खामेनेई की मौत के लिए इजरायल ने किए ट्रैफिक कैमरे हैक
CENRAL NEWS DESK: तेहरान में शनिवार सुबह हुए एक बड़े हवाई हमले में ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली खामेनेई की मौत का दावा किया गया है। बताया जा रहा है कि यह हमला पास्चर स्ट्रीट स्थित उनके आधिकारिक कार्यालय पर उस समय किया गया, जब वे कई वरिष्ठ राजनीतिक और सैन्य अधिकारियों के साथ बैठक कर रहे थे। रिपोर्ट्स के मुताबिक हमले में लगभग 30 मिसाइलें दागी गईं, जिसमें खामेनेई समेत करीब 40 अधिकारियों के मारे जाने की खबर है। हालांकि, इस घटना को लेकर आधिकारिक स्तर पर अलग-अलग दावे सामने आ रहे हैं।
लंबे समय से चल रही थी तैयारी
सूत्रों के अनुसार, इजराइल ने इस ऑपरेशन की तैयारी कई वर्षों से की थी। इजराइल की खुफिया एजेंसी मोसाद और उसकी सिग्नल इंटेलिजेंस यूनिट यूनिट 8200 ने कथित तौर पर तेहरान के ट्रैफिक कैमरों और संचार नेटवर्क से जुड़ी जानकारियां जुटाईं। दावा है कि इन माध्यमों से वरिष्ठ अधिकारियों की गतिविधियों, सुरक्षा प्रबंधों और आवाजाही के पैटर्न का विश्लेषण किया गया। इंटेलिजेंस की भाषा में इसे ‘पैटर्न ऑफ लाइफ’ कहा जाता है, जिसमें किसी व्यक्ति की दिनचर्या और मूवमेंट का विस्तृत अध्ययन किया जाता है।
कुछ रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया है कि हमले से पहले पास्चर स्ट्रीट के आसपास के मोबाइल नेटवर्क को बाधित किया गया, ताकि सुरक्षा एजेंसियां समय रहते प्रतिक्रिया न दे सकें। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो पाई है।
अमेरिकी एजेंसी की कथित भूमिका
कई अंतरराष्ट्रीय रिपोर्ट्स में CIA की संभावित भूमिका का भी जिक्र किया गया है। कहा जा रहा है कि ऑपरेशन के दौरान तकनीकी और खुफिया सहयोग दिया गया। हालांकि अमेरिका या इजराइल की ओर से इस पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
राजनीतिक और रणनीतिक असर
विश्लेषकों का मानना है कि यदि यह दावा सही साबित होता है, तो यह मध्य पूर्व की राजनीति में एक बड़ा मोड़ होगा। खामेनेई 1989 से ईरान के सर्वोच्च नेता थे और देश की सैन्य, न्यायिक तथा धार्मिक संरचना पर उनका अंतिम नियंत्रण था। वे 1979 की इस्लामी क्रांति के प्रमुख चेहरों में रहे और बाद में रुहोल्लाह खुमैनी के निधन के बाद सर्वोच्च पद पर आसीन हुए।
खामेनेई इससे पहले 1981 से 1989 तक ईरान के राष्ट्रपति भी रह चुके थे। अपने लंबे कार्यकाल के दौरान उन्होंने देश की विदेश नीति, परमाणु कार्यक्रम और क्षेत्रीय रणनीति को आकार दिया। समर्थक उन्हें इस्लामी व्यवस्था का मजबूत रक्षक मानते रहे, जबकि आलोचक उन पर सख्त और केंद्रीकृत शासन चलाने का आरोप लगाते रहे।
पत्नी के निधन की खबर
खामेनेई की मौत के दो दिन बाद उनकी पत्नी मंसूरेह खोझस्तेह बघेरजादेह के भी निधन की खबर सामने आई है। बताया गया है कि वे हमले में घायल हुई थीं और इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। वे लंबे समय तक सार्वजनिक जीवन से दूर रहीं और राजनीतिक गतिविधियों में सक्रिय नहीं थीं।
क्षेत्रीय तनाव में इजाफा
इस घटना के बाद मध्य पूर्व में तनाव और बढ़ गया है। अमेरिका और ईरान के बीच पहले से ही परमाणु समझौते को लेकर मतभेद चल रहे थे। 2025 की शुरुआत से क्षेत्र में सैन्य गतिविधियां तेज होने की खबरें थीं। हाल के वर्षों में इजराइल पर ईरान के कई न्यूक्लियर वैज्ञानिकों और सैन्य अधिकारियों को निशाना बनाने के आरोप लगते रहे हैं, लेकिन किसी मौजूदा सर्वोच्च नेता पर हमला अभूतपूर्व माना जा रहा है।
फिलहाल, अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजरें तेहरान की प्रतिक्रिया और क्षेत्र में संभावित सैन्य व कूटनीतिक असर पर टिकी हैं। यदि यह घटना आधिकारिक रूप से पुष्टि होती है, तो इसके दूरगामी परिणाम पूरे मध्य पूर्व और वैश्विक राजनीति पर पड़ सकते हैं।
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