नेपाल ने विदेशी मदद को दी मंजूरी: भारत भेजेगा टनल रेस्क्यू और मेडिकल टीमें, 57.5 टन राहत सामग्री पहुंची
नेपाल में भीषण बाढ़ के बाद राहत और बचाव अभियान के लिए अब विदेशी मदद लेने का रास्ता साफ हो गया है। काठमांडू सरकार ने पहले विदेशी रेस्क्यू टीमों की मदद लेने से इनकार किया था, लेकिन अंतरराष्ट्रीय दबाव के बाद अब सीमित संख्या में विदेशी विशेषज्ञों और खोज-बचाव टीमों को प्रभावित इलाकों में काम करने की अनुमति दी जा रही है।
भारत ने नेपाल के अनुरोध पर तुरंत मदद की पेशकश की है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल के मुताबिक, भारत टनल रेस्क्यू टीम भेजने की तैयारी में है। सबसे पहले एक सर्वे टीम भेजी जा रही है, जो प्रभावित इलाकों का जायजा लेकर जरूरी उपकरणों और बचाव अभियान की जरूरतों का आकलन करेगी।
इसके साथ भारत मेडिकल टीम भी भेज रहा है। भारत ने नेपाल को बेली ब्रिज और तकनीकी टीमें उपलब्ध कराने की पेशकश की है, ताकि बाढ़ से टूटी कनेक्टिविटी को जल्द बहाल किया जा सके। एक बेली ब्रिज पहले से नेपाल में मौजूद है।
अंतरराष्ट्रीय दबाव के बाद बदला फैसला
काठमांडू पोस्ट के मुताबिक, बाढ़ प्रभावित इलाकों में कई विदेशी नागरिकों के लापता होने के बाद उनके देशों की ओर से नेपाल सरकार पर दबाव बढ़ा था। एक वरिष्ठ नेपाली अधिकारी के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय समुदाय लगातार मांग कर रहा था कि कम से कम खोज-बचाव विशेषज्ञों और तकनीकी टीमों को नेपाल आने की अनुमति दी जाए। इसके बाद सरकार ने कुछ चुनिंदा इलाकों में सीमित विदेशी विशेषज्ञों को अनुमति देने का फैसला किया।
रसुवा और नुवाकोट में हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट की सुरंगों में कई लोगों के फंसे या लापता होने की खबर है। मुश्किल हालात और सीमित प्रगति के बीच विशेषज्ञ टनल रेस्क्यू की जरूरत महसूस की जा रही है।
फॉरेंसिक जांच में भी मिलेगी विदेशी विशेषज्ञों की मदद
बाढ़ और मलबे के बाद बड़ी संख्या में शव बरामद हुए हैं। नेपाल में डीएनए टेस्टिंग और फॉरेंसिक पहचान की क्षमता सीमित होने के कारण विदेशी विशेषज्ञों की मदद लेने का फैसला किया गया है। इससे लापता लोगों की पहचान और शवों को उनके परिवारों तक पहुंचाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
भारत ने भेजी 10 टन और राहत सामग्री
भारत ने नेपाल को तीसरी खेप में 10 टन मानवीय सहायता भेजी है। इसमें पोर्टेबल जनरेटर, डिग्निटी किट, खाद्य पैकेट और पानी साफ करने वाली टैबलेट शामिल हैं। इसी फ्लाइट से 11 सदस्यीय डॉक्टर, पैरामेडिक और टनल रेस्क्यू विशेषज्ञों की टीम भी भेजी जा रही है। 26 अगस्त से अब तक भारत की ओर से नेपाल को दी गई कुल राहत सहायता 57.5 टन हो चुकी है। नेपाल में बाढ़ से प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव अभियान अभी भी जारी है। विदेशी विशेषज्ञों की मदद मिलने से सुरंगों में फंसे लोगों की तलाश और प्रभावित क्षेत्रों में राहत पहुंचाने की कार्रवाई तेज होने की उम्मीद है।
Avneesh Mishra is a young and energetic journalist. He keeps a keen eye on sports, politics and foreign affairs. Avneesh has done Post Graduate Diploma in TV Journalism.
