जेलेंस्की की रूस को खुली चेतावनी: अब जंग रूस की धरती पर भी पहुंचेगी, मॉस्को पर ड्रोन हमलों से बढ़ा तनाव
रूस के ताजा ड्रोन हमले के बाद यूक्रेन में रेस्क्यू ऑपरेशन जारी, प्रभावित क्षेत्र में आग पर काबू पाने की कोशिश करता फायरफाइटर।
CENTRAL NEWS DESK: यूक्रेन-रूस युद्ध के बीच तनाव एक बार फिर खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने साफ शब्दों में कहा है कि अब युद्ध केवल यूक्रेन की धरती तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि रूस को भी इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी। उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब रूस ने दावा किया कि उसने देशभर में यूक्रेन के करीब 300 ड्रोन मार गिराए, जिनमें मॉस्को की ओर बढ़ रहे कई ड्रोन भी शामिल थे। जेलेंस्की ने एक इंटरव्यू में कहा कि रूस हर दिन यूक्रेन पर हमले कर रहा है और अब यूक्रेन भी हर दिन जवाब देगा। उन्होंने कहा कि यूक्रेन की डिफेंस इंडस्ट्री और सुरक्षा बलों ने “युद्ध को रूस तक वापस ले जाने” की प्रक्रिया शुरू कर दी है। उनके मुताबिक यूक्रेन की जवाबी कार्रवाई आने वाले दिनों में और अधिक शक्तिशाली होगी।
रूस में बढ़ी सुरक्षा चिंता
यूक्रेनी ड्रोन हमलों के बाद रूस में सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं। मॉस्को के एयरपोर्ट पर कुछ समय के लिए उड़ान संचालन भी प्रभावित हुआ। रूसी अधिकारियों का कहना है कि यूक्रेन अब सीमावर्ती क्षेत्रों से आगे बढ़कर रूस के अंदरूनी हिस्सों को निशाना बनाने की रणनीति अपना रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि लगातार ड्रोन हमले रूस पर मनोवैज्ञानिक दबाव बढ़ाने की कोशिश हैं। इससे युद्ध का स्वरूप बदलता दिखाई दे रहा है, जहां दोनों पक्ष एक-दूसरे की धरती पर सीधे हमले करने लगे हैं।
पोलैंड और यूक्रेन के रिश्तों में आई दरार
इसी बीच यूक्रेन और पोलैंड के बीच भी नया विवाद खड़ा हो गया है। विवाद की वजह यूक्रेन द्वारा अपनी एक सैन्य यूनिट का नाम यूक्रेनियन इंसर्जेंट आर्मी (UPA) के नाम पर रखना है। पोलैंड का आरोप है कि द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान UPA के लड़ाकों ने हजारों पोलिश नागरिकों की हत्या की थी। पोलैंड इस घटना को नरसंहार मानता है, जबकि यूक्रेन में UPA को स्वतंत्रता सेनानियों के रूप में देखा जाता है। इस विवाद के चलते पोलैंड के राष्ट्रपति Karol Nawrocki ने राष्ट्रपति Volodymyr Zelenskyy को दिया गया देश का सर्वोच्च सम्मान वापस ले लिया। इसके जवाब में यूक्रेन के कई पूर्व राष्ट्रपतियों और वरिष्ठ नेताओं ने भी अपने पोलिश सम्मान लौटाने का फैसला किया।
ज़ेलेंस्की बोले- पोलैंड हमारा मित्र है
ज़ेलेंस्की ने कहा कि यूक्रेन और पोलैंड दुश्मन नहीं बल्कि साझेदार और मित्र देश हैं। हालांकि उन्होंने चेतावनी दी कि राजनीतिक विवादों को बढ़ावा देने से दोनों देशों के संबंधों में खतरनाक तनाव पैदा हो सकता है। उन्होंने कहा कि यूक्रेनी सैनिक अपने सैन्य यूनिटों के नाम खुद चुनते हैं और राष्ट्रपति होने के नाते उनका कर्तव्य है कि वे अपने सैनिकों का समर्थन करें। ज़ेलेंस्की ने यह भी कहा कि मजबूत यूक्रेन के बिना पोलैंड की सुरक्षा भी मुश्किल हो सकती है।
यूरोप में बढ़ती चिंताएं
युद्ध के बढ़ते दायरे और सहयोगी देशों के बीच उभरते मतभेदों ने यूरोप की चिंता बढ़ा दी है। पिछले सप्ताह G7 और यूरोपीय संघ के नेताओं ने भी युद्ध के बदलते हालात पर चर्चा की थी। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यूक्रेन के ड्रोन हमले और रूस की जवाबी कार्रवाई इसी तरह जारी रही तो संघर्ष और व्यापक हो सकता है। वहीं पोलैंड जैसे करीबी सहयोगी देशों के साथ बढ़ता विवाद यूक्रेन की कूटनीतिक स्थिति को भी प्रभावित कर सकता है। फिलहाल दुनिया की नजरें मॉस्को और कीव दोनों पर टिकी हैं, क्योंकि युद्ध अब एक नए और अधिक आक्रामक चरण में प्रवेश करता दिखाई दे रहा है।
Avneesh Mishra is a young and energetic journalist. He keeps a keen eye on sports, politics and foreign affairs. Avneesh has done Post Graduate Diploma in TV Journalism.
