ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत, तेहरान में सत्ता संकट
CENTRAL NEWS DESK: मिडिल ईस्ट में जारी सैन्य टकराव के हालात ने नाटकीय मोड़ ले लिया। ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत की आधिकारिक पुष्टि ने पूरे क्षेत्र को हिला दिया। राजधानी Tehran में हुए लक्षित एयर स्ट्राइक (एयर स्ट्राइक) के दौरान शीर्ष कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (कमांड एंड कंट्रोल सेंटर) पर हमला हुआ, जिसमें खामेनेई गंभीर रूप से घायल हुए और बाद में उनकी मृत्यु हो गई। यह घटना न केवल ईरान की राजनीति बल्कि पूरे मिडिल ईस्ट की भू-राजनीति के लिए ऐतिहासिक और विस्फोटक साबित हो सकती है।

कैसे हुआ हमला: नेतृत्व पर सटीक वार
दूसरे दिन तड़के अमेरिका और इज़राइल ने संयुक्त रूप से हाई-प्रिसिजन स्ट्राइक की नई लहर चलाई। इस बार लक्ष्य सिर्फ मिसाइल डिपो या एयर डिफेंस सिस्टम नहीं, बल्कि रणनीतिक नेतृत्व संरचना थी। रक्षा सूत्रों के अनुसार, सैटेलाइट इंटेलिजेंस और रियल-टाइम सर्विलांस के आधार पर तेहरान के एक सुरक्षित परिसर को निशाना बनाया गया, जहां शीर्ष सैन्य और राजनीतिक नेतृत्व की बैठक चल रही थी। हमले में प्रिसिजन-गाइडेड म्यूनिशन और स्टील्थ ड्रोन का उपयोग किया गया। विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि परिसर का बड़ा हिस्सा ध्वस्त हो गया।

मृत्यु की पुष्टि और राष्ट्रीय शोक
कुछ घंटों की अटकलों के बाद ईरानी सरकारी मीडिया ने पुष्टि की कि अयातुल्ला अली खामेनेई का निधन हो गया है। 1989 से ईरान के सर्वोच्च नेता रहे खामेनेई देश की सैन्य और धार्मिक नीति के अंतिम निर्णायक थे। उनकी मृत्यु की खबर फैलते ही तेहरान, मशहद और क़ुम में भारी भीड़ जमा हो गई। मस्जिदों में विशेष नमाज़ अदा की गई। सरकार ने तीन दिन का राष्ट्रीय शोक घोषित किया।
अंतरिम लीडरशिप काउंसिल गठित की गई
ईरान की संवैधानिक व्यवस्था के अनुसार, सुप्रीम लीडर की मृत्यु के बाद अस्थायी रूप से असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स नया नेता चुनती है। फिलहाल एक अंतरिम लीडरशिप काउंसिल गठित की गई है, जिसमें वरिष्ठ धर्मगुरु और रिवोल्यूशनरी गार्ड के प्रतिनिधि शामिल हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इस सत्ता संक्रमण के दौरान आंतरिक अस्थिरता और बढ़ सकती है।
ईरान की सैन्य प्रतिक्रिया और विस्तार
खामेनेई की मौत के बाद ईरान ने ‘फुल-स्केल रिस्पॉन्स की घोषणा की। दूसरे दिन शाम तक दर्जनों बैलिस्टिक मिसाइल इज़राइल की ओर दागे गए। तेल अवीव और हाइफा में सायरन गूंज उठे। आयरन डोम और अन्य एयर डिफेंस इंटरसेप्टर सिस्टम सक्रिय हो गए। कुछ मिसाइलों के गिरने से इन्फ्रास्ट्रक्चर को नुकसान हुआ। खाड़ी क्षेत्र में भी अमेरिकी मिलिट्री बेस को निशाना बनाया गया।
अमेरिका और इज़राइल का आधिकारिक रुख
अमेरिकी प्रशासन ने कहा कि ऑपरेशन का उद्देश्य डिकैपिटेशन स्ट्राइक नहीं था, बल्कि सैन्य खतरे को निष्क्रिय करना था। हालांकि विश्लेषकों का मानना है कि शीर्ष नेतृत्व को निशाना बनाना रणनीतिक संदेश था। इजराइल ने कहा कि वह अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हर आवश्यक कदम उठाएगा।

तेल और बाजार पर असर
खामेनेई की मृत्यु की खबर के बाद ब्रेंट क्रूड की कीमतों में और उछाल आया। स्ट्रेट ऑफ हॉरमुज से गुजरने वाले जहाजों पर निगरानी बढ़ा दी गई। ग्लोबल स्टॉक मार्केट में भारी उतार-चढ़ाव देखा गया। निवेशकों ने गोल्ड और अन्य सेफ हेवन एसेट की ओर रुख किया। तेहरान में हजारों लोग सड़कों पर उतर आए। कुछ जगहों पर गुस्सा और शोक का मिश्रित माहौल रहा। अस्पतालों में घायलों की संख्या बढ़ी इंटरनेशनल फ्लाइट और ट्रैवल रूट प्रभावित हुए। कई देशों ने अपने नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी।
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