उत्तर भारत में मानसून की धमाकेदार एंट्री, दिल्ली-यूपी समेत कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट; 1,500 किमी लंबी मानसून ट्रफ हुई एक्टिव
CENTRAL NEWS DESK: देशभर में भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। दक्षिण-पश्चिम मानसून ने आखिरकार लंबा इंतजार खत्म करते हुए जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश में एंट्री कर ली है। भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार अब मानसून देश के 26 राज्यों तक पहुंच चुका है। हालांकि 24 जून को मध्य प्रदेश और गुजरात पहुंचने के बाद मानसून लगभग छह दिनों तक कमजोर पड़ गया था, जिससे उत्तर और मध्य भारत के कई हिस्सों में गर्मी और उमस का असर लगातार बना रहा।
अब मौसम विभाग का कहना है कि 1,500 किलोमीटर लंबी मानसून ट्रफ सक्रिय हो चुकी है, जिसके चलते आने वाले दिनों में उत्तर भारत के कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है।

1,500 किलोमीटर लंबी मानसून ट्रफ हुई एक्टिव
सैटेलाइट तस्वीरों में साफ दिखाई दे रहा है कि बंगाल की खाड़ी से लेकर जम्मू-कश्मीर तक करीब 1,500 किलोमीटर लंबी कम दबाव की पट्टी बन चुकी है। मौसम वैज्ञानिक इसे मानसून की रीढ़ मानते हैं।
फिलहाल यह ट्रफ हिमालय की तलहटी के पास बनी हुई है, लेकिन अगले कुछ दिनों में इसके धीरे-धीरे दक्षिण की ओर सामान्य स्थिति में आने की संभावना है। जैसे-जैसे यह ट्रफ अपनी सामान्य स्थिति में पहुंचेगी, वैसे-वैसे उत्तर भारत में बारिश की गतिविधियां तेजी से बढ़ेंगी।
1 से 4 जुलाई तक इन राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट
भारत मौसम विज्ञान विभाग के मुताबिक 1 जुलाई से 4 जुलाई के बीच कई राज्यों में मूसलाधार बारिश हो सकती है। इनमें प्रमुख रूप से—
- उत्तर प्रदेश
- बिहार
- उत्तराखंड
- हिमाचल प्रदेश
- पंजाब
- हरियाणा
- जम्मू-कश्मीर
शामिल हैं। मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है।
क्या होती है मानसून ट्रफ?
मानसून ट्रफ कम दबाव का एक लंबा क्षेत्र होता है, जो अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से नमी से भरी हवाओं को भारत के अंदरूनी हिस्सों तक लेकर आता है। यही प्रणाली देशभर में व्यापक बारिश का सबसे बड़ा कारण बनती है। जब यह ट्रफ सामान्य स्थिति में रहती है तो अच्छी बारिश होती है, लेकिन इसके उत्तर या दक्षिण की ओर खिसकने से कई राज्यों में बारिश का पैटर्न बदल जाता है।
असम और अरुणाचल में बाढ़ का कहर
लगातार हो रही भारी बारिश ने पूर्वोत्तर भारत में हालात गंभीर बना दिए हैं। अरुणाचल प्रदेश में लेकू नदी उफान पर है, जिसका असर पड़ोसी असम के जोनाई क्षेत्र में भी देखने को मिला। भारी बारिश के कारण राष्ट्रीय राजमार्ग-515 पानी में डूब गया, जिससे यातायात पूरी तरह प्रभावित हो गया।
असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार
- 6 जिले बाढ़ से प्रभावित
- 22 हजार से अधिक लोग प्रभावित
- धेमाजी जिले में सबसे ज्यादा असर
- 96 गांव जलमग्न
- करीब 1,690 हेक्टेयर कृषि भूमि प्रभावित
- 48 हजार से ज्यादा पशुधन प्रभावित
