पद्म सम्मान समारोह 2026: राष्ट्र गौरव के क्षणों का साक्षी बना राष्ट्रपति भवन, रोहित शर्मा से लेकर अलका याज्ञनिक तक विभूतियां हुईं अलंकृत

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CENTRAL NEWS DESK: राष्ट्र की असाधारण प्रतिभाओं, लोकसेवियों, कलाकारों, साहित्यकारों और खेल जगत की विभूतियों को सम्मानित करने वाला पद्म पुरस्कार समारोह मंगलवार को राष्ट्रपति भवन में भव्यता और गरिमा के साथ संपन्न हुआ। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने वर्ष 2026 के पद्म पुरस्कारों के द्वितीय चरण में कुल 65 विशिष्ट हस्तियों को अलंकरण प्रदान किए। समारोह में 2 पद्म विभूषण, 7 पद्म भूषण और 56 पद्मश्री सम्मान प्रदान किए गए।

राष्ट्रपति भवन का अशोक हॉल देश की उन विभूतियों के सम्मान का साक्षी बना, जिन्होंने अपने-अपने क्षेत्र में असाधारण योगदान देकर भारत का नाम वैश्विक पटल पर गौरवान्वित किया है।

जनसेवा और साहित्य क्षेत्र की विभूतियों को मिला सर्वोच्च सम्मान

समारोह में सर्वोच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति के.टी. थॉमस को जनसेवा क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए पद्म विभूषण से अलंकृत किया गया। वहीं वरिष्ठ मलयालम पत्रकार पी. नारायणन को साहित्य और पत्रकारिता क्षेत्र में उनके दीर्घकालिक योगदान के लिए पद्म विभूषण प्रदान किया गया।

झारखंड आंदोलन के अग्रणी नेता और राज्य के प्रथम मुख्यमंत्री शिबू सोरेन को मरणोपरांत पद्म भूषण से सम्मानित किया गया। यह सम्मान ग्रहण करने उनकी पत्नी रूपी सोरेन समारोह में उपस्थित रहीं। इस दौरान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू स्वयं मंच से उतरकर उनके पास पहुंचीं और सम्मान प्रदान किया, जिसने पूरे समारोह को भावुक बना दिया।

अलका याज्ञनिक का भावुक क्षण बना चर्चा का विषय

भारतीय संगीत जगत की सुर साम्राज्ञी अलका याज्ञनिक को पद्म भूषण से सम्मानित किया गया। चार दशकों से अधिक समय तक अपनी मधुर आवाज से करोड़ों श्रोताओं के दिलों पर राज करने वाली अलका याज्ञनिक ने सम्मान ग्रहण करने से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चरण स्पर्श कर आशीर्वाद लिया। यह भावुक क्षण समारोह के सबसे चर्चित दृश्यों में शामिल रहा। सभागार में उपस्थित लोगों ने तालियों की गड़गड़ाहट से उनका स्वागत किया।

रोहित शर्मा और सविता पूनिया पर बरसी सम्मान की वर्षा

भारतीय क्रिकेट के दिग्गज बल्लेबाज और पूर्व कप्तान रोहित शर्मा को खेल क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए पद्मश्री से अलंकृत किया गया। रोहित शर्मा एकदिवसीय क्रिकेट में तीन दोहरे शतक लगाने वाले विश्व के एकमात्र बल्लेबाज हैं। उनकी कप्तानी में भारत ने वर्ष 2024 का टी-20 विश्व कप भी अपने नाम किया था। वहीं भारतीय महिला हॉकी टीम की पूर्व कप्तान और गोलरक्षक सविता पूनिया को भी पद्मश्री से सम्मानित किया गया। ‘भारतीय महिला हॉकी की महान दीवार’ के नाम से प्रसिद्ध सविता लगातार तीन बार अंतरराष्ट्रीय हॉकी महासंघ की वर्ष की सर्वश्रेष्ठ गोलरक्षक चुनी जाने वाली पहली भारतीय महिला हैं।

सिनेमा जगत की हस्तियों को भी मिला गौरव

भारतीय सिनेमा के लोकप्रिय अभिनेता आर. माधवन को कला क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए पद्मश्री प्रदान किया गया। अभिनेता, फिल्म निर्माता और पटकथा लेखक के रूप में माधवन ने भारतीय मनोरंजन जगत में महत्वपूर्ण पहचान बनाई है। मलयालम सिनेमा के महानायक ममूटी को पद्म भूषण से सम्मानित किया गया। पांच दशकों से अधिक लंबे अभिनय करियर में उन्होंने 400 से अधिक फिल्मों में अभिनय कर भारतीय सिनेमा को नई ऊंचाइयां प्रदान की हैं। दिवंगत अभिनेता सतीश शाह को मरणोपरांत पद्मश्री सम्मान दिया गया। यह सम्मान उनके भाई अरविंद शाह ने ग्रहण किया।

लोक संस्कृति के संरक्षणकर्ताओं को भी मिला सम्मान

नागालैंड के लोक कलाकार संग्युसुंग पोंगनेर को ‘आओ नागा’ लोक संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन के लिए पद्मश्री प्रदान किया गया। उनकी पारंपरिक वेशभूषा समारोह का आकर्षण बनी रही। वहीं प्रह्लाद नाट्य परंपरा को जीवित रखने वाले सीमांचल पात्र को भी पद्मश्री से सम्मानित किया गया। सम्मान प्राप्त करने के बाद उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के चरण स्पर्श कर आशीर्वाद लिया।

समाज सेवा और शिक्षा क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान का सम्मान

छत्तीसगढ़ की समाजसेवी बुधरी ताती को आदिवासी महिलाओं के उत्थान, शिक्षा और आत्मनिर्भरता के क्षेत्र में चार दशकों से अधिक समय तक किए गए कार्यों के लिए पद्मश्री से सम्मानित किया गया। मध्य प्रदेश के समाजसेवी मोहन नागर को भी सामाजिक उत्थान और जनसेवा के लिए पद्मश्री सम्मान प्रदान किया गया। रूस की प्रख्यात भारतविद् और भाषाविद् डॉ. ल्यूडमिला खोखलोवा को भारतीय भाषाओं और संस्कृति पर उनके महत्वपूर्ण शोध कार्यों के लिए पद्मश्री से नवाजा गया।

कुश्ती जगत के महान प्रशिक्षक को मरणोपरांत सम्मान

भारतीय कुश्ती को वैश्विक पहचान दिलाने में अहम भूमिका निभाने वाले दिग्गज प्रशिक्षक व्लादिमीर मेस्तविरीश्विली को मरणोपरांत पद्मश्री सम्मान प्रदान किया गया। उन्होंने सुशील कुमार, योगेश्वर दत्त और बजरंग पुनिया जैसे ओलंपिक पदक विजेता पहलवानों को प्रशिक्षित कर भारत को विश्व कुश्ती मानचित्र पर स्थापित करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

कुल 131 हस्तियों का हुआ चयन

वर्ष 2026 के पद्म पुरस्कारों के लिए कुल 131 विशिष्ट व्यक्तियों का चयन किया गया था। इससे पहले मई माह में आयोजित प्रथम चरण के समारोह में 66 हस्तियों को सम्मानित किया गया था, जिनमें भारतीय महिला क्रिकेट टीम की कप्तान हरमनप्रीत कौर सहित अनेक प्रमुख नाम शामिल थे।

राष्ट्र निर्माण में योगदान देने वालों को नमन

पद्म पुरस्कार केवल सम्मान नहीं, बल्कि उन असाधारण व्यक्तित्वों के प्रति राष्ट्र की कृतज्ञता का प्रतीक हैं, जिन्होंने अपने कार्यों से समाज, संस्कृति, खेल, साहित्य, विज्ञान और जनसेवा के क्षेत्र में अमिट छाप छोड़ी है। राष्ट्रपति भवन में आयोजित यह समारोह भारत की विविधता, प्रतिभा और उत्कृष्टता का जीवंत उत्सव बन गया।

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