गाज़ा में इज़राइल का बड़ा हमला: हमास की गतिविधियों वाले टावर ध्वस्त, 19 की मौत
Delhi News Desk: इज़राइल और हमास के बीच जारी युद्ध ने एक बार फिर भयावह रूप ले लिया है। इज़राइली सेना ने शुक्रवार को गाज़ा सिटी के अल-रिमाल इलाके में स्थित मुश्तहा टावर को मिसाइल हमले से जमींदोज़ कर दिया। सेना का दावा है कि इस बहुमंज़िला इमारत का इस्तेमाल हमास आतंकी गतिविधियों के लिए कर रहा था।
हमले से पहले सेना ने इलाके के लोगों को निकासी का आदेश दिया। चश्मदीदों का कहना है कि इमारत के निवासियों ने अपनी ज़रूरी चीज़ें खिड़कियों से नीचे फेंककर भागने की कोशिश की। इसके बावजूद, हमले के कुछ ही मिनटों बाद पूरी इमारत धराशायी हो गई।
सेना का बयान
इज़राइली सेना ने कहा कि गाज़ा सिटी में कई ऊँची इमारतों को हमास “कमांड और अटैक सेंटर” के तौर पर इस्तेमाल कर रहा है। इन्हीं को अब निशाना बनाया जा रहा है। सेना ने दावा किया कि नागरिकों की सुरक्षा के लिए अग्रिम चेतावनी और निकासी की व्यवस्था की गई थी।
स्थानीय लोगों का दर्द
50 वर्षीय विस्थापित महिला अरज अहमद ने बताया—
“इमारत से निकलने के लिए हमें केवल आधे घंटे का समय मिला। लेकिन हम जैसे लाखों लोग जो पहले से तंबुओं में रह रहे हैं, उनके लिए कोई जगह ही नहीं है। इज़राइल कहता है वह नागरिकों को बचाना चाहता है, पर हमारे लिए तो कहीं भी सुरक्षित ठिकाना नहीं है।”
मौत और तबाही
गाज़ा की सिविल डिफेंस एजेंसी का कहना है कि शुक्रवार को गाज़ा सिटी और उसके आसपास हुए हमलों में कम से कम 19 लोग मारे गए। संयुक्त राष्ट्र का अनुमान है कि इस क्षेत्र में करीब 10 लाख लोग रह रहे हैं और यहां अकाल जैसी स्थिति बन चुकी है।
युद्ध का दायरा बढ़ा
इज़राइल के रक्षा मंत्री इज़राइल काट्ज़ ने हमले के बाद कहा—
“गाज़ा के लिए नर्क के दरवाज़े खोल दिए गए हैं। जब तक हमास हमारे शर्तों को नहीं मानता, अभियान और तेज़ होगा।”
इज़राइली सेना ने दावा किया है कि वह गाज़ा सिटी के करीब 40% हिस्से पर नियंत्रण कर चुकी है और आने वाले दिनों में दक्षिण की ओर लगभग 10 लाख लोगों के विस्थापन की संभावना है।
युद्ध का पृष्ठभूमि
यह संघर्ष अक्टूबर 2023 में हमास के हमले से शुरू हुआ था, जिसमें इज़राइल के 1,219 नागरिक मारे गए थे। इसके बाद इज़राइल की जवाबी कार्रवाई में अब तक 64,300 से अधिक फ़िलिस्तीनियों की मौत हो चुकी है, जिनमें अधिकांश आम नागरिक हैं।
“कोई सुरक्षित जगह नहीं”
गाज़ा निवासी अहमद अबू वुत्फ़ा ने कहा—
“इज़राइल अब ऊँची इमारतों को निशाना बना रहा है। हमारे बच्चे डरे हुए हैं। हम सब सिर्फ यही दुआ कर रहे हैं कि अगर मौत आनी है तो जल्दी आ जाए, क्योंकि अब कहीं भी सुरक्षित जगह नहीं बची है।”
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