Friendship Day 2026: 95% लोग मानते हैं दोस्ती से बेहतर होती है लाइफ, लेकिन हर 3 में 1 व्यक्ति ने झेली टॉक्सिक फ्रेंडशिप
CENTRAL NEWS DESK: दोस्ती को दुनिया का सबसे मजबूत रिश्ता माना जाता है। यही वजह है कि हर साल अगस्त के पहले रविवार को फ्रेंडशिप डे मनाया जाता है। यह दिन सिर्फ दोस्तों के साथ जश्न मनाने का नहीं, बल्कि यह समझने का भी है कि अच्छी और बुरी दोस्ती हमारी जिंदगी को किस तरह प्रभावित करती है। दुनिया भर में हुए कई स्टडी से पता चलता है कि जहां सच्चे दोस्त जीवन को खुशहाल बनाते हैं, वहीं गलत दोस्ती मेंटल स्ट्रेस और भावनात्मक नुकसान की वजह भी बन सकती है।
95% लोगों ने कहा: अच्छी दोस्ती से बेहतर होती है जिंदगी
अमेरिका में हुए एक सर्वे के अनुसार 95 परसेंट लोगों का मानना है कि दोस्ती खुशहाल और स्वस्थ जीवन के लिए बेहद जरूरी है। रिसर्च में शामिल अधिकांश लोगों ने कहा कि अच्छे दोस्त मुश्किल समय में सबसे बड़ा सहारा बनते हैं और मानसिक तनाव को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, जिन लोगों के मजबूत सामाजिक रिश्ते होते हैं, उनमें अवसाद, अकेलापन और तनाव का खतरा अपेक्षाकृत कम देखा गया है।
हर तीसरे व्यक्ति ने झेली टॉक्सिक दोस्ती
दोस्ती हमेशा सकारात्मक हो, यह जरूरी नहीं है। एक अध्ययन में करीब 30 परसेंट लोगों ने माना कि उन्होंने अपने जीवन में कभी न कभी टॉक्सिक यानी नुकसान पहुंचाने वाली दोस्ती का अनुभव किया है। ऐसी दोस्ती में विश्वास टूटना, ईर्ष्या, भावनात्मक शोषण, लगातार आलोचना, मानसिक दबाव और स्वार्थ जैसी समस्याएं सामने आईं। मनोवैज्ञानिकों का कहना है कि लंबे समय तक ऐसी दोस्ती मानसिक स्वास्थ्य पर नकारात्मक असर डाल सकती है।
भारत के युवाओं में अकेलेपन की चिंता
भारत में युवाओं पर किए गए एक सर्वे में सामने आया कि करीब 75 परसेंट युवाओं ने दोस्तों के होने के बावजूद कभी न कभी अकेलापन महसूस किया। विशेषज्ञों का कहना है कि सोशल मीडिया पर हजारों दोस्त होना और वास्तविक जीवन में भरोसेमंद दोस्त होना, दोनों अलग बातें हैं।
अच्छी दोस्ती से मिलते हैं कई फायदे
विशेषज्ञों के अनुसार, सच्ची दोस्ती व्यक्ति का आत्मविश्वास बढ़ाती है, तनाव कम करती है, मेंटल हेल्थ बेहतर बनाती है और कठिन समय में भावनात्मक सहारा देती है। शोध बताते हैं कि जिन लोगों के अच्छे दोस्त होते हैं, वे जीवन से अधिक संतुष्ट महसूस करते हैं।
विशेषज्ञ चेतावनी देते हैं कि गलत संगत कई बार नशे की लत, हिंसा, अपराध, आर्थिक नुकसान और मानसिक तनाव जैसी समस्याओं का कारण बन सकती है। इसलिए दोस्त चुनते समय भरोसा, ईमानदारी और सकारात्मक सोच को प्राथमिकता देनी चाहिए।
क्या दोस्ती की वजह से मौत का कोई आधिकारिक आंकड़ा है?
सोशल मीडिया पर अक्सर ऐसे दावे किए जाते हैं कि बड़ी संख्या में लोगों की मौत दोस्ती की वजह से होती है, लेकिन विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ), संयुक्त राष्ट्र, राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) या किसी अन्य आधिकारिक संस्था ने ऐसा कोई प्रतिशत जारी नहीं किया है। अपराधों में कई बार आरोपी परिचित या दोस्त हो सकते हैं, लेकिन “दोस्ती के कारण मौत” की अलग श्रेणी में कोई आधिकारिक आंकड़ा उपलब्ध नहीं है। फ्रेंडशिप डे हमें यह याद दिलाता है कि दोस्ती सिर्फ साथ निभाने का नाम नहीं, बल्कि सही लोगों के साथ जीवन को बेहतर बनाने का भी माध्यम है। इसलिए दोस्ती करें, लेकिन समझदारी और भरोसे के साथ।
Avneesh Mishra is a young and energetic journalist. He keeps a keen eye on sports, politics and foreign affairs. Avneesh has done Post Graduate Diploma in TV Journalism.
