किले पर घूमने के लिए बुलाया गया। जैसे ही तीनों किले की ऊंचाइयों पर पहुंचे और वहां एकांत मिला, सिया और चेतन ने मौका पाकर केतन को एक बेहद गहरी और खतरनाक खाई में धक्का दे दिया। इतनी ऊंचाई से गिरने के कारण केतन की मौके पर ही मौत हो गई, और शुरुआत में इसे महज़ एक हादसा दिखाने की कोशिश की गई।

सच जानने के लिए पुलिस ने कराया ‘सीन रीक्रिएशन’
पुणे ग्रामीण पुलिस का कहना है कि इस मामले में वैज्ञानिक और कानूनी पक्ष को मजबूत करने के लिए ‘क्राइम सीन रीक्रिएशन’ जांच का सबसे अहम हिस्सा है। रविवार सुबह पुलिस टीम सिया गोयल को ठीक उसी स्पॉट पर लेकर गई जहां से केतन को नीचे फेंका गया था।
रीक्रिएशन का मुख्य उद्देश्य:
– आरोपियों द्वारा पूछताछ में दिए गए बयानों का जमीनी हकीकत से मिलान करना।
– यह जांचना कि वारदात के समय कौन-कहा खड़ा था और घटनाक्रम का सही क्रम क्या था।
– यह सुनिश्चित करना कि क्या तकनीकी और वैज्ञानिक रूप से उस खास जगह से किसी व्यक्ति को धक्का देना मुमकिन था।
डिजिटल सबूतों और फुटप्रिंट्स पर टिकी जांच
पुलिस इस मामले में किसी भी ढिलाई के मूड में नहीं है। आरोपियों के बयानों को परखने के साथ-साथ जांच टीम मोबाइल लोकेशन, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR), सीसीटीवी फुटेज और दोनों आरोपियों के डिजिटल फुटप्रिंट्स को बारीकी से खंगाल रही है। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस मर्डर की प्लानिंग कब और कैसे शुरू हुई और क्या इस रूह कंपा देने वाली साजिश में इन दोनों के अलावा किसी तीसरे मददगार की भी कोई भूमिका थी। पुणे पुलिस के आला अधिकारियों का साफ कहना है कि अगर सीन रीक्रिएशन और तकनीकी जांच के दौरान सिया और चेतन के बयानों में कोई भी विरोधाभास या झूठ पाया गया, तो अदालत में उनके खिलाफ कानून का शिकंजा और ज्यादा कस जाएगा।
