ट्रम्प का बड़ा दावा: होर्मुज स्ट्रेट के पास ईरान ने गिराया अमेरिकी अपाचे हेलिकॉप्टर, बोले: हम चुप नहीं बैठेंगे
CENTRAL NEWS DESK: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने दावा किया है कि होर्मुज स्ट्रेट के पास अमेरिकी सेना के एएच-64 अपाचे हेलिकॉप्टर को ईरान ने मार गिराया है। ट्रम्प ने इस घटना को बेहद गंभीर बताते हुए कहा कि अमेरिका इस हमले को नजरअंदाज नहीं करेगा और इसका जवाब जरूर देगा। उनके इस बयान के बाद अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। ट्रम्प ने कहा कि हेलिकॉप्टर पर हमला अमेरिकी सेना को सीधी चुनौती देने जैसा है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अमेरिका अपने सैनिकों और सैन्य उपकरणों पर किसी भी हमले को बर्दाश्त नहीं करेगा।

दोनों पायलटों को सुरक्षित बचाया गया
अमेरिकी सेंट्रल कमांड के अनुसार हादसे में शामिल एएच-64 अपाचे हेलिकॉप्टर समुद्र में गिर गया था। हेलिकॉप्टर में मौजूद दोनों पायलटों को सफल रेस्क्यू ऑपरेशन के जरिए सुरक्षित बचा लिया गया। सेंट्रल कमांड के प्रवक्ता कैप्टन टिम हॉकिन्स ने बताया कि दोनों पायलट करीब दो घंटे तक समुद्र में फंसे रहे। उन्हें खोजने और बचाने के लिए पहली बार एक ड्रोन नौका का इस्तेमाल किया गया। ड्रोन नौका ने उनकी लोकेशन का पता लगाया और बचाव दल को सही दिशा दी।
जांच एजेंसियां इस बात का पता लगाने में जुटी
हालांकि ट्रम्प ने सीधे तौर पर ईरान को जिम्मेदार ठहराया है, लेकिन अमेरिकी सैन्य अधिकारियों ने अभी तक आधिकारिक रूप से यह पुष्टि नहीं की है कि हेलिकॉप्टर ईरानी हमले की वजह से गिरा या तकनीकी खराबी के कारण दुर्घटनाग्रस्त हुआ। जांच एजेंसियां इस बात का पता लगाने में जुटी हैं कि हेलिकॉप्टर के क्रैश होने के पीछे वास्तविक वजह क्या थी। इसके बावजूद ट्रम्प के बयान ने राजनीतिक और सैन्य हलकों में हलचल बढ़ा दी है।

इजराइल-ईरान संघर्ष के बीच आया बयान
ट्रम्प का यह दावा ऐसे समय आया है जब ईरान और इजराइल के बीच तनाव फिर से बढ़ गया है। अप्रैल में हुए संघर्षविराम के बाद हाल के दिनों में ईरान ने इजराइल पर करीब 30 बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। जवाब में इजराइल ने ईरान के कई सैन्य ठिकानों, एयर डिफेंस सिस्टम और पेट्रोकेमिकल प्लांट पर हमले किए। इस टकराव ने पूरे पश्चिम एशिया को एक बार फिर युद्ध के मुहाने पर ला खड़ा किया है।
होर्मुज स्ट्रेट क्यों है इतना महत्वपूर्ण?
होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक है। वैश्विक तेल आपूर्ति का बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से होकर गुजरता है। यदि यहां किसी प्रकार का सैन्य संघर्ष बढ़ता है तो इसका सीधा असर अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर अमेरिका और ईरान के बीच तनाव और बढ़ता है तो तेल की कीमतों में बड़ी उछाल देखने को मिल सकती है।
ट्रम्प-नेतन्याहू रिश्तों पर भी चर्चा
इसी बीच खबरें सामने आई हैं कि ट्रम्प और इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के बीच कुछ मुद्दों पर मतभेद बढ़ रहे हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक ट्रम्प ने नेतन्याहू से ईरान पर बड़े पैमाने पर जवाबी कार्रवाई से बचने की सलाह दी है। ट्रम्प ने कथित तौर पर कहा कि संघर्ष को और बढ़ाने से क्षेत्र में हालात और खराब हो सकते हैं।
भारत ने भी जारी की एडवाइजरी
बढ़ते सैन्य तनाव के बीच भारत ने अपने नागरिकों को ईरान की यात्रा टालने और वहां मौजूद भारतीयों को जल्द से जल्द सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी है। भारतीय दूतावास लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त सहायता उपलब्ध कराने की तैयारी कर रहा है।
पूरी दुनिया की नजर अगले कदम पर
अब दुनिया की नजर अमेरिका और ईरान की अगली प्रतिक्रिया पर टिकी है। यदि ट्रम्प के दावे सही साबित होते हैं और अमेरिका जवाबी कार्रवाई करता है तो यह टकराव बड़े क्षेत्रीय संकट में बदल सकता है। फिलहाल जांच जारी है, लेकिन ट्रम्प के बयान ने वैश्विक कूटनीति और सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है।
Avneesh Mishra is a young and energetic journalist. He keeps a keen eye on sports, politics and foreign affairs. Avneesh has done Post Graduate Diploma in TV Journalism.
