गणेश चतुर्थी से पहले लालबागचा राजा की पहली झलक, भक्तों में उत्साह की लहर
Mumbai News Desk: गणेशोत्सव की भव्य शुरुआत से पहले पूरे देशभर में माहौल भक्तिमय हो चुका है। इस कड़ी में रविवार (24 अगस्त) को मुंबई के प्रसिद्ध लालबागचा राजा की पहली झलक सामने आई, जिसे देखने के लिए श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। दर्शन के साथ ही माहौल “गणपति बप्पा मोरया” के जयकारों से गूंज उठा।
भक्तों में उमड़ा जोश
हर साल की तरह इस बार भी गणेश चतुर्थी से दो दिन पहले लालबागचा राजा सार्वजनिक गणेशोत्सव मंडल द्वारा प्रथम दर्शन का आयोजन किया गया। इस अवसर पर हजारों श्रद्धालुओं ने बप्पा के मनमोहक रूप का दर्शन कर आशीर्वाद लिया। भले ही इस मंडल में अन्य मंडलों की तरह आगमन शोभायात्रा नहीं होती, लेकिन प्रथम दर्शन समारोह अपने आप में भव्यता और उत्साह से भरपूर रहा।

इस साल की खास थीम
इस बार लालबाग में जामनगर के वनतारा की थीम पर सजावट की गई है। साथ ही दक्षिण भारत के प्रसिद्ध तिरुपति बालाजी मंदिर का दृश्य भी मंडप में दर्शाया गया है। भक्तों का कहना है कि लालबागचा राजा का हर साल का रूप अद्वितीय और अद्भुत होता है, लेकिन इस बार की थीम ने मन मोह लिया।
नितिन देसाई को याद किया गया
यह भी उल्लेखनीय है कि कई वर्षों तक दिवंगत कला निर्देशक नितिन चंद्रकांत देसाई ने लालबागचा राजा की सजावट को एक अलग पहचान दी थी। इस बार दर्शन के दौरान श्रद्धालुओं ने उन्हें भी भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी।
1934 से चली आ रही परंपरा
लालबागचा राजा सार्वजनिक गणेशोत्सव मंडल की स्थापना वर्ष 1934 में हुई थी। तभी से यह मंडल गणेशोत्सव की भव्य परंपरा निभा रहा है। इस साल यह आयोजन अपने 92वें वर्ष में प्रवेश कर रहा है। 27 अगस्त से 6 सितंबर 2025 तक चलने वाले इस उत्सव में लाखों भक्त मुंबई ही नहीं, बल्कि दुनिया के अलग-अलग हिस्सों से लालबागचा राजा के दर्शन करने पहुंचेंगे।
आस्था और विश्वास का केंद्र
लालबागचा राजा को केवल मुंबई का ही नहीं बल्कि पूरे भारत और विदेशों में बसे गणेश भक्तों का “सर्वाधिक लोकप्रिय बप्पा” माना जाता है। कहा जाता है कि जो भी सच्चे मन से यहां आकर बप्पा से प्रार्थना करता है, उसकी मनोकामना अवश्य पूरी होती है। यही कारण है कि हर साल लाखों की संख्या में श्रद्धालु कतारों में खड़े होकर दर्शन का सौभाग्य प्राप्त करते हैं।
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