रामस्वरूप विश्वविद्यालय में छात्रों पर पुलिस लाठीचार्ज, भ्रष्टाचार और अवैध वसूली के खिलाफ था आंदोलन

0
ABVP barabanki theheadlinetoday

Lucnow News Desk: राजधानी लखनऊ के देवा रोड स्थित श्री रामस्वरूप मेमोरियल विश्वविद्यालय में सोमवार को बड़ा बवाल हो गया। विश्वविद्यालय में लगातार की जा रही अवैध वसूली और शैक्षिक भ्रष्टाचार के खिलाफ एबीवीपी कार्यकर्ताओं और छात्रों ने शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक तरीके से विरोध प्रदर्शन किया। लेकिन प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने बल प्रयोग करते हुए छात्रों पर लाठीचार्ज कर दिया। इस घटना में कई छात्र और कार्यकर्ता घायल हो गए।

आंदोलन की पृष्ठभूमि

छात्रों का आरोप है कि विश्वविद्यालय प्रशासन अवैध तरीके से पाठ्यक्रम चला रहा है और फीस के नाम पर छात्रों से मनमानी वसूली की जा रही है। जब छात्रों ने इसका विरोध किया और भ्रष्टाचार पर रोक लगाने की मांग की, तब विश्वविद्यालय प्रशासन ने पुलिस बल बुलाकर आंदोलन दबाने की कोशिश की।

लाठीचार्ज से मचा हंगामा

प्रदर्शनकारी छात्र और एबीवीपी कार्यकर्ता संवैधानिक दायरे में शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे थे। लेकिन अचानक पुलिस और कथित गुंडों ने मिलकर प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज शुरू कर दिया। इस बर्बर कार्रवाई से कई छात्र घायल हो गए और मौके पर अफरातफरी मच गई।

छात्रों का आरोप

प्रदर्शनकारी छात्रों ने कहा— यह घटना केवल लाठीचार्ज नहीं बल्कि लोकतंत्र और संविधान की हत्या है। विश्वविद्यालय प्रशासन छात्रों की जायज़ मांगों को दबाने की कोशिश कर रहा है। भ्रष्टाचार को बचाने के लिए पुलिस और प्रबंधन छात्रों की आवाज़ को कुचलने में लगे हैं।


एबीवीपी का रुख

एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने इसे लोकतंत्र पर सीधा हमला करार दिया और कहा—
शिक्षा में लूट नहीं चलेगी,छात्रों पर दमन स्वीकार नहीं, भ्रष्टाचार के विरुद्ध संघर्ष जारी रहेगा

एबीवीपी ने साफ चेतावनी दी है कि यदि विश्वविद्यालय प्रशासन और पुलिस ने अपनी मनमानी बंद नहीं की तो आंदोलन और व्यापक स्तर पर किया जाएगा।

सरकार की भूमिका पर सवाल

छात्रों ने सवाल उठाया कि आखिर शिक्षा संस्थानों में हो रहे भ्रष्टाचार और अवैध पाठ्यक्रमों के संचालन की जिम्मेदारी कौन लेगा? जब विद्यार्थी अपने अधिकारों के लिए सड़क पर उतरते हैं, तब उन्हें हिंसा और दमन का सामना क्यों करना पड़ता है?

यह पूरा मामला अब केवल एक विश्वविद्यालय तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उत्तर प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था और पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़ा कर रहा है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *