अलीगंज अग्निकांड: 100 से ज्यादा अफसर और इंजीनियर जांच के घेरे में, 12 साल की तैनाती का रिकॉर्ड खंगालेगी SIT
CENTRAL NEWS DESK: अलीगंज अग्निकांड मामले में अब जांच का दायरा और बड़ा हो गया है। शासन और विशेष जांच दल (एसआईटी) की सख्ती के बाद लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) ने वर्ष 2014 से 2026 तक अलीगंज क्षेत्र में तैनात रहे 100 से अधिक अधिकारियों, अभियंताओं और कर्मचारियों की सूची तैयार कर शासन को भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। माना जा रहा है कि इस मामले में कई अधिकारियों पर कार्रवाई की तलवार लटक सकती है।
एसआईटी ने एलडीए अधिकारियों से की कड़ी पूछताछ
शुक्रवार को शासन द्वारा गठित एसआईटी ने एलडीए के वरिष्ठ अधिकारियों को तलब किया। इस दौरान एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार और एक अपर सचिव शासन के समक्ष पेश हुए। बैठक में अग्निकांड वाली इमारत, अवैध निर्माण, मानचित्र स्वीकृति, निगरानी व्यवस्था और विभागीय लापरवाही को लेकर कई अहम सवाल पूछे गए।
एसआईटी ने यह भी जानना चाहा कि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए एलडीए कौन-कौन से ठोस कदम उठा रहा है।
ध्वस्तीकरण आदेश वापस लेने वाली फाइलें भी जांच के दायरे में
इससे पहले एसआईटी ने अग्निकांड से जुड़ी संपत्ति, भवन मानचित्र, अवैध निर्माण और ध्वस्तीकरण आदेश वापस लेने से संबंधित सभी फाइलें एलडीए से तलब की थीं। एलडीए ने ये दस्तावेज जांच टीम को सौंप दिए हैं। अब इन्हीं फाइलों के आधार पर जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका की जांच की जाएगी।
शनिवार को कई अधिकारियों के दर्ज होंगे बयान
सूत्रों के मुताबिक संपत्ति शाखा, मानचित्र अनुभाग और विहित प्राधिकारी से जुड़े कई अधिकारियों को शनिवार को बयान दर्ज कराने के लिए बुलाया गया है। बयान से पहले 2014 से 2026 तक अलीगंज क्षेत्र में तैनात सभी अधिकारियों और अभियंताओं की विस्तृत सूची एसआईटी और शासन को उपलब्ध कराई जाएगी।
पहले भेजी गई थी सिर्फ 19 नामों की सूची
एलडीए ने शुरुआती चरण में केवल 19 अभियंताओं और 6 पीसीएस अधिकारियों के नाम शासन को भेजे थे। इनमें अधिकांश अधिकारी सेवानिवृत्त थे और एक अधिकारी का निधन भी हो चुका था। शासन ने इस सूची को अधूरा मानते हुए पूरी प्रशासनिक श्रृंखला की जिम्मेदारी तय करने के निर्देश दिए। इसके बाद अब पूरे 12 वर्षों के दौरान तैनात रहे सभी अधिकारियों को जांच के दायरे में शामिल किया गया है।
अब इन सवालों के जवाब तलाशेगी एसआईटी
- वर्ष 2014 से 2026 तक तैनात किन अधिकारियों की लापरवाही सामने आएगी?
- अवैध निर्माण के खिलाफ जारी ध्वस्तीकरण आदेश किसके निर्देश पर वापस लिए गए?
- क्या जांच के बाद दोषी अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई होगी या मामला केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित रहेगा?
- अग्निकांड जैसी घटनाओं की जिम्मेदारी आखिर किस स्तर पर तय की जाएगी?
जांच पर टिकी सबकी नजर
अलीगंज अग्निकांड के बाद अब पूरी जांच एसआईटी के हाथ में है। शासन ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। ऐसे में आने वाले दिनों में इस मामले में कई बड़े प्रशासनिक फैसले सामने आ सकते हैं।
Avneesh Mishra is a young and energetic journalist. He keeps a keen eye on sports, politics and foreign affairs. Avneesh has done Post Graduate Diploma in TV Journalism.
