अस्पताल की शर्मनाक लापरवाही: 11 घंटे तक वार्ड में पड़ा रहा शव, दम घुटने से भागे मरीज
Central News Desk: उत्तर प्रदेश के ज़िले में सरकारी अस्पताल में मानवता को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है। वार्ड में भर्ती एक मरीज की मौत के बाद उसका शव करीब 11 घंटे तक बेड पर ही पड़ा रहा, लेकिन अस्पताल प्रशासन ने उसे हटाने की ज़रूरत नहीं समझी।
वार्ड में फैली बदबू, घबराकर भागे अन्य मरीज
लंबे समय तक शव पड़े रहने से वार्ड में बदबू फैल गई। हालत यह हो गई कि अन्य मरीज और उनके परिजन वार्ड छोड़कर बाहर चले गए। कई लोग अस्पताल प्रशासन से लगातार कार्रवाई की मांग करते रहे, लेकिन कोई जिम्मेदार मौके पर नहीं पहुंचा।
परिजनों का आरोप – समय पर इलाज न मिलने से गई जान
मृतक के परिजनों ने आरोप लगाया कि समय पर इलाज और डॉक्टरों की मौजूदगी होती तो मरीज की जान बच सकती थी। परिजनों का कहना है कि मौत के बाद भी अस्पताल स्टाफ ने संवेदनहीन रवैया अपनाया।
प्रशासन ने जांच के आदेश दिए
मामले के तूल पकड़ने के बाद अस्पताल प्रबंधन ने संबंधित वार्ड इंचार्ज और ड्यूटी पर मौजूद स्टाफ से स्पष्टीकरण मांगा है। स्वास्थ्य विभाग ने भी मामले की जांच के आदेश दिए हैं और दोषियों पर कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
डॉक्टर ने बताया कि मरीज के साथ किसी के नहीं होने पर उसके साथ गार्ड भेजने के लिए अकबरपुर कोतवाली को सूचना भेजी गई। एक अस्पताल कर्मी पीआई (पुलिस इन्फॉर्मेशन) लेकर गया मगर थाने से गार्ड नहीं मिला। रात आठ बजे दोबारा पीआई भेजी गई। इधर, मरीज की रात लगभग 10 बजे मौत हो गई। देर रात तक शव बेड पर पड़ा रहा तो पास के बेड पर भर्ती मरीज वार्ड से बाहर आ गए। मामला जिलाधिकारी के संज्ञान में आने के बाद सुबह नौ बजे एक सफाई कर्मी ने शव हटाकर इमरजेंसी के बगल में बने मोर्चरी में रखवाया। करीब 11 घंटे तक शव बेड पर पड़ा रहा।
पुलिस चौकी व मोर्चरी, फिर भी नहीं हटा शव
मेडिकल कॉलेज परिसर में ही इमरजेंसी के सामने पुलिस चौकी बनी है। पुलिस कर्मी तैनात रहते हैं। साथ ही इमरजेंसी के बगल में मोर्चरी है। इसके बावजूद इमरजेंसी से शव हटाने में स्वास्थ्य कर्मियों को 11 घंटे लग गए। इस व्यवस्था को लेकर पुलिस व स्वास्थ्य कर्मियों की कार्यशैली पर मरीज व उनके साथ अस्पताल में मौजूद अन्य तीमारदारों ने सवाल उठाए।
मरीज के रेफर किए जाने की जानकारी पर एंबुलेंस बुलाई गई थी। एंबुलेंस नहीं आने की बात गलत है। रात में एक वार्ड ब्वाय व एक सफाई कर्मचारी ड्यूटी से अनुपस्थित थे। इसलिए इमरजेंसी से शव नहीं हट सका। लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों से स्पष्टीकरण मांगने के साथ ही अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। – डॉ. वंदना सिंह, सीएमएस
मैंने स्वयं इमरजेंसी जाकर जानकारी की है। मरीज की मौत रात 10:40 बजे होने की जानकारी मिली है। इमरजेंसी में किस डॉक्टर व कर्मचारी की ड्यूटी थी, किस स्तर पर लापरवाही की गई है, इसकी रिपोर्ट सीएमएस से मांगी है। लापरवाही करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। – डॉ. सज्जन लाल वर्मा, प्राचार्य
Avneesh Mishra is a young and energetic journalist. He keeps a keen eye on sports, politics and foreign affairs. Avneesh has done Post Graduate Diploma in TV Journalism.
