जंतर-मंतर जांच में हाई-टेक एंट्री: FRS से 2500 आपराधिक रिकॉर्ड वाले लोगों की पहचान का दावा, AI फर्जी वीडियो पर भी बड़ा खुलासा
CENTRAL NEWS DESK: जंतर-मंतर पर जारी आंदोलन के बीच दिल्ली पुलिस ने जांच में आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल तेज कर दिया है। पुलिस का दावा है कि फेसियल रिकग्निशन सिस्टम (FRS) की मदद से पिछले कुछ दिनों में करीब 2500 ऐसे लोगों की पहचान की गई है, जिनका पहले से आपराधिक रिकॉर्ड रहा है। वहीं, सोशल मीडिया पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल के नाम से वायरल हो रहे कथित एआई जनरेटेड वीडियो को प्रेस इंफॉर्मेशन ब्यूरो (PIB) की फैक्ट चेक यूनिट ने पूरी तरह फर्जी बताया है।
FRS कैमरों से हो रही निगरानी
दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर के प्रमुख एंट्री और एग्जिट प्वाइंट्स पर फेसियल रिकग्निशन सिस्टम की चार यूनिट तैनात की हैं। यह तकनीक कैमरे में दिखने वाले चेहरे का मिलान पुलिस के डेटाबेस से करती है। यदि किसी व्यक्ति का चेहरा पहले से दर्ज रिकॉर्ड से मेल खाता है तो सिस्टम कंट्रोल रूम को तत्काल अलर्ट भेज देता है।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, 20 जुलाई को संसद मार्च के दौरान हुई हिंसा के बाद इस तकनीक का इस्तेमाल और बढ़ा दिया गया। 21 से 23 जुलाई के बीच सिस्टम ने लगभग 2500 ऐसे लोगों की पहचान की, जिनका पहले से आपराधिक इतिहास दर्ज है। हालांकि पुलिस ने स्पष्ट किया है कि केवल पहचान होने का अर्थ यह नहीं है कि सभी लोग हिंसा में शामिल थे। प्रत्येक व्यक्ति की भूमिका की अलग-अलग जांच की जा रही है।

हर दिन 10 हजार लोग पहुंच रहे जंतर-मंतर
पुलिस के मुताबिक, जंतर-मंतर पर प्रतिदिन औसतन 10 हजार लोग प्रदर्शन में शामिल हो रहे हैं। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए करीब 3 हजार पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। अधिकारियों का कहना है कि इतनी बड़ी भीड़ में सुरक्षा बनाए रखने और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए तकनीक का सहारा लेना आवश्यक हो गया है।

हिंसा मामले में 15 एफआईआर दर्ज
संसद मार्च के दौरान हुई हिंसा की जांच भी तेजी से आगे बढ़ रही है। दिल्ली पुलिस के अनुसार, अब तक 15 एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं। जांच एजेंसियां सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल वीडियो, ड्रोन फुटेज और FRS से मिले इनपुट के आधार पर आरोपियों की पहचान कर रही हैं।
पुलिस का आरोप है कि प्रदर्शन के दौरान सुरक्षाकर्मियों पर पथराव किया गया, सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया गया और कुछ पुलिसकर्मियों पर धारदार हथियारों से हमला भी हुआ। हालांकि इन आरोपों की जांच जारी है और अंतिम निष्कर्ष न्यायालय में पेश किए जाने वाले साक्ष्यों के आधार पर तय होंगे।
प्रदर्शन जारी, CJP की मांगें बरकरार
इस बीच जंतर-मंतर पर आंदोलन जारी है। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का कहना है कि उनका आंदोलन पेपर लीक और परीक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर है। प्रदर्शनकारी केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।
वहीं, दिल्ली पुलिस का कहना है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन की अनुमति है, लेकिन हिंसा या कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

PIB ने AI जनरेटेड वीडियो को बताया फर्जी
मामले के बीच एक और बड़ा खुलासा सामने आया है। प्रेस इंफॉर्मेशन ब्यूरो (PIB) की फैक्ट चेक यूनिट ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल के नाम से सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे कथित एआई जनरेटेड वीडियो को फर्जी करार दिया है।
PIB के अनुसार, इन वीडियो में ऐसा दिखाने की कोशिश की गई कि दोनों नेताओं ने छात्रों को धमकी भरे बयान दिए हैं, जबकि वास्तविकता में उन्होंने ऐसे कोई बयान नहीं दिए। एजेंसी का कहना है कि वीडियो के ऑडियो और विजुअल में डिजिटल छेड़छाड़ कर भ्रामक संदेश फैलाया गया।
पाकिस्तानी प्रोपेगैंडा हैंडल्स पर आरोप
PIB फैक्ट चेक यूनिट का दावा है कि इन फर्जी वीडियो को कुछ पाकिस्तानी प्रोपेगैंडा हैंडल्स द्वारा सोशल मीडिया पर प्रसारित किया गया। एजेंसी के मुताबिक, प्रधानमंत्री मोदी के पेपर लीक पर दिए गए वास्तविक भाषण और केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल के बयान को एआई तकनीक से एडिट कर गलत संदर्भ में पेश किया गया। लोगों से अपील की गई है कि किसी भी वायरल वीडियो पर विश्वास करने से पहले उसकी सत्यता अवश्य जांच लें।
तकनीक, जांच और आंदोलन तीनों पर नजर
जंतर-मंतर का मामला अब केवल छात्र आंदोलन या पेपर लीक तक सीमित नहीं रह गया है। एक ओर फेसियल रिकग्निशन सिस्टम के जरिए जांच आगे बढ़ रही है, दूसरी ओर सोशल मीडिया पर एआई आधारित फर्जी वीडियो फैलाने के आरोप सामने आए हैं। इसी बीच प्रदर्शन, पुलिस कार्रवाई, राजनीतिक बयानबाजी और डिजिटल जांच समानांतर रूप से जारी है। आने वाले दिनों में जांच के निष्कर्ष और अदालत में पेश होने वाले साक्ष्य इस पूरे मामले की दिशा तय करेंगे।
Avneesh Mishra is a young and energetic journalist. He keeps a keen eye on sports, politics and foreign affairs. Avneesh has done Post Graduate Diploma in TV Journalism.