प्रशासन लगातार राहत और बचाव कार्य चला रहा है।
देशभर में बारिश और मौसम से जुड़ी बड़ी घटनाएं
मानसून के असर से कई राज्यों में अलग-अलग घटनाएं सामने आई हैं।
- गुजरात के नवसारी में 12 घंटे में 3.6 इंच बारिश दर्ज हुई, जिससे कई इलाकों में जलभराव हो गया।
- उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद में ई-रिक्शा पर नीम का पेड़ गिरने से 5 लोगों की मौत और 2 लोग घायल हो गए।
- मुंबई के चेंबूर में स्कूल वैन पर पेड़ गिरने से 10 बच्चे घायल हुए।
- मध्य प्रदेश के महू स्थित पातालपानी जलप्रपात का जलस्तर तेजी से बढ़ गया।
- हिमाचल प्रदेश के जहालमा नाले में बर्फ पिघलने के बाद अचानक बाढ़ आ गई।
बारिश के बावजूद 6 राज्यों में जारी है भीषण गर्मी
जहां एक ओर कई राज्यों में बारिश हो रही है, वहीं दूसरी ओर उत्तर और मध्य भारत के कई हिस्सों में हीटवेव का असर अभी भी बना हुआ है।
मंगलवार को दर्ज अधिकतम तापमान
- हरियाणा के रोहतक में 43.5 डिग्री सेल्सियस
- दिल्ली में 43.4 डिग्री सेल्सियस
- उत्तर प्रदेश के बांदा में 43.2 डिग्री सेल्सियस
- मध्य प्रदेश के खजुराहो में 41.2 डिग्री सेल्सियस
- पंजाब के आनंदपुर साहिब में 40.6 डिग्री सेल्सियस
- गुजरात के सुरेंद्रनगर में 40.5 डिग्री सेल्सियस
मौसम विभाग का कहना है कि मानसून पूरी तरह सक्रिय होने तक कुछ इलाकों में गर्मी का असर बना रह सकता है।
1 जुलाई का मौसम पूर्वानुमान
मौसम विभाग के अनुसार बुधवार को कई राज्यों में भारी बारिश और तेज हवाएं चलने की संभावना है।
भारी बारिश की संभावना
- छत्तीसगढ़
- तेलंगाना
- ओडिशा
- केरल
- गोवा
- तमिलनाडु
- अरुणाचल प्रदेश
- असम
- मेघालय
- पश्चिम बंगाल
- सिक्किम
तेज हवाओं की संभावना
- बिहार में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार
- मध्य प्रदेश
- पूर्वी राजस्थान
- तमिलनाडु
- ओडिशा
पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में हीटवेव की स्थिति बनी रह सकती है।
2 जुलाई को भी जारी रहेगा बारिश का दौर
मौसम विभाग के मुताबिक 2 जुलाई को भी कई राज्यों में मौसम खराब रहेगा।
भारी बारिश की संभावना
- आंध्र प्रदेश
- झारखंड
- ओडिशा
- असम
- मेघालय
- पश्चिम बंगाल
- सिक्किम
वहीं सिक्किम, गोवा, तेलंगाना और कर्नाटक के समुद्री क्षेत्रों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।दूसरी ओर मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र के नागपुर-अमरावती क्षेत्र में लगातार पांचवें दिन हीटवेव का अलर्ट जारी रहेगा।
मौसम विभाग की सलाह
मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि भारी बारिश वाले क्षेत्रों में नदी-नालों से दूर रहें, पहाड़ी इलाकों में यात्रा के दौरान अतिरिक्त सावधानी बरतें और स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी एडवाइजरी का पालन करें। आने वाले चार से पांच दिन देश के कई हिस्सों में मौसम तेजी से बदल सकता है, इसलिए ताजा अपडेट पर नजर बनाए रखना जरूरी होगा।
Avneesh Mishra is a young and energetic journalist. He keeps a keen eye on sports, politics and foreign affairs. Avneesh has done Post Graduate Diploma in TV Journalism.
