भोजशाला विवाद पहुंचा सुप्रीम कोर्ट, मुस्लिम पक्ष की याचिका पर सुनवाई को तैयार शीर्ष अदालत

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CENTRAL NEWS DESK; धार स्थित बहुचर्चित भोजशाला-कमाल मौला मस्जिद विवाद अब सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने मुस्लिम पक्ष की उन याचिकाओं पर सुनवाई के लिए सहमति जताई, जिनमें मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के उस फैसले को चुनौती दी गई है, जिसमें विवादित परिसर को मां सरस्वती का मंदिर माना गया था।

सुप्रीम कोर्ट ने जल्द सुनवाई का दिया भरोसा

मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ के समक्ष मुस्लिम पक्ष की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता हुजेफा अहमदी और अधिवक्ता निजाम पाशा ने जल्द सुनवाई की मांग रखी। इस पर मुख्य न्यायाधीश ने याचिकाओं में मौजूद तकनीकी कमियों को दूर करने का निर्देश देते हुए कहा कि इसके बाद मामले को जल्द ही सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया जाएगा।

हाईकोर्ट ने भोजशाला को माना था मां सरस्वती का मंदिर

गौरतलब है कि 15 मई को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने अपने अहम फैसले में कहा था कि विवादित भोजशाला-कमाल मौला मस्जिद परिसर मां सरस्वती को समर्पित मंदिर है। अदालत ने भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के उस कई दशक पुराने आदेश को भी रद्द कर दिया था, जिसके तहत मुस्लिम समुदाय को परिसर में जुमे की नमाज अदा करने की अनुमति दी गई थी।

हाईकोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया था कि भोजशाला परिसर के प्रशासन और प्रबंधन को लेकर अंतिम फैसला केंद्र सरकार और भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण ले सकते हैं।

दोनों समुदायों का दावा

भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के संरक्षण में मौजूद इस ऐतिहासिक स्मारक पर दोनों समुदाय अपना-अपना दावा करते हैं। हिंदू पक्ष इसे मां सरस्वती का प्राचीन भोजशाला मंदिर मानता है, जबकि मुस्लिम पक्ष का कहना है कि यह 11वीं शताब्दी की कमाल मौला मस्जिद है।

हिंदू पक्ष ने भी दाखिल की कैविएट

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के फैसले के बाद मुस्लिम पक्ष ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। वहीं, हिंदू पक्ष ने भी शीर्ष अदालत में कैविएट दाखिल कर अनुरोध किया है कि इस मामले में कोई भी आदेश पारित करने से पहले उनका पक्ष अवश्य सुना जाए।

अब सुप्रीम कोर्ट में होगी अगली सुनवाई

फिलहाल मामला सुप्रीम कोर्ट में सूचीबद्ध होने का इंतजार कर रहा है। अब शीर्ष अदालत में यह तय होगा कि मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के फैसले पर आगे क्या रुख अपनाया जाएगा। पूरे मामले पर देशभर की नजरें टिकी हुई हैं।

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