अमेरिका-ईरान तनाव की कीमत: 5 महीने में 15 भारतीय नाविकों की मौत, कई घायल, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बना सबसे खतरनाक समुद्री मार्ग
CENTRAL NEWS DESK: अमेरिका-ईरान संघर्ष के बीच दुनिया के सबसे व्यस्त समुद्री मार्ग स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में काम कर रहे भारतीय नाविक लगातार खतरे का सामना कर रहे हैं। पिछले पांच महीनों में अलग-अलग हमलों और घटनाओं में कम से कम 15 भारतीय नाविकों की मौत हो चुकी है, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल हुए हैं। हालिया हमले के बाद भारत सरकार ने ईरान के वरिष्ठ राजनयिक को तलब कर कड़ा विरोध दर्ज कराया है।
ताजा हमला: एक भारतीय की मौत, छह घायल
सबसे ताजा घटना में ईरान द्वारा यूएई से जुड़े दो तेल टैंकरों – मोम्बासा बी और अल बह्या पर मिसाइल हमला किया गया। दोनों जहाज ओमान के समुद्री क्षेत्र में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजर रहे थे। हमले में एक भारतीय नाविक की मौत हो गई, जबकि छह भारतीय और दो यूक्रेनी नागरिक घायल हुए। घायलों में चार की हालत गंभीर बताई जा रही है। यूएई रक्षा मंत्रालय और शिपिंग कंपनी एडीएनओसी लॉजिस्टिक्स एंड सर्विसेज (ADNOC L&S) ने पुष्टि की कि दोनों जहाजों को भारी नुकसान पहुंचा है।
भारत सरकार ने जताया विरोध
घटना के बाद भारत सरकार ने नई दिल्ली स्थित ईरानी दूतावास के उप प्रमुख मोहम्मद जवाद होसेनी को विदेश मंत्रालय बुलाकर भारतीय नागरिकों की सुरक्षा पर गंभीर चिंता जताई। सरकार ने समुद्री मार्गों पर काम कर रहे भारतीय नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की।
पांच महीनों में भारतीय नाविकों पर बड़े हमले
1 मार्च
मार्शल आइलैंड्स के झंडे वाले तेल टैंकर एमकेडी व्योम पर हमले में एक भारतीय नाविक की मौत हुई। उसी दिन स्काईलाइट नामक टैंकर पर हमले में दो अन्य भारतीय नाविक भी मारे गए।
8 मई
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पास भारतीय चालक दल वाले एक पारंपरिक जहाज (ढाऊ) में आग लगने से एक भारतीय नाविक की जान चली गई।
9 जून
ओमान तट के पास एमटी सेटेबेलो तेल टैंकर पर अमेरिकी सैन्य कार्रवाई में तीन भारतीय नाविकों की मौत हुई। अमेरिका ने दावा किया कि जहाज ने चेतावनी के बावजूद प्रतिबंधित क्षेत्र में प्रवेश किया था।
12 जुलाई
साइप्रस के झंडे वाले जीएफएस गैलेक्सी जहाज पर ईरानी हमले के बाद एक भारतीय नाविक लापता हो गया। बाद में ओमान नौसेना ने 10 भारतीयों को सुरक्षित बचा लिया।
14 जुलाई
मोम्बासा बी और अल बह्या टैंकरों पर ईरानी मिसाइल हमले में एक भारतीय नाविक की मौत और छह भारतीय घायल हुए।
भारतीय नाविकों के लिए क्यों खतरनाक बना स्ट्रेट ऑफ होर्मुज?
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया के सबसे अहम समुद्री व्यापार मार्गों में शामिल है, जहां से वैश्विक तेल आपूर्ति का बड़ा हिस्सा गुजरता है। हजारों भारतीय नाविक अंतरराष्ट्रीय जहाजों पर इसी मार्ग से नियमित रूप से यात्रा करते हैं।
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव के कारण यह इलाका लगातार हमलों और सैन्य गतिविधियों का केंद्र बना हुआ है। ऐसे में भारतीय समुद्री कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।
सरकार के सामने बड़ी चुनौती
भारत दुनिया के सबसे बड़े समुद्री कार्यबल वाले देशों में शामिल है। लगातार हो रहे हमलों में भारतीय नाविकों की मौत और घायल होने की घटनाओं ने विदेश मंत्रालय और समुद्री सुरक्षा एजेंसियों के सामने नई चुनौती खड़ी कर दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि संघर्ष जारी रहने पर भारतीय जहाजों और नाविकों की सुरक्षा के लिए अतिरिक्त रणनीति अपनानी पड़ सकती है।
Avneesh Mishra is a young and energetic journalist. He keeps a keen eye on sports, politics and foreign affairs. Avneesh has done Post Graduate Diploma in TV Journalism.
