भारत में जल्द लागू होगा ‘वन कमांड’ सैन्य सिस्टम, चीन और पाकिस्तान सीमा के लिए बनेगी अलग थिएटर कमांड

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भारत की सैन्य व्यवस्था में आजादी के बाद का सबसे बड़ा बदलाव जल्द देखने को मिल सकता है। भारतीय सशस्त्र बल इंटीग्रेटेड थिएटर कमांड (Integrated Theatre Command) प्रणाली लागू करने की अंतिम तैयारी में हैं। सूत्रों के अनुसार, चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल एन.एस. राजा सुब्रमणि ने इस संबंध में रक्षा मंत्रालय से मंजूरी मांगी है।

बताया जा रहा है कि सीडीएस जल्द ही रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के सामने इस प्रस्ताव पर विस्तृत प्रस्तुति देंगे। रक्षा मंत्री की मंजूरी मिलने के बाद प्रस्ताव को अंतिम स्वीकृति के लिए कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (CCS) के पास भेजा जाएगा, जिसकी अध्यक्षता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करते हैं।

आजादी के बाद सबसे बड़ा सैन्य सुधार

यदि यह प्रस्ताव मंजूर हो जाता है तो यह भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना की कमान व्यवस्था में आजादी के बाद का सबसे बड़ा सुधार माना जाएगा। इसका उद्देश्य तीनों सेनाओं के बीच बेहतर तालमेल, तेज फैसले, संयुक्त अभियान और सैन्य संसाधनों का अधिक प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करना है।

जनरल बिपिन रावत का सपना होगा साकार

इंटीग्रेटेड थिएटर कमांड का विचार भारत के पहले सीडीएस जनरल बिपिन रावत ने रखा था। इसके बाद पूर्व सीडीएस जनरल अनिल चौहान ने अप्रैल 2026 में विस्तृत प्रस्ताव रक्षा मंत्रालय को सौंपा था। अब नए सीडीएस जनरल एन.एस. राजा सुब्रमणि इस योजना को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया आगे बढ़ा रहे हैं।

चार-स्टार थिएटर कमांडर संभालेंगे कमान

प्रस्ताव के अनुसार, प्रत्येक थिएटर कमांड का नेतृत्व चार-स्टार रैंक का अधिकारी करेगा, जिसकी स्थिति सेना, नौसेना और वायुसेना प्रमुख के बराबर होगी।

इन कमांडरों के अधीन तीनों सेनाओं के सैनिक, हथियार, लड़ाकू विमान, हेलीकॉप्टर, टैंक, युद्धपोत और अन्य सैन्य संसाधन एकीकृत रूप से काम करेंगे। इसके अलावा वाइस चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ का नया पद भी बनाया जा सकता है। प्रत्येक थिएटर में उप-कमांडर भी होंगे, जिन्हें अलग-अलग सेनाओं से नियुक्त किया जाएगा ताकि तीनों सेनाओं का संतुलित प्रतिनिधित्व बना रहे।

तीन बड़े थिएटर कमांड बनने की संभावना

प्रस्तावित ढांचे के तहत भारत में तीन प्रमुख थिएटर कमांड बनाए जाने की योजना है।

  • पश्चिमी थिएटर कमांड – पाकिस्तान सीमा की जिम्मेदारी
  • उत्तरी थिएटर कमांड – चीन सीमा की सुरक्षा
  • समुद्री थिएटर कमांड – हिंद महासागर और समुद्री सुरक्षा

सूत्रों के मुताबिक, पश्चिमी कमांड की कमान वायुसेना अधिकारी, उत्तरी कमांड की कमान सेना अधिकारी और समुद्री कमांड की जिम्मेदारी नौसेना अधिकारी को सौंपी जा सकती है।

ऑपरेशन सिंदूर बना मिसाल

मई 2025 में चलाया गया ऑपरेशन सिंदूर पहला बड़ा अभियान था, जिसमें भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना ने पूरी तरह संयुक्त तरीके से ऑपरेशन संचालित किया। इसके अलावा एक्सरसाइज त्रिशूल जैसे संयुक्त सैन्य अभ्यास भी थिएटर कमांड की अवधारणा को ध्यान में रखकर आयोजित किए गए।

सैन्य ताकत और बढ़ेगी

रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि थिएटर कमांड लागू होने से युद्ध या आपात स्थिति में तीनों सेनाओं के बीच समन्वय तेज होगा, निर्णय लेने में समय कम लगेगा और सीमाओं पर भारत की सैन्य प्रतिक्रिया पहले से अधिक प्रभावी और मजबूत बनेगी। यह कदम चीन और पाकिस्तान जैसे दो मोर्चों पर एक साथ रणनीतिक तैयारी को नई मजबूती देने वाला माना जा रहा।

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