ब्रिटेन में सत्ता का बड़ा उलटफेर: प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने दिया इस्तीफा, लेबर पार्टी में नेतृत्व की जंग शुरू
LONDON, ENGLAND - MAY 5: Prime Minister Keir Starmer speaks during a meeting with civic leaders to discuss tackling antisemitism at Downing Street on May 5, 2026 in London, England. (Photo by Hannah McKay - WPA Pool/Getty Images)
CENTRAL NEWS DESK: ब्रिटेन की राजनीति में सोमवार को बड़ा राजनीतिक विस्फोट देखने को मिला जब प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने अपने पद से इस्तीफा देने की घोषणा कर दी। लंबे समय से पार्टी के भीतर बढ़ते असंतोष, लगातार गिरती लोकप्रियता और हालिया उपचुनाव में प्रतिद्वंद्वी एंडी बर्नहम की शानदार जीत के बाद स्टार्मर पर दबाव लगातार बढ़ रहा था।
10 डाउनिंग स्ट्रीट के बाहर राष्ट्र को संबोधित करते हुए स्टार्मर ने कहा कि उन्होंने यह स्वीकार कर लिया है कि लेबर पार्टी अब उन्हें अगले आम चुनाव में नेतृत्व करने के लिए सही व्यक्ति नहीं मानती। उन्होंने कहा, “मैं पार्टी और देश के हित में यह फैसला ले रहा हूं। लोकतंत्र में नेतृत्व का सम्मान तभी तक है जब तक सहयोगियों का विश्वास बना रहे।”
लेबर पार्टी में नेतृत्व चुनाव का रास्ता साफ
इस्तीफे के साथ ही स्टार्मर ने लेबर पार्टी के नेता पद से भी हटने की घोषणा कर दी। उन्होंने पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी समिति (NEC) को नए नेता के चुनाव की प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश दिया है। पार्टी के अनुसार 9 जुलाई से नामांकन प्रक्रिया शुरू होगी और उसके बाद पार्टी सांसदों, ट्रेड यूनियनों और सदस्यों के बीच मतदान कराया जाएगा।

कौन हैं एंडी बर्नहम, जो बने स्टार्मर के सबसे बड़े चैलेंजर
हाल ही में उत्तर-पश्चिम इंग्लैंड के मेकरफील्ड संसदीय क्षेत्र में उपचुनाव जीतने वाले एंडी बर्नहम को स्टार्मर का सबसे बड़ा उत्तराधिकारी माना जा रहा है। 56 वर्षीय बर्नहम ब्रिटिश राजनीति का जाना-पहचाना चेहरा हैं। वे पहले भी दो बार लेबर पार्टी के नेतृत्व की दौड़ में शामिल हो चुके हैं और पिछले नौ वर्षों से ग्रेटर मैनचेस्टर के मेयर रहे हैं। उनकी लोकप्रियता और हालिया चुनावी जीत ने उन्हें पार्टी के भीतर मजबूत दावेदार बना दिया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि बर्नहम को पर्याप्त सांसदों का समर्थन मिलता है तो वे आसानी से नेतृत्व की दौड़ में आगे निकल सकते हैं।
स्टार्मर के खिलाफ असंतोष
2024 के आम चुनाव में भारी बहुमत से सत्ता में आने वाले स्टार्मर की सरकार शुरुआती दौर में काफी लोकप्रिय रही थी, लेकिन समय के साथ कई मुद्दों ने उनकी छवि को नुकसान पहुंचाया।
प्रमुख कारण:
- महंगाई और जीवनयापन की बढ़ती लागत
- कई नीतिगत यू-टर्न
- स्थानीय चुनावों में खराब प्रदर्शन
- पार्टी के भीतर नेतृत्व को लेकर असंतोष
- विपक्ष और मीडिया की बढ़ती आलोचना
राजनीतिक विशेषज्ञों का कहना है कि लेबर सांसदों को डर था कि स्टार्मर के नेतृत्व में अगला चुनाव पार्टी के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है।
अपने कार्यकाल का किया बचाव
इस्तीफे की घोषणा से पहले स्टार्मर ने अपने शासनकाल की उपलब्धियां भी गिनाईं।
उन्होंने दावा किया कि उनकी सरकार के दौरान:
- ब्रिटेन की अर्थव्यवस्था मजबूत हुई
- मजदूरी दर महंगाई से तेज बढ़ी
- राष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवा (NHS) की वेटिंग लिस्ट में 17 वर्षों की सबसे बड़ी गिरावट आई
- कर्मचारियों और किरायेदारों के अधिकार मजबूत हुए
- बुनियादी ढांचे में बड़े निवेश हुए
स्टार्मर ने कहा कि उन्हें अपने काम पर गर्व है और वे इतिहास के फैसले का इंतजार करेंगे।
ब्रिटेन की राजनीति में नया दौर शुरू
स्टार्मर के इस्तीफे के बाद ब्रिटेन में नेतृत्व परिवर्तन की प्रक्रिया शुरू हो गई है। आने वाले हफ्तों में लेबर पार्टी के भीतर जोरदार राजनीतिक मुकाबला देखने को मिल सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि नया नेता सिर्फ पार्टी का भविष्य तय नहीं करेगा, बल्कि ब्रिटेन की आर्थिक, विदेश और सामाजिक नीतियों की दिशा भी निर्धारित करेगा
Avneesh Mishra is a young and energetic journalist. He keeps a keen eye on sports, politics and foreign affairs. Avneesh has done Post Graduate Diploma in TV Journalism.
