जाजमऊ गंगा पुल बंद होने से ट्रांसपोर्टरों की बढ़ी परेशानी, 122 किमी अतिरिक्त सफर और 5 हजार रुपये तक बढ़ा खर्च
CENTRAL NEWS DESK: जाजमऊ के पुराने गंगा पुल के बंद होने से आम राहगीरों के साथ ट्रांसपोर्ट कारोबार भी प्रभावित हुआ है। भारी वाहनों के लिए लागू डायवर्जन के कारण ट्रकों को कानपुर पहुंचने के लिए करीब 122 किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है। इससे एक ट्रक पर करीब पांच हजार रुपये तक डीजल का अतिरिक्त खर्च आ रहा है। वहीं, सफर में करीब 24 घंटे तक अतिरिक्त समय लग रहा है।
उत्तर प्रदेश युवा ट्रांसपोर्ट यूनियन के संरक्षक श्याम शुक्ल के अनुसार, डायवर्जन के कारण वाहनों को उन्नाव के गदनखेड़ा से बक्सर घाट तक करीब 54 किलोमीटर, बक्सर घाट से चौडगरा-प्रयागराज हाईवे तक करीब 23 किलोमीटर और चौडगरा से कानपुर शहर तक लगभग 45 किलोमीटर का सफर करना पड़ रहा है।
इस तरह ट्रकों को सामान्य मार्ग की तुलना में कुल करीब 122 किलोमीटर ज्यादा चलना पड़ रहा है। अतिरिक्त दूरी का सीधा असर डीजल की खपत पर पड़ रहा है। इसके साथ ही चालक का समय, वाहन का रखरखाव और परिचालन खर्च भी बढ़ गया है।
24 घंटे तक बढ़ रहा सफर का समय
ट्रांसपोर्टरों के मुताबिक डायवर्जन के कारण केवल दूरी ही नहीं बढ़ी है, बल्कि माल की आवाजाही में भी देरी हो रही है। एक ट्रक को गंतव्य तक पहुंचने में करीब 24 घंटे तक अतिरिक्त समय लग रहा है।
इससे ट्रांसपोर्टरों के लिए एक ही वाहन से कम फेरे लगाना संभव हो पा रहा है। लंबे समय तक पुल बंद रहने पर इसका असर माल ढुलाई की पूरी व्यवस्था पर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
बढ़ी लागत का असर माल की कीमत पर पड़ सकता है
ट्रांसपोर्टर आदित्य तिवारी ने बताया कि यदि करीब तीन महीने तक यही व्यवस्था जारी रहती है तो इसका असर माल ढुलाई कारोबार पर पड़ सकता है। ईंधन, समय और वाहन संचालन पर बढ़ने वाला खर्च अंततः माल भाड़े में शामिल करना पड़ सकता है।
ट्रांसपोर्टरों का कहना है कि परिवहन लागत बढ़ने का असर आगे चलकर बाजार में पहुंचने वाली वस्तुओं की कीमतों पर भी पड़ सकता है। पुल बंद रहने की अवधि जितनी लंबी होगी, कारोबारियों पर आर्थिक दबाव उतना ही बढ़ता जाएगा।
Avneesh Mishra is a young and energetic journalist. He keeps a keen eye on sports, politics and foreign affairs. Avneesh has done Post Graduate Diploma in TV Journalism.
