अब फास्ट-ट्रैक कोर्ट में चलेगा केस, दोषियों को मिलेगी सख्त सजा: पीएम मोदी
CENTRAL NEWS DESK: दिल्ली में छात्रों के विरोध प्रदर्शन और पेपर लीक के मुद्दे पर बढ़ते राजनीतिक विवाद के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बड़ा ऐलान किया है। प्रधानमंत्री ने कहा कि पेपर लीक से जुड़े मामलों में तेजी से सुनवाई और दोषियों को सख्त सजा दिलाने के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाए जाएंगे। प्रधानमंत्री का यह बयान ऐसे समय आया है जब दिल्ली में छात्र प्रदर्शन कर रहे हैं और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर विपक्ष सरकार पर लगातार दबाव बना रहा है।
युवाओं का भविष्य सबसे महत्वपूर्ण: पीएम मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि सरकार ने पेपर लीक के मामलों में तेजी से कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट स्थापित करने का फैसला किया है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को इस दिशा में सभी जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि युवाओं का कल्याण और उनका भविष्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने साफ शब्दों में चेतावनी दी कि युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
राहुल गांधी के आरोपों के बाद आया पीएम का बयान
प्रधानमंत्री का यह ऐलान कांग्रेस नेता राहुल गांधी के उस आरोप के एक दिन बाद आया है, जिसमें उन्होंने पिछले 10 वर्षों में पेपर लीक के 152 मामलों का हवाला देते हुए कहा था कि इनमें दोषसिद्धि के मामले बेहद कम रहे हैं। राहुल गांधी ने पेपर लीक के मुद्दे पर सरकार से जवाबदेही तय करने और छात्रों की समस्याओं पर संसद में चर्चा की मांग की थी।
दिल्ली में छात्रों के प्रदर्शन के बीच सरकार का बड़ा कदम
पेपर लीक और परीक्षा व्यवस्था को लेकर दिल्ली में छात्रों का प्रदर्शन लगातार राजनीतिक रूप लेता जा रहा है। 20 जुलाई को संसद मार्च के दौरान पुलिस कार्रवाई को लेकर भी सरकार को विपक्ष के विरोध का सामना करना पड़ा। इसके बाद राहुल गांधी समेत कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेताओं ने प्रधानमंत्री आवास के बाहर प्रदर्शन किया। अब प्रधानमंत्री की ओर से फास्ट-ट्रैक कोर्ट का ऐलान छात्रों तक सीधा संदेश पहुंचाने की सरकार की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।
पेपर लीक पर पहले भी कई कदमों का दावा
प्रधानमंत्री ने कहा कि फास्ट-ट्रैक कोर्ट सरकार की ओर से पेपर लीक की समस्या से निपटने के लिए उठाए जा रहे कई कदमों में से सिर्फ एक है। सरकार का कहना है कि परीक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और पेपर लीक जैसी घटनाओं पर रोक लगाने के लिए कड़े कदम उठाए जा रहे हैं।
अब छात्रों का गुस्सा शांत होगा या आंदोलन और बढ़ेगा?
प्रधानमंत्री के इस ऐलान के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या फास्ट-ट्रैक कोर्ट की घोषणा से छात्रों का गुस्सा शांत होगा? छात्र संगठनों और विपक्ष की मांग है कि पेपर लीक मामलों में सिर्फ घोषणा नहीं, बल्कि दोषियों के खिलाफ समयबद्ध कार्रवाई भी होनी चाहिए। फिलहाल प्रधानमंत्री के ऐलान ने पेपर लीक के मुद्दे पर सरकार का रुख स्पष्ट कर दिया है। अब निगाहें इस बात पर हैं कि फास्ट-ट्रैक कोर्ट कब तक स्थापित होते हैं और पुराने मामलों में कार्रवाई कितनी तेजी से आगे बढ़ती है।
Avneesh Mishra is a young and energetic journalist. He keeps a keen eye on sports, politics and foreign affairs. Avneesh has done Post Graduate Diploma in TV Journalism.
